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गरीबों पर गुस्सा, लोगों पर धौंस और गालीबाज अफसर... क्या यही है यूपी पुलिस का असली चेहरा?

यूपी पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है. हरदोई में अवैध कब्जा हटाने के दौरान एक CO का महिलाओं और बच्चों के सामने गाली-गलौज का वीडियो वायरल हुआ है. वहीं मौके पर मौजूद थानेदार पर मीडिया को भगाने का आरोप है. इस मामले ने तूल पकड़ा तो जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन कार्रवाई पर अब भी सवाल बने हुए हैं.

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पिछले कुछ समय से यूपी पुलिस का हैरान करने वाला रवैया सामने आ रहा है. (Photo: ITG)
पिछले कुछ समय से यूपी पुलिस का हैरान करने वाला रवैया सामने आ रहा है. (Photo: ITG)

उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. हरदोई से सामने आए एक वायरल वीडियो ने खाकी की मर्यादा और संवेदनशीलता पर करारा तमाचा जड़ा है. वीडियो में हरपालपुर के क्षेत्राधिकारी सतेंद्र सिंह महिलाओं और छोटे बच्चों के सामने खुलेआम गालियां देते और धमकाते नजर आ रहे हैं.

यह मामला हरपालपुर थाना क्षेत्र के खसौरा ग्राम पंचायत के दिउसीपुर गांव का है. यहां बीते बुधवार को जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए एसडीएम सवायजपुर मयंक कुंडू के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम पहुंची थी. गांव निवासी आदेश शुक्ला ने अवैध कब्जे की शिकायत की थी, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की थी.

कार्रवाई के दौरान जमीन पर कब्जा जमाए बैठे लोगों के घर की महिलाएं विरोध में घर के अंदर जमीन पर ही बैठ गईं. आरोप है कि इसी दौरान मौके पर मौजूद CO सतेंद्र सिंह आपा खो बैठे. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि CO महिलाओं को जबरन उठने के लिए कहते हैं. इसके बाद खुलेआम गालियों का इस्तेमाल करते दिखाई देते हैं.

वो यह कहते भी सुनाई दे रहे हैं कि धरना देने से कुछ नहीं होगा. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें मौके पर मौजूद सांडी के थानाध्यक्ष राकेश यादव मीडियाकर्मियों को वहां से भगाते और धमकाते नजर आ रहे हैं. दोनों वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं . पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है.

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लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वर्दी पहनते ही महिलाओं और गरीबों के सम्मान को ठेस पहुंचाने का अधिकार मिल जाता है. सोशल मीडिया पर पुलिस के इस रवैये को लेकर नाराजगी साफ दिख रही है. इस मामले ने तूल पकड़ने के बाद हरदोई के एसपी अशोक कुमार मीणा ने दोनों मामलों की जांच एएसपी को सौंप दी है. हालांकि अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है.

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश पुलिस पर पहले से ही बर्बरता के आरोप लगते रहे हैं. कहीं निर्दोष के पैर तोड़े जाने के आरोप, कहीं नाखून उखाड़ने जैसी घटनाएं और अब महिलाओं के सामने गालीबाजी. अलग-अलग शहर, लेकिन पुलिस महकमे का चेहरा एक जैसा नजर आ रहा है, जो कि वर्दी का शर्मसार कर रहा है.

इन सबके बीच खुद डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य को यह कहना पड़ा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के अत्याचार और अन्याय पर लगाम लगाने का वक्त आ गया है. अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि हरदोई के गालीबाज CO और मीडिया को धमकाने वाले थानेदार पर क्या वाकई कोई ठोस कार्रवाई होती है या अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा.

हालिया प्रमुख घटनाएं...

हिरासत में युवक का पैर तोड़ा: आगरा में पुलिस हिरासत के दौरान एक युवक के दोनों पैर तोड़ने का आरोप लगा. यह मामला सामने आने के बाद पुलिस की बर्बरता पर सवाल उठे. इस घटना ने हिरासत में हिंसा को लेकर बहस तेज कर दी.

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पूछताछ में नाखून उखाड़ने का मामला: इसी तरह आगरा जिले से एक और मामला सामने आया, जिसमें पूछताछ के दौरान युवक के नाखून उखाड़ने का आरोप लगा. इस घटना ने पुलिस की पूछताछ पद्धति पर गंभीर सवाल खड़े किए.

गैंगरेप का आरोपी दारोगा फरार: कानपुर में गैंगरेप के आरोपी एक दारोगा के फरार होने का मामला सामने आया है. संगीन आरोपों के बावजूद आरोपी पर सख्ती नहीं की गई, जिससे पुलिस की मंशा पर सवाल उठे. आरोपी ने नाबालिग के साथ दरिंदगी की है.

थानों में CCTV को लेकर सवाल: नोएडा, लखनऊ और गाजियाबाद के थानों से सामने आए हालिया निरीक्षणों में CCTV व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे. कहीं एंट्री गेट पर कैमरे नहीं मिले, तो कहीं कैमरे खराब पाए गए. इससे थानों में पारदर्शिता के दावों पर सवाल खड़े हुए.

इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि अलग-अलग शहरों में मामले अलग हो सकते हैं, लेकिन पुलिस पर लगे आरोपों का पैटर्न एक जैसा नजर आ रहा है. अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन मामलों में जिम्मेदार अफसरों पर ठोस कार्रवाई होती है या नहीं.

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