दिल्ली में 13 सितंबर, 2008 को हुए सिलसिलेवार विस्फोटों को भले ही तीन साल गुजर गए हों, लेकिन इसके गवाह रहे लोगों की जेहन आज भी वह दर्दनाक मंजर ताजा है.