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डिफेंस सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग: शिर्डी में देश का पहला 300 KM रेंज वाला रॉकेट सिस्टम 'सूर्यास्त्र' लॉन्च

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिरडी में एक बड़े डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया. इसी दौरान भारत के पहले 300 किलोमीटर यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’ को फ्लैग-ऑफ किया गया.

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शिरडी में लॉन्च हुआ भारत का पहला 300 KM रेंज वाला ‘सूर्यस्त्र’ रॉकेट सिस्टम (Photo: PTI)
शिरडी में लॉन्च हुआ भारत का पहला 300 KM रेंज वाला ‘सूर्यस्त्र’ रॉकेट सिस्टम (Photo: PTI)

महाराष्ट्र के शिरडी में शनिवार को एक बड़ा इवेंट हुआ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मिलकर एक प्राइवेट कंपनी 'NIBE समूह' का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स शिरडी में उद्धाटन किया. यहां सबसे बड़ी बात ये रही कि भारत का पहला 300 किलोमीटर तक मार करने वाला रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम 'सूर्यास्त्र' को यहां से रवाना किया गया.

सूर्यास्त्र भारत का पहला 300 किलोमीटर रेंज वाला यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम है. यानी ये एक ऐसा सिस्टम है जो 300 किलोमीटर दूर तक रॉकेट मार सकता है. इसे इस इवेंट में फ्लैग ऑफ किया गया, यानी औपचारिक तौर पर रवाना किया गया. साथ ही इस सिस्टम के लिए एक मिसाइल कॉम्प्लेक्स की नींव भी रखी गई.

राजनाथ सिंह ने क्या कहा?

राजनाथ सिंह ने इस मौके पर कई बड़ी बातें कहीं. उन्होंने कहा कि जो देश अपने खुद के हथियार बनाता है, वो अपनी किस्मत खुद लिखता है. उन्होंने साफ कहा कि भविष्य की लड़ाइयों में जीत उस देश की होगी जिसके पास बेहतर हथियार और ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी होगी, न कि उसकी जिसके पास बड़ी सेना होगी. 

उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और वेस्ट एशिया की स्थिति का जिक्र किया और कहा कि इन मामलों में यही दिखा है. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया और कहा कि भारत ने उसमें ये क्षमता दिखाई है. उन्होंने कहा कि आज के समय में सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता.

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प्राइवेट सेक्टर की भूमिका पर क्या बोले?

राजनाथ सिंह ने बताया कि पहले भारत में डिफेंस प्रोडक्शन सिर्फ सरकारी कंपनियों और ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों तक सीमित था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसे प्राइवेट सेक्टर के लिए खोला.

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उन्होंने कहा कि पहले प्राइवेट सेक्टर का डिफेंस प्रोडक्शन में योगदान न के बराबर था, अब ये 25 से 30 फीसदी तक पहुंच गया है. सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले सालों में ये 50 फीसदी तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि अब प्राइवेट कंपनियां सिर्फ छोटे-मोटे पुर्जे नहीं बनातीं, बल्कि पूरे हथियार सिस्टम बना रही हैं.

क्यों जरूरी है ये सब?

राजनाथ सिंह ने कहा कि आज दुनिया में ट्रेड, सप्लाई चेन और यहां तक कि रेयर अर्थ मिनरल्स को भी हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसे माहौल में अगर भारत अपने डिफेंस के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहा तो ये खतरनाक होगा. इसीलिए आत्मनिर्भरता सिर्फ युद्ध के लिए जरूरी नहीं, बल्कि शांति, विकास और आर्थिक मजबूती के लिए भी जरूरी है.

NIBE समूह का कॉम्प्लेक्स क्या है?

शिरडी में NIBE समूह नाम की एक प्राइवेट कंपनी ने एक बड़ा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स बनाया है. ये एक ऐसी फैक्ट्री है जहां हथियार और रक्षा से जुड़ी चीजें बनेंगी. इस कॉम्प्लेक्स में बनेगा क्या? यहां एडवांस तोप सिस्टम, मिसाइल और स्पेस टेक्नोलॉजी, रॉकेट सिस्टम, विस्फोटक सामग्री और ऑटोमेटिक डिफेंस प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे.

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