महिला ने दावा किया कि वह कई बार स्थानीय थाने में गई लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया. पुलिस के मुताबिक, 17 फरवरी को ही अनीस अंसारी, शादाब और फरियाद नामक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई थी लेकिन बाद में पीड़िता की इच्छा के मुताबिक मामले को क्राइम ब्रांच के हैंडओवर कर दिया गया था.