ED raid on YouTuber Anurag Dwivedi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उत्तर प्रदेश के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी से जुड़े एक अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई एक अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़े धन शोधन मामले में की गई है. ED के अनुसार, यह छापेमारी उन परिसरों पर की गई है, जिनका सीधा या परोक्ष संबंध अनुराग द्विवेदी से है. जांच एजेंसी का कहना है कि मामला करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन से जुड़ा हुआ है. इस कार्रवाई से पूरे सोशल मीडिया और ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क में हड़कंप मच गया है.
कई शहरों में एक साथ छापेमारी
ED ने 31 दिसंबर और 1 जनवरी को दिल्ली, मुंबई, सूरत, लखनऊ और वाराणसी समेत कुल नौ ठिकानों पर छापेमारी की. इन रेड्स के दौरान एजेंसी ने अनुराग द्विवेदी की लग्जरी गाड़ियों को जब्त किया. जब्त वाहनों में एक लैंड रोवर डिफेंडर और एक BMW Z4 शामिल है. ED का कहना है कि ये गाड़ियां कथित तौर पर अवैध कमाई से खरीदी गई थीं. अधिकारियों ने कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी कब्जे में लिए हैं. यह कार्रवाई जांच के दूसरे चरण का हिस्सा बताई जा रही है.
पहले भी जब्त हो चुकी हैं महंगी कारें
इससे पहले दिसंबर के तीसरे हफ्ते में ED ने इस मामले में पहली बार छापेमारी की थी. उस दौरान भी अनुराग द्विवेदी से जुड़ी चार महंगी गाड़ियां जब्त की गई थीं. इनमें लेम्बोर्गिनी उरुस, मर्सिडीज, फोर्ड एंडेवर और थार शामिल थीं. इसके अलावा एजेंसी ने उस समय 20 लाख रुपये नकद भी बरामद किए थे. ED का दावा है कि ये सभी संपत्तियां अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं. लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है.
दुबई में रह रहा है आरोपी यूट्यूबर
ED के अनुसार, अनुराग द्विवेदी फिलहाल दुबई में रह रहा है और जांच में सहयोग नहीं कर रहा है. एजेंसी ने बताया कि उसे कई बार समन जारी किए गए, लेकिन वह अब तक पेश नहीं हुआ. ED ने इसे जांच से बचने की कोशिश बताया है. जांच एजेंसी का मानना है कि विदेश में रहकर आरोपी ने अपनी अवैध संपत्तियों को सुरक्षित रखने की कोशिश की. इसी कारण अंतरराष्ट्रीय लेन-देन और विदेशी संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है.
PMLA के तहत दर्ज है मामला
यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज किया गया है. ED की यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू हुई थी. FIR में धोखाधड़ी, जालसाजी और अवैध सट्टेबाजी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे. एजेंसी का कहना है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध धन इकट्ठा किया गयाई. उसी धन को बाद में अलग-अलग तरीकों से वैध दिखाने की कोशिश की गई.
अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म के प्रचार का आरोप
ED का आरोप है कि अनुराग द्विवेदी ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से संचालित अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म का सक्रिय रूप से प्रचार किया. जांच में सामने आया है कि इसके बदले उसे ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ यानी अपराध से अर्जित धन मिला. यह पैसा हवाला चैनलों और म्यूल अकाउंट्स के जरिए ट्रांसफर किया गया. एजेंसी का दावा है कि इसी अवैध कमाई से दुबई में अचल संपत्तियां भी खरीदी गईं.
दुबई में रियल एस्टेट निवेश के सबूत
ED ने छापेमारी के दौरान ऐसे दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं, जिनसे दुबई में रियल एस्टेट निवेश का खुलासा हुआ है. एजेंसी के मुताबिक, ये निवेश हवाला के जरिए किए गए थे. इसके अलावा करीब 3 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा पॉलिसियां और बैंक जमा भी जब्त की गई हैं. ED का कहना है कि ये सभी निवेश अवैध कमाई से जुड़े हुए हैं. जांच अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आगे बढ़ सकती है.
अब तक 27 करोड़ की संपत्ति अटैच
इस मामले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. ED ने अगस्त 2025 में कोलकाता की विशेष PMLA अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की है. एजेंसी पहले ही करीब 27 करोड़ रुपये की संपत्ति को फ्रीज या अटैच कर चुकी है. ED का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं. यह केस ऑनलाइन सट्टेबाजी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है.