शामली में समाजवादी पार्टी की रैली में चली गोली से बच्चे की मौत के मामले में पुलिस ने 200 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. इसके साथ ही मामले के पांच नाम नामजद आरोपियों की जानकारी देने वालों के लिए पांच हजार रुपये इनाम देने का ऐलान भी किया है.
200 लोगों पर लगी आईपीसी की 5 धाराएं
शामली के ने बताया कि 200 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147 (दंगा भड़काने), 148 (घातक हथियारों के प्रदर्शन और दंगा) 149 और 143 (गैरकानूनी जुटान करने) और 188 ( नियम पालन के सरकारी आदेशों को न मानने) के तहत मामला दर्ज किया गया है. वहीं नामजद आरोपी नई चुनी गई ब्लॉक प्रमुख के पति गय्यूर, सलीम, मुमताज, महताब और नफीस के खिलाफ सूचना देने वाले के लिए पांच हजार रुपये इनाम का ऐलान भी किया गया है.
सीएम अखिलेश यादव का कड़ा रुख
इस बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मारे गए बच्चे के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद करने का ऐलान किया है. उनके प्रवक्ता ने कहा कि दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. उसे सख्त सजा दी जाएगी. इस मामले में बीजेपी ने प्रदेश सरकार की तीखी निंदा की है. पार्टी ने अखिलेश सरकार की तुलना से करते हुए कहा है कि गुंडों को मनमर्जी करने का सरकारी लाइसेंस दिया जा रहा है.
सपा ने की कड़ी कार्रवाई
मामले के चार अन्य आरोपी एहसान, शादाब, रकीब और सादिक को वीडियो क्लीप की मदद से पहचान कर मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया. स्थानीय निकाय चुनाव में जीतने वाली समाजवादी पार्टी उम्मीदवार नफीसा के विजय जुलूस में चली गोली से आठ साल के समी की मौत हो गई थी. समी कैरान इलाके में रिक्शा से अपने घर जा रहा था.
पत्रकारों पर हमला
कैराना से सपा विधायक को उनके 30 समर्थकों के साथ आरोपी बनाया गया है. उनपर घटना को कवर करने गए नामी अंग्रेजी चैनल के दो पत्रकारों को हमला करने और धमकाने का आरोप है. हसन ने इन आरोपों से इनकार किया है. उनका कहना है कि पत्रकारों पर हमले का आरोप सत्तारूढ़ पार्टी की छवि बिगाड़ने की कोशिश है. हसन को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस भेजा है और जीतीं ब्लॉक प्रमुख को सस्पेंड कर दिया है.