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UP ATS का बड़ा एक्शन: दुबई में बैठे आकिब-आजाद के पासपोर्ट निरस्त, आतंकी मॉड्यूल का खुलासा

यूपी एटीएस ने आतंकी मॉड्यूल के आरोपी आकिब और आजाद के पासपोर्ट निरस्त कर दिए हैं. दुबई में बैठे आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है. इस मामले में ISI कनेक्शन और साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है. पढ़ें पूरी कहानी.

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आकिब और आजाद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है (फोटो-ITG)
आकिब और आजाद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है (फोटो-ITG)

उत्तर प्रदेश एटीएस ने सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन और आतंकी साजिश से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का खुलासा किया है. इस मामले में मुख्य आरोपी आकिब और आजाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके पासपोर्ट निरस्त कर दिए गए हैं. दोनों आरोपी इस समय दुबई में मौजूद हैं और भारत लौटते ही उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया है. जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं. गृह मंत्रालय की मदद से आरोपियों को भारत लाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है. इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.

दरअसल, आकिब का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह AK-47 और हैंड ग्रेनेड जैसे खतरनाक हथियारों के साथ नजर आया था. इस वीडियो में पाकिस्तान में बैठा एक ISI हैंडलर भी जुड़ा हुआ था, जिससे इस मामले के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए. जांच में पता चला कि आकिब के जरिए इस ISI हैंडलर ने भारत में मौजूद शाकिब और उसके साथियों को रेलवे ट्रैक के सिग्नल बॉक्स उड़ाने का जिम्मा सौंपा था. इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं.

यूपी एटीएस ने इस पूरे मामले में आकिब और आजाद के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया है, ताकि वे भारत लौटते ही गिरफ्तार किए जा सकें. दोनों के पासपोर्ट निरस्त कर दिए गए हैं, जिससे उनके विदेश में मूवमेंट पर भी नजर रखी जा सके. जांच एजेंसियां गृह मंत्रालय के सहयोग से उन्हें जल्द भारत लाने की कोशिश कर रही हैं. इसके अलावा इस आतंकी मॉड्यूल से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं.

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इस मॉड्यूल से जुड़े तीन आरोपी विदेश में सक्रिय थे, जिनमें से साउथ अफ्रीका में रह रहे मैजुल को पहले ही दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया जा चुका है. बाकी आरोपी फिलहाल गिरफ्तारी से बाहर हैं. जांच में सामने आया है कि ये सभी लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे. इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था.

जांच एजेंसियों को “King Devil 315” और “Royal Soakib” जैसे सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए अहम सुराग मिले हैं. इन अकाउंट्स के माध्यम से रेकी, ऑडियो क्लिप और गूगल मैप की लोकेशन जैसी संवेदनशील जानकारी साझा की जा रही थी. एटीएस ने इन अकाउंट्स से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए मेटा से डिटेल मांगी है, ताकि असली पहचान, मोबाइल नंबर और लोकेशन का पता लगाया जा सके.

पूछताछ के दौरान आकिब और आजाद के रिश्तेदारों और करीबियों से भी अहम जानकारी मिली है. जांच में यह भी सामने आया है कि आकिब पिछले करीब चार साल से सोशल मीडिया के जरिए देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था. जिन बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन हुआ, उनकी भी जांच की जा रही है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा 1.5 से 2 लाख रुपये तक की फंडिंग की गई थी. यूपी एटीएस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

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