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'चॉकलेट के बदले बच्चों का करते थे यौन शोषण', CBI ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट, कई बड़े खुलासे किए

29 अप्रैल, 2022 को सीबीआई ने दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था. जिसमें एक यूपी के बांदा जिले का निवासी है और दूसरा बिहार के पटना का रहने वाला है. आरोप है कि दोनों ने जनवरी 2015 और फरवरी 2016 के बीच फोटो और वीडियो समेत कई तरह की बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) को शेयर किया.

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बाल शोषण मामले में CBI की चार्जशीट बाल शोषण मामले में CBI की चार्जशीट

सीबीआई ने बच्चों का यौन शोषण करने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के एक निलंबित इंजीनियर सहित चार आरोपियों के खिलाफ चंदौली की एक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. दरअसल, 29 अप्रैल, 2022 को सीबीआई ने दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था. जिसमें एक यूपी के बांदा जिले का निवासी है और दूसरा बिहार के पटना का रहने वाला है. आरोप है कि दोनों ने जनवरी 2015 और फरवरी 2016 के बीच फोटो और वीडियो समेत कई तरह की बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) को शेयर किया.  

इस दौरान अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एक कनिष्ठ अभियंता रामभवन के ठिकानों पर छापेमारी की थी. जिसमें मोबाइल फोन, माइक्रो एसडी कार्ड, हार्ड डिस्क और अन्य सामान सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी. सीबीआई के अनुसार, पटना निवासी आरोपी अजीत कुमार, जो राउरकेला (ओडिशा) में दक्षिण पूर्व रेलवे में सहायक लोको पायलट के रूप में कार्यरत था, कथित तौर पर ब्ल्यूड एंड ग्राइंडर (मोबाइल एप्लिकेशन) के माध्यम से कई अज्ञात व्यक्तियों के संपर्क में था.

अजीत कुमार यूपी के चंदौली निवासी अजय कुमार गुप्ता के संपर्क में भी था, जिसके साथ वह पैसे के बदले बाल यौन शोषण सामग्री साझा, प्रसारित और एकत्र कर रहा था.

लालच देकर बच्चों की तस्वीरें लीं

सीबीआई ने कहा, "यह पता चला है कि उक्त व्यक्ति (अजय कुमार गुप्ता) ने नाबालिग पीड़ितों के साथ दोस्ताना तरीके से बातचीत करके, उन्हें वीडियो गेम खेलने के लिए अपना मोबाइल फोन देकर, उन्हें चॉकलेट/मिठाई छोटे उपहार और कुछ पैसे देकर लालच दिया था." अजय ने कथित तौर पर पीड़ित बच्चों की नग्न तस्वीरें लीं और उनके शोषण के खिलाफ आवाज उठाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी.

अधिकारियों ने कहा, “अजय कुमार और अजीत कुमार दोनों ने कथित तौर पर नाबालिग पीड़ितों का यौन शोषण किया और कथित तौर पर नाबालिग बच्चों (मानसिक/शारीरिक/मनोवैज्ञानिक) को एक-दूसरे के साथ यौन गतिविधियां करने के लिए उकसाया ताकि इसे रिकॉर्ड किया जा सके."

अजय कुमार और अजीत ने कथित तौर पर 2019 से 2022 के दौरान तीनों बच्चों के साथ अन्य व्यक्तियों द्वारा शारीरिक रूप से यौन शोषण करने के मुद्दे को उजागर किया. अधिकारियों ने आरोप लगाया कि नाबालिग पीड़ितों के पास दोनों आरोपियों के निर्देशों का पालन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था.

चंदौली के निजी संस्थान मालिक ने भी किया शोषण

सीबीआई के अनुसार, बाद में अजय कुमार ने अविनाश कुमार सिंह (चंदौली में एक निजी संस्थान के मालिक) को नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के लिए भी बुलाया. अविनाश ने भी कथित तौर पर पीड़ितों से मुलाकात की और उनका शोषण किया. 

सीबीआई ने कहा. “जांच के दौरान यह पाया गया कि नाबालिग पीड़ितों को एक दूसरे के साथ यौन गतिविधियों को करने के लिए मजबूर किया गया और उकसाया गया. आरोपियों ने ऐसी गतिविधियों को मोबाइल फोन में कैद कर लिया और आगे इसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप, टेलीग्राम आदि जैसे एप्लिकेशन के माध्यम से प्रसारित किया.”

सीबीआई ने इस मामले में अजित कुमार, अजय कुमार गुप्ता और अविनाश कुमार सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. रामभवन को सीबीआई द्वारा पहले दर्ज किए गए एक अन्य मामले में आरोपी के रूप में नामित किया गया है. वहीं तीनों नाबालिग पीड़ितों को सीबीआई ने छुड़ा लिया है.

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