Sadhvi Prem Baisa Death Mystery: साध्वी प्रेम बाईसा की डेथ मिस्ट्री का सबसे बड़ा राज़दार अब सामने आ चुका है. वो राज़दार जिसने साध्वी का वो रहस्यमयी सुसाइड नोट लिखा था, जो उनकी मौत के पूरे 4 घंटे बाद साध्वी की आईडी से पोस्ट किया गया. एक ऐसा सुसाइड नोट जो साध्वी के जीते-जी नहीं बल्कि उनकी मौत के बाद लिखा गया था. इस मामले का हर खुलासा हैरान करने वाला है.
अब सवाल ये उठता है कि अगर नोट साध्वी की मौत के बाद ही लिखा गया, तो फिर उसे सुसाइड नोट क्यों कहा जा रहा है? तो इसका जवाब है, कि एक तो सुसाइड नोट खुद साध्वी की आईडी से पोस्ट किया गया और दूसरा ये कि सुसाइड नोट में लिखी गई बातों तो खुद साध्वी ने अपनी मौत से पहले अपने पिता वीरमनाथ को बताया था. कम से कम अब तक की पुलिस की तफ्तीश और साध्वी के पिता वीरमनाथ के ड्राइवर भोमाराम का तो कुछ ऐसा ही कहना है.
28 जनवरी की शाम को साध्वी के बीमार पड़ने से लेकर उनकी मौत के पूरे सिलसिले के दौरान भोमाराम कहां रहा, उसकी गतिविधियां क्या रहीं, इसे लेकर 'आज तक' ने पड़ताल की. हम भोमाराम तक पहुंचे, जिसे साध्वी के सुसाइड नोट का सबसे बड़ा राज़दार बताया जा रहा है. आप भी सुनिए कि हमारे सवालों पर भोमाराम ने क्या जवाब दिया?
भोमाराम के कहे मुताबिक उस रोज वो दिल्ली जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इसी बीच वीरमनाथ ने उन्हें साध्वी की तबीयत बिगड़ने की बात कह कर और उसे अपने पास प्रेक्षा अस्पताल में बुला लिया, लेकिन जब तक वो अस्पताल पहुंचा, तब तक साध्वी की जान जा चुकी थी. और बस इसी मौत के कुछ घंटे के बाद भोमाराम ने साध्वी के पिता वीरमनाथ के कहने पर वो इंस्टा पर साध्वी के नाम से वो नोट लिखा और उसे पोस्ट कर दिया. तब भोमाराम वीरमनाथ के साथ आरतीनगर के मोड़ पर साधु संतों का इंतजार कर रहे थे.
ऐसे माहौल में जब कोई अपनी बेटी को खो चुका हो, आखिर वो इतनी बड़ी मुसीबत के दौरान अपनी बेटी की आईडी से कोई पोस्ट कैसे और क्यों लिखवा सकता है? अब तक की तफ्तीश के ये साफ हो चुका है कि बाईसा के पास दो मोबाइल फोन थे, जिसमें एक मोबाइल फोन का इस्तेमाल वो सोशल मीडिया हैंडल के लिए किया करती थी और साध्वी की मौत के बाद ये फोन उनकी गाड़ी में ही पड़ा हुआ था, जिससे भोमाराम ने वो पोस्ट लिखा था.
फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में 37 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है. जिसमें साध्वी के नाते-रिश्तेदारों के अलावा, उनके आश्रम में रहने वाले लोग और प्रेक्षा अस्पताल के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, साध्वी इंजेक्शन लगाने वाला कंपाउंडर समेत बाकी लोग शामिल हैं. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर करीब 40 कांटैक्ट्स को रडार पर लिया है, जिनकी मूवमेंट, कॉल ट्रेल और आपसी कनेक्शन की गहराई जे जांच की जा रही है. यह भी परखा जा रहा है कि इन संपर्कों के बीच कोई ऐसा लिंक तो नहीं, जो अब तक जांच से बाहर रहा हो.
पुलिस घटना वाले दिन के साध्वी का मिनट-टू-मिनट टाइमलाइन कर रही तैयार कर रही है. मसलन साध्वी कहां से आईं? कितनी देर कहां रुकीं? किस परिस्थिति में पहुंचीं? और तबीयत कब व कैसे बिगड़ी? इन सभी सवालों के जवाब जुटाने के लिए कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी इनपुट और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारियों को एक साथ मिलान कर देखा जा रहा है.
सुसाइड नोट का रहस्य कितना गहरा है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि जांच के लिए बनाई गई पुलिस की एसआईटी में कुछ ऑफिसर्स को साध्वी के सोशल मीडिया से जुड़ी जानकारियों को ट्रैक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसी बीच साध्वी की मौत के बाद सामने आए इंस्टा पोस्ट ने पूरे मामले को और उलझा दिया. साध्वी की मौत के करीब चार घंटे बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट किया गया, जिसे सुसाइड नोट माना गया. पहले कयास लगाए गए कि यह पोस्ट खुद साध्वी ने मौत से पहले लिखी थी. अब पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पोस्ट न तो साध्वी ने लिखा था और न ही उन्होंने पोस्ट किया था.
अब इस बात का खुलासा हो चुका है कि यह पोस्ट साध्वी के ड्राइवर भोमाराम ने लिखा और पोस्ट किया था. पूछताछ में खुलासा हुआ कि पोस्ट का कंटेंट साध्वी के पिता वीरमनाथ ने ड्राइवर को बताया था. वीरमनाथ ने पुलिस को बताया कि प्राइवेट वीडियो लीक होने के बाद से उनकी बेटी मानसिक रूप से बेहद परेशान थी. अस्पताल जाने से पहले साध्वी ने कहा था कि यदि वो जिंदा न रह सकें, तो कम से कम उन्हें इंसाफ जरूर मिलना चाहिए.
इसी भावनात्मक हालत में वीरमनाथ ने वह पोस्ट ड्राइवर से लिखवाया. फिलहाल पुलिस वीरमनाथ और ड्राइवर भोमाराम के बयानों को क्रॉस-चेक कर रही है. साध्वी की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए अब तक कई राउंड की पूछताछ हो चुकी है और सभी बयानों की वीडियोग्राफी भी करवाई गई है. जांच पूरी तरह फॉरेंसिक साक्ष्यों पर टिकी है.
पुलिस ने साध्वी के अंदरुनी अंगों के अलावा उनके रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों के करीब 40 सैंपल रसायनिक जांच के लिए भेजे हैं. इनमें रसोई का सामान, कपड़े, कंघी, इंजेक्शन के रैपर, नीडल और दवाएं शामिल हैं. साध्वी के तीनों मोबाइल फोन भी पुलिस के कब्जे में हैं. दो फोन के पासवर्ड मिल चुके हैं, जबकि तीसरे फोन का कोड फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से क्रैक किया जा रहा है.
इसके साथ ही पुलिस उस प्राइवेट वीडियो में नजर आ रही तीसरी महिला से भी पूछताछ करने की तैयारी में है, जिसने इस पूरे मामले को पहली बार सुर्खियों में ला दिया था. कहने की जरूरत नहीं कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का सच अब विसरा रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच पर टिका है. जब तक ये रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक इंजेक्शन, सुसाइड नोट और साजिश के सवाल बने रहेंगे.
(जोधपुर से डॉ. अशोक शर्मा का इनपुट)