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पेरिस हमलाः पुलिस तलाश रही है एक कार

शुक्रवार की उस काली रात आठ आतंकवादी पेरिस में दाखिल हुए. आठों दो अलग-अलग कारों में सवार होते हैं और फिर शहर के अलग-अलग इलाकों में जाकर कत्लेआम करते हैं. अब फ्रेंच पुलिस उन दो कारों की मदद से उन तमाम लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने हमले में इन आतंकवादियों की मदद की या उन्हें पेरिस में आसरा दिया. इनमें से एक कार पुलिस ने बरामद कर ली है.

कार सवार आतंकियों के हमले में घायल हुए लोगों को पुलिस सुरक्षित स्थान पर ले गई कार सवार आतंकियों के हमले में घायल हुए लोगों को पुलिस सुरक्षित स्थान पर ले गई

शुक्रवार की उस काली रात आठ आतंकवादी पेरिस में दाखिल हुए. आठों दो अलग-अलग कारों में सवार होते हैं और फिर शहर के अलग-अलग इलाकों में जाकर कत्लेआम करते हैं. अब फ्रेंच पुलिस उन दो कारों की मदद से उन तमाम लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने हमले में इन आतंकवादियों की मदद की या उन्हें पेरिस में आसरा दिया. इनमें से एक कार पुलिस ने बरामद कर ली है.

सीरिया से जुड़े हमले के तार

पेरिस पर हुए हमले ने जहां पूरी दुनिया को सकते में डाल दिया, वहीं खुशबुओं का शहर पेरिस मातम से उबर नहीं पा रहा. यह यूरोप में अबतक का पहला आत्मघाती हमला है. पेरिस की धरती खून से लाल हो गई. यह हमला इस एतिहासिक शहर के बाशिंदों को जिदंगी भर का गम दे गया. दरअसल इस हमले के तार सीरिया से जुड़े हैं.

हमले में TAPT के इस्तेमाल की आशंका

पेरिस में खून की होली खेलने आए सातों हमलावर आत्मघाती बम थे. हमले के तुरंत बाद सात में से 6 ने खुद को उड़ा लिया था. जबकि एक हमलावर पुलिस की गोली से मारा गया. हमलावरों के पास
आत्मघाती बेल्ट और क्लाशनिकोव थे. इस हमले में शैतान की मां कहलाने वाले विस्फोटक TAPT का इस्तेमाल किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है. खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि आतंकी तीन टीमों में बंटे हुए थे. और पुलिस को शक है कि कुछ हमलावर भाग निकलने में कामयाब भी रहे हैं. अब पुलिस उन तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

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हमले के बाद चार संदिग्ध गिरफ्तार

हमले के बाद अब जांच का सिलसिला शुरु हो चुका है. फ्रांस की पुलिस तेजी से काम कर रही है. बेल्जियम सरकार के मुताबिक ब्रसेल्स से पकड़े गए तीन संदिग्ध लोगों का संबंध पेरिस हमलों से हैं. बेल्जियम के प्रधानमंत्री चार्ल्स माइकल ने अपने देश में पकड़े गए तीन लोगों में से एक की जानकारी साझा की है. बेल्जियम सरकार के मुताबिक पकड़ा गया एक शख्स धमाके की शाम पेरिस में था. इसके साथ ही लंदन एयरपोर्ट से फ्रांस के एक नागरिक को गिरफ्तार किया गया है. इस शख्स के पास से पुलिस ने हथियार भी बरामद किए हैं.

स्थानीय लोग बने आतंकियों के मददगार

पुलिस जांच कर रही है कि यह शख्स पेरिस हमले में शामिल था या नहीं. हमले के बाद से पेरिस पुलिस की आतंकियों पर काबू पाने की रणनीति बेहद चुस्त रही है. राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने साफ संकेत दिए थे कि हमलों की साजिश विदेश में रची गई लेकिन हमले को अंजाम देने के लिए लोकल मॉड्यूल का इस्मेताल हुआ. यानी हमले में स्थानीय लोग भी शामिल थे. पुलिस उन लोगों की तलाश भी कर रही है, जिन्होंने आतंकियों की मदद की.

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वारदात की जगह मिले दो पासपोर्ट

पुलिस को वारदात की जगह से सीरिया और मिस्र के दो पासपोर्ट मिले हैं. इनमें से एक पासपोर्ट से पता चला है कि पासपोर्ट रखने वाले शख्स ने ग्रीस में कुछ वक्त बिताया था. अब पुलिस जानकारी जुटा रही है कि यह शख्स ग्रीस क्यों गया था? फ्रांसीसी मीडिया के मुताबिक पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि क्या हमलावर सीरिया गए थे. क्या उन्हें वहां किसी तरह की ट्रेनिंग दी गई थी.
 
पुलिस का ध्यान अब गाड़ियों पर

पेरिस के पुलिस प्रमुख के मुताबिक फ़िलहाल पुलिस का सारा ध्यान दो गाड़ियों पर है. पुलिस ने कॉन्सर्ट हॉल के पास से एक गाड़ी बरामद की है, जिस पर बेल्जियम का रजिस्ट्रेशन नंबर है. यह गाड़ी बेल्जियम में रह रहे एक फ़्रांसीसी नागरिक के पास थी. पुलिस को एक दूसरी गाड़ी की तलाश है. जिसका इस्तेमाल दो जगह पर हमले में किया गया था. खुफिया एजेंसियां पेरिस हमलों में शामिल आतंकियों के पीछे पड़ी है.

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सवाल अभी बाकी है

हालांकि यह सवाल अपनी जगह कायम है कि फ्रांस की खुफिया एजेंसियों को आतंकियों के हमले की पहले से जानकारी क्यों नहीं लग पाई. वो भी तब, जब पिछले एक साल से फ्रांस लगातार आतंकियों के रडार पर है.

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