scorecardresearch
 

मराठा आरक्षण हिंसा की जांच का मामला, विवादित IPS संदीप कार्णिक बनाए गए SIT के प्रमुख

आईपीएस संदीप कार्णिक और तीन अन्य अधिकारियों पर अगस्त 2011 में पुणे जिले की मावल तहसील में किसानों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान अनुचित गोलीबारी कराने का आरोप लगाया गया था, उस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई थी.

Advertisement
X
IPS कार्णिक पर अगस्त 2011 में पुणे में किसानों पर गोली चलवाने का आरोप है
IPS कार्णिक पर अगस्त 2011 में पुणे में किसानों पर गोली चलवाने का आरोप है

महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को IPS अधिकारी संदीप कार्णिक को मराठा कोटा हिंसा की जांच के लिए बनाए गए विशेष जांच दल (SIT) का प्रमुख नियुक्त किया है. ये वही आईपीएस अधिकारी हैं, जिनका नाम साल 2011 में किसानों पर हुई गोलीबारी की रिपोर्ट में आया था.

दरअसल, आईपीएस संदीप कार्णिक और तीन अन्य अधिकारियों पर अगस्त 2011 में पुणे जिले की मावल तहसील में किसानों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान अनुचित गोलीबारी कराने का आरोप लगाया गया था, उस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई थी. 

पीटीआई के मुताबिक, महाराष्ट्र राज्य के गृह विभाग ने एक आदेश जारी कर कहा कि आईपीएस अधिकारी कार्णिक उस एसआईटी का नेतृत्व करेंगे, जो कुछ महीने पहले मराठा आरक्षण विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा की गहन जांच करेगी.

अक्टूबर 2023 में आरक्षण विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा की सूचना मिली थी, जिसमें बीड में दो विधायकों के घरों और अन्य संपत्तियों में तोड़फोड़ और आग लगा दी गई थी.

इस मामले में राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि एसआईटी को अगले तीन महीनों में अपनी रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है, जिसमें सोशल मीडिया और संचार के अन्य माध्यमों के माध्यम से दुर्भावनापूर्ण और फर्जी जानकारी फैलाकर लोगों को हिंसा के लिए उकसाने के जानबूझकर किए गए प्रयास जैसे मुद्दे शामिल होंगे. विशेषज्ञों को आमंत्रित करने और राज्य सरकार की सहमति से अधिक लोगों को शामिल करने के लिए एसआईटी प्रमुख के पास विशेष शक्तियां होंगी.

---- समाप्त ----

Advertisement
Advertisement