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Crime Katha: लूटपाट का ड्रामा, हत्या की साजिश... 21 साल के प्रेमी संग मिलकर किया सास का मर्डर, दहला देगी इनसाइड स्टोरी

जुर्म की दुनिया से आए दिन ऐसी खबरें सामने आती हैं, जो इंसान को अंदर तक खौफजदा कर देती हैं. ऐसा ही एक सनसनीखेज कत्ल का मामला नवाबों के शहर लखनऊ से सामने आया है. जहां एक बहु ने अपने कमउम्र आशिक के साथ मिलकर एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया कि अब हरफ उसका चर्चा हो रहा है. पढ़ें पूरी कहानी.

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पुलिस ने तेज तफ्तीश कर कत्ल का खुलासा कर दिया (फोटो-ITG)
पुलिस ने तेज तफ्तीश कर कत्ल का खुलासा कर दिया (फोटो-ITG)

Crime Katha: आए दिन हम आपको जुर्म की दुनिया से जुड़ी ऐसी खबरें दिखाते और बताते हैं, जो इंसानी रिश्तों को तार-तार करती नजर आती हैं. यूपी की राजधानी लखनऊ के महानगर इलाके से एक ऐसी खौफनाक कहानी सामने आई है, जिसने रिश्तों की परिभाषा ही बदलकर रख दी. ये कत्ल की कहानी जो भी सुन रहा है, वो हैरान है. क्योंकि खून की ये कहानी थोड़ी अलग है. इस कहानी में एक बुजुर्ग सास है और उसकी बहू. साथ में है तीसरा किरदार बहू का आशिक. ये महज एक मर्डर केस नहीं, बल्कि अवैध संबंध और धोखे की उलझी कहानी है. 

ये कहानी शुरू होती है लखनऊ के महानगर इलाके से. जहां मौजूद एक घर में नीचे की मंजिल पर एक पूरा परिवार रहता था. वर्मा परिवार में घर के मुखिया हैं त्रिदेश वर्मा. घर में रहती हैं उनकी मां निर्मला देवी. उनकी 36 साल की पत्नी रंजना वर्मा. बेटा आदित्य. बड़ी बेटी अंशिका और एक छोटी मासूम बेटी. ये पूरा परिवार सुकून की जिंदगी जी रहा था. इसी दौरान उन्होंने घर की ऊपरी मंजिल पर एक नौजवान राजन शर्मा को किराएदार रख लिया. 

महज 21 साल का राजन शर्मा धीरे-धीरे वर्मा परिवार में घुल मिल गया. या यूं कहें कि उस परिवार का हिस्सा बनता चला गया. उसकी सबसे करीबी रिश्ता घर की बहू रंजना के साथ था. वक्त गुजरते गुजरते रंजना और राजन के बीच की दूरी कम होने लगी. उम्र का फासला और सामाजिक मर्यादाएं धीरे-धीरे पीछे छूटती चली गईं. और शुरू हुआ एक ऐसा रिश्ता, जिसे छुपाना जरूरी था.

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करीब चार सालों तक यह रिश्ता परदे के पीछे चलता रहा. लेकिन घर की दीवारें भी कब तक राज छुपातीं? वर्मा परिवार को इस रिश्ते की भनक लग चुकी थी. खासकर सास रंजना की सास निर्मला देवी इस रिश्ते के खिलाफ खुलकर खड़ी हो गई थीं. वह बार-बार रंजना को समझातीं, टोकतीं और रोकतीं. घर में आए दिन इसी बात को लेकर झगड़े होने लगे. रंजना के लिए यह रिश्ता उसकी चाहत बन चुका था, जबकि सास के लिए यह परिवार की मर्यादा का सवाल था.

तनाव धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि सास अब रंजना को अपनी राह का सबसे बड़ा रोड़ा नजर आने लगीं. यह विरोध अब केवल बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मन में गहराती नफरत में बदल गया. वहीं राजन भी इस रिश्ते को हर हाल में बचाए रखना चाहता था. दोनों के बीच बातचीत अब छुपकर नहीं, बल्कि एक योजना का रूप लेने लगी. यह वही दौर था, जब उस घर में एक खौफनाक साजिश जन्म ले रही थी.

शक, साजिश और वारदात
21 मार्च यानी शनिवार का दिन था. घर में एक अजीब-सी खामोशी थी. घर की मुखिया निर्मला देवी का बेटा त्रिदेश वर्मा नौकरी पर जा चुका था. उनका पोता आदित्य अपने काम पर निकल चुका था और बड़ी बेटी अंशिका रिश्तेदारी में गई हुई थी. घर में सिर्फ रंजना, उसकी छोटी बच्ची और सास निर्मला देवी मौजूद थीं. यही वह मौका था, जिसका इंतजार रंजना और राजन कर रहे थे. दोपहर करीब 2 बजे घर के अंदर लगा CCTV कैमरा अचानक बंद हो गया. यह कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि साजिश का हिस्सा था.

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कैमरा बंद होते ही रंजना ने राजन को बुलाया और साथ मिलकर अपनी सास को काबू में कर लिया, उनके हाथ-पैर बांधे गए और फिर बेरहमी से उनका गला दबा दिया गया. कुछ ही मिनटों में निर्मला देवी की जिंदगी खत्म हो गई. उस वक्त घर में सन्नाटा छा गया, लेकिन यह सन्नाटा ज्यादा देर तक रहने वाला नहीं था. अब बारी थी इस कत्ल को छुपाने की. हत्या के बाद रंजना और उसका प्रेमी राजन घर से बाहर चले गए. 

घर के बाहर लगे CCTV कैमरों में दोनों साथ दिखाई दिए. कुछ दूरी पर जाकर उन्होंने कैमरा दोबारा ऑन किया, ताकि शक की सुई उनकी तरफ ना घूमें. लेकिन अपराध की दुनिया में छोटी-सी गलती भी बड़ा सबूत बन जाती है. यह चालाकी ही उनके खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बन गई. 

असल में जब रंजना का बेटा आदित्य घर लौटा, तो उसने देखा कि घर में उसकी दादी बेजना पड़ी थी. उनकी लाश देखकर वह घबरा गया और तुरंत अपनी मां रंजना को फोन किया. अब रंजना के पास कोई विकल्प नहीं था. वह वापस घर लौटी और रोना-धोना शुरू कर दिया. उसने ऐसा माहौल बनाया, जैसे घर में लूटपाट हुई हो और किसी ने सास की हत्या कर दी हो. निर्मला देवी के बेटे त्रिदेश वर्मा को भी घटना के बारे में जानकारी दी गई और पुलिस को मौके पर बुलाया गया.

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पहली नजर में यह कहानी सच भी लग सकती थी. लेकिन पुलिस की नजरें बहुत तेज होती हैं. इस वारदात की जांच पड़ताल शुरू हुई तो CCTV फुटेज ने रंजना की बनाई सारी कहानी बदल डाली. अंदर का कैमरा ठीक उसी समय बंद हुआ, जब हत्या हुई थी. बाहर के कैमरे में बहू अपने प्रेमी के साथ जाती दिखी. डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया और स्निफर डॉग सीधे राजन शर्मा तक जा पहुंचा. पूछताछ के दौरान वो घबरा गया और उसका गुनाह उसके चेहरे साफ दिख रहा था. पहले राजन टूटा और फिर रंजना. इस तरह पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया.

अब सच्चाई सामने आ चुकी थी. यह हत्या किसी बाहरी शख्स या बदमाश ने नहीं, बल्कि घर की बहू ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी. रंजना और राजन ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया. क्योंकि सास उनके रिश्ते के बीच सबसे बड़ी दीवार बन चुकी थीं. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है. अब वर्मा परिवार के घर में मातम पसरा है और इलाके में धोखे और अवैध संबंध की ये कहानी हर किसी की जुबान पर है.

(लखनऊ से आशीष श्रीवास्तव का इनपुट)

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