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Crime Katha: प्लास्टिक ड्रम में कटा हुआ सिर, बोरे में लाश के टुकड़े और एक हाथ गायब... दहला देगी लुधियाना के दविंदर की मर्डर मिस्ट्री

पंजाब के लुधियाना से मेरठ के नीले ड्रम जैसा मामला सामने आया है. जहां दविंदर कुमार नामक एक शख्स की हत्या कर दी गई और फिर उसकी लाश के टुकड़े ड्रम और बोरे में भरकर एक खाली प्लॉट में फेंक दिए गए. लाश के पोस्टमार्टम में हत्या से पहले इंजेक्शन देने के संकेत मिले हैं. पढ़ें कत्ल की खौफनाक कहानी.

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पुलिस ने आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया है (फोटो-ITG)
पुलिस ने आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया है (फोटो-ITG)

Ludhiana Murder Case: पंजाब के लुधियाना से सामने आए एक खौफनाक हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया है. जालंधर बाइपास के पास एक खाली प्लॉट में सफेद प्लास्टिक के ड्रम और बोरे में युवक की कटी हुई लाश मिलने से सनसनी फैल गई. गुरुवार सुबह एक राहगीर को ड्रम से तेज बदबू आई, जिससे उसे शक हुआ. उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब ड्रम खोला तो अंदर का मंजर देखकर सभी सन्न रह गए. यह वारदात मेरठ के चर्चित नीले ड्रम की याद दिलाने वाली थी.

मुंबई से लौटा था दविंदर
मृतक की पहचान 35 वर्षीय दविंदर कुमार के रूप में हुई है, जो लुधियाना की भारती कॉलोनी का रहने वाला था. दविंदर पेशे से ग्राफिक डिजाइनिंग और डिजिटल प्रिंटिंग मशीनों से जुड़ा काम करता था. वह पिछले 4–5 महीनों से मुंबई में काम कर रहा था और दो दिन पहले ही लुधियाना लौटा था. परिवार के मुताबिक दविंदर मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति था. उसकी शादी हो चुकी थी और उसकी करीब 7 महीने की एक मासूम बेटी भी है.

पोस्टमार्टम में चौंकाने वाला खुलासा
इस मामले में गठित तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम के दौरान बड़ा खुलासा किया है. डॉक्टरों को दविंदर के बाएं हाथ पर इंजेक्शन लगाए जाने के साफ निशान मिले हैं. इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले उसे किसी नशीले या जहरीले पदार्थ का इंजेक्शन देकर बेहोश किया गया. हालांकि मौत की असली वजह विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी. विसरा सैंपल फॉरेंसिक साइंस लैब भेज दिए गए हैं.

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छह टुकड़ों में काटा गया शव
पोस्टमार्टम के लिए लाश के छह टुकड़ों को अस्पताल लाया गया था. हैरानी की बात यह रही कि लाश का दायां हाथ मौके से बरामद नहीं हुआ. पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शरीर के कुछ हिस्से अलग-अलग जगहों पर फेंके हैं. इसी वजह से आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. जांच अधिकारी मानते हैं कि हत्या बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई.

दोस्त ही निकला कातिल
इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस ने मृतक के दोस्त शमशेर सिंह उर्फ शेरा और उसकी पत्नी कुलदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया है. शेरा पेशे से बढ़ई बताया जा रहा है और मृतक के घर के पास ही रहता था. पुलिस के अनुसार दोनों पति-पत्नी ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है. गिरफ्तारी के बाद दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है.

दोस्ती से दुश्मनी तक का सफर
जांच में सामने आया है कि दविंदर और शेरा गहरे दोस्त थे. दविंदर मुंबई से लुधियाना डिजिटल प्रिंटिंग मशीनें खरीदने के लिए आया था. इसी दौरान दोनों की मुलाकातें बढ़ीं. लेकिन पैसों के पुराने लेन-देन को लेकर उनके बीच तनाव चल रहा था. पुलिस को शक है कि यही विवाद धीरे-धीरे जानलेवा झगड़े में बदल गया.

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नशे में हुई बहस, फिर हत्या
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समीर वर्मा के मुताबिक 6 जनवरी को दविंदर शेरा के घर गया था. दोनों ने वहां ‘चिट्टे’ यानी हेरोइन का सेवन किया. नशे की हालत में पैसों को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई. गुस्से में आकर शेरा ने दविंदर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. इसके बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की साजिश रची.

आरी से किए गए 6 टुकड़े
हत्या के बाद सबसे बड़ा काम था लाश को ठिकाने लगाने का. लिहाजा, शेरा ने अपनी आरी (हैंडसॉ) की मदद से दविंदर की लाश के छह टुकड़े किए. इस काम में उसे करीब ढ़ाई घंटे का वक्त लगा. इसके बाद दविंदर के कटे हुए सिर को सफेद प्लास्टिक के एक ड्रम में डाला गया, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों को बोरे में भर दिया गया. इसके बाद इन टुकड़ों को अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगाया गय. आरोपी की यह करतूत जानकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए. 

पत्नी ने भी दिया साथ
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शेरा की पत्नी कुलदीप कौर ने इस पूरे अपराध में उसका साथ दिया. उसने लाश के टुकड़े ठिकाने लगाने में मदद की और सबूत छुपाने की कोशिश की. पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था.

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सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. एक फुटेज में आरोपी बाइक पर एक छोटा ड्रम ले जाते हुए नजर आया. पीछे से कोई दूसरा व्यक्ति ड्रम को संभालता हुआ दिख रहा है. परिवार ने फुटेज देखकर शेरा की पहचान कर ली, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की.

राहगीर ने दी पुलिस को खबर
अगर एक राहगीर की नजर उस छोटे सफेद ड्रम पर न पड़ती, तो यह मामला लंबे समय तक दबा रह सकता था. बदबू आने पर उसने साहस दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम को बुलाया और सबूत जुटाए. ड्रम में लाश के हिस्सों को जबरन ठूंसा गया था और कुछ हिस्से जले हुए भी पाए गए है.

अन्य अंगों की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक, दविंदर की लाश के कुछ अन्य अंग अभी भी बरामद नहीं हुए हैं. इसी कड़ी में जालंधर बाइपास और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है ताकि अपराध की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके.

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
दविंदर की हत्या की खबर से उसका परिवार पूरी तरह टूट गया है. उसकी पत्नी विधवा हो गई और मासूम बेटी के सिर से पिता का हाथ उठ गया. परिजनों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा भी नहीं था कि उनका दोस्त ही उसका कातिल निकलेगा. परिवार आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहा है.

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विसरा रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल, पुलिस को विसरा रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट से यह साफ हो सकेगा कि दविंदर की मौत इंजेक्शन से हुई या मारपीट के कारण. इसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ धाराएं और भी सख्त की जा सकती हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.

दोस्ती का खौफनाक अंजाम
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि भरोसे और दोस्ती के खौफनाक अंत की कहानी है. नशा, पैसों का लालच और गुस्से ने एक इंसान को हैवान बना दिया. लुधियाना का यह ड्रम मर्डर केस पूरे समाज के लिए एक डरावनी मिसाल बनकर सामने आया है.

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