अमेरिका और भारत के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते की घोषणा के दौरान अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) के ऑफिस ने एक नक्शा पोस्ट किया, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया. इससे पाकिस्तान को गहरा झटका लगा.
उसने तुरंत अमेरिका से संपर्क करके इसे 'गलत' बताते हुए सुधार करने की गुहार लगाई. आखिरकार अमेरिका ने वह पोस्ट ही डिलीट कर दी. यह घटना ट्रंप प्रशासन की भारत के प्रति नरम नीति का संकेत मानी जा रही है.
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क्या हुआ था?
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान को इस नक्शे से भारी शर्मिंदगी हुई. विदेश मंत्रालय ने तुरंत बयान जारी किया...

पाकिस्तान ने अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क किया और नक्शे को 'गलत' बताया. प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि हमने अमेरिका को बताया कि यह नक्शा सही नहीं है. संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा मान्यता प्राप्त नक्शे में जम्मू-कश्मीर को विवादित क्षेत्र दिखाया जाता है, जिसका हल UN के प्रस्तावों के तहत जनमत संग्रह से होना है. पाकिस्तान ने संतोष जताया कि अमेरिका ने जरूरी सुधार किया और पोस्ट डिलीट कर दी.
अमेरिका ने पोस्ट क्यों डिलीट की?
पोस्ट डालने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई कि क्या यह गलती है या ट्रंप प्रशासन की जानबूझकर की गई नीति. भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता को मान्यता देने जैसा यह कदम अमेरिका की पुरानी तटस्थता से अलग था. दबाव और विवाद के बाद USTR ऑफिस ने पूरी पोस्ट ही हटा दी, ताकि बहस खत्म हो जाए.
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ट्रंप की भारत नीति का असर
ट्रंप प्रशासन भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है. व्यापार समझौता इसी का हिस्सा है. नक्शे में PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाना (चाहे गलती से ही क्यों न हो) पाकिस्तान के लिए झटका था. यह दर्शाता है कि अमेरिका अब कश्मीर जैसे मुद्दों पर भारत के पक्ष में झुकाव दिखा सकता है. पाकिस्तान को डर है कि ट्रंप के दौर में भारत-अमेरिका निकटता से उसकी स्थिति कमजोर होगी.
यह घटना छोटी लगती है, लेकिन भारत-पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों में बड़ा संकेत देती है. पाकिस्तान ने जल्दी से अमेरिका से गुहार लगाकर नक्शा सुधरवा लिया, लेकिन ट्रंप प्रशासन की भारत के प्रति नीति से उसकी बेचैनी साफ दिख रही है. आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका व्यापार और रक्षा सहयोग और मजबूत हो सकता है.