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सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी पर ED का शिकंजा, मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के दौरान छह लोग गिरफ्तार

धन शोधन का यह मामला राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा की गई एक पूर्व जांच से जुड़ा है. अधिकारियों ने मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट से 293.81 किलोग्राम हेरोइन सहित बड़ी मात्रा में हेरोइन जब्त की, जिसे संधू एक्सपोर्ट्स नामक एक कंपनी द्वारा आयातित कंटेनरों में छिपाया गया था.

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ED ने इस मामले में 6 लोगों को पकड़ा है (फोटो- Meta AI)
ED ने इस मामले में 6 लोगों को पकड़ा है (फोटो- Meta AI)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अफगानिस्तान, ईरान और भारत में सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी के एक बड़े मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है. ये गिरफ्तारियां बड़े पैमाने पर हेरोइन की तस्करी करने वाले एक रैकेट से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान की गई हैं.

पकड़े गए लोगों की पहचान लवजीत सिंह उर्फ ​​लब्बा, मनजीत सिंह उर्फ ​​मन्ना, प्रभजीत सिंह, गुरजोत सिंह, रमनदीप सिंह और गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है. ईडी ने पहले दो संदिग्धों को 11 अक्टूबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था. बाकी चार को 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर के बीच हिरासत में लिया गया था.

धन शोधन का यह मामला राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा की गई एक पूर्व जांच से जुड़ा है. अधिकारियों ने मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट से 293.81 किलोग्राम हेरोइन सहित बड़ी मात्रा में हेरोइन जब्त की, जिसे संधू एक्सपोर्ट्स नामक एक कंपनी द्वारा आयातित कंटेनरों में छिपाया गया था. इसके बाद हरियाणा के फरीदाबाद में दो वाहनों और एक फ्लैट से अतिरिक्त 352.71 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई. 

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ईडी के अनुसार, आरोपी पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों में हेरोइन की तस्करी, भंडारण और वितरण के लिए जिम्मेदार एक सुव्यवस्थित सिंडिकेट का हिस्सा थे. उन्होंने कथित तौर पर टैल्क स्टोन और जिप्सम पाउडर के शिपमेंट के भीतर हेरोइन छिपाई थी. प्रभजीत सिंह के स्वामित्व वाली संधू एक्सपोर्ट्स को तस्करी गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए एक फ्रंट कंपनी के रूप में इस्तेमाल किया गया था. 

जांच से पता चला कि आरोपियों ने अवैध धन की उत्पत्ति को छिपाने के लिए विभिन्न हथकंडे अपनाए. उल्लेखनीय रूप से अफगानी सप्लायर्स का पेमेंट तब तक लेट किया गया, जब तक कि ड्रग्स स्थानीय बाजारों में नहीं बिक गए, जिससे पैसे का पता लगाना और भी मुश्किल हो गया. ईडी ने यह भी पाया कि सिंडिकेट ने टोयोटा फॉर्च्यूनर, इटियोस और हुंडई वर्ना सहित सेकेंड-हैंड वाहन खरीदने के लिए नकदी का इस्तेमाल किया, जिनका इस्तेमाल ड्रग तस्करी के लिए किया गया था. 

इसके अलावा, उन्होंने हाई-एंड स्मार्टफोन खरीदे और अपनी गतिविधियों को समन्वित करने के लिए एन्क्रिप्टेड संचार ऐप का इस्तेमाल किया. अफगानिस्तान और ईरान से तस्कर कर लाई गई ड्रग्स को न्हावा शेवा पोर्ट के माध्यम से ले जाया गया और मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक किराए के गोदाम में जमा किया गया. वहां से, उन्हें छोटी मात्रा में यानी आमतौर पर 10 किलोग्राम की मात्रा में स्थानीय बाजारों में वितरित किया गया ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इसकी भनक ना लगे.

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