दिल्ली सरकार को बदनाम करने की साजिश के तहत एक वीडियो वायरल किया गया था. ये वीडियो साउथ दिल्ली के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और सांसद के पास भी पहुंचा. वीडियो फर्जी साबित होने के बाद डीएम ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए.
इस वीडियो में बताया गया था कि भाटी माइंस इलाके में दिल्ली सरकार खराब खाना बांट रही है. जांच के बाद वह वीडियो फर्जी निकला. आईटी एक्ट सहित आईपीसी की धाराओं में तीन लोगों पर फर्जी वीडियो वायरल करने के मामले में मुकदमा दर्ज के आदेश दिए गए हैं, जिसके बाद पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है.
इस फर्जी वीडियो का खुलासा साउथ दिल्ली के एडीएम और बीजेपी सांसद ने किया. दरअसल, साउथ दिल्ली के बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी के पास एक वीडियो आया, जिसमें कुछ लोग दाल लेकर बोल रहे थे कि दिल्ली सरकार लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में फंसे दिहाड़ी मजदूरों को घटिया खाना दे रही है. उस वीडियो को संजय भाटी कॉलोनी के सरकारी स्कूल में बने शेल्टर होम का बताया गया.
वीडियो को देख सांसद ने एडीएम अरुण गुप्ता को जांच के लिए कहा, जिसके बाद सांसद और एडीएम ने खुद मौके पर जाकर जांच की तो वीडियो फर्जी पाया गया. इस दौरान एडीएम ने पता किया तो वह वीडियो नत्थुपुरा बुराड़ी इलाके का निकला, लेकिन वहां भी इस तरह का खाना नहीं दिया गया.
एडीएम ने बताया कि इस वीडियो के जरिए केवल दिल्ली सरकार को बदनाम करने के लिए साजिश रची गई थी. वहीं, उन्होंने बताया कि सभी जगह खाना बिल्कुल अच्छी क्वॉलिटी का दिया जा रहा है. इस मामले में आईटी एक्ट और आईपीसी की धाराओं के तहत 3 लोगों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है. उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज का आदेश फतेहपुर बेरी थाने को दिया गया है.