scorecardresearch
 

11 IPS, 1000 CCTV, 15 कंपनी PAC... राम नवमी से पहले अयोध्या में कड़ी की गई सुरक्षा व्यवस्था

उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या और उसके आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है. जनवरी में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद पहली बार रामनवमी समारोह के लिए लाखों भक्तों के शहर में आने की उम्मीद जताई जा रही है.

Advertisement
X
उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या और उसके आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या और उसके आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या और उसके आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है. जनवरी में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद पहली बार रामनवमी समारोह के लिए लाखों भक्तों के शहर में आने की उम्मीद जताई जा रही है. यह त्योहार शहर में भव्य स्तर पर मनाया जाएगा. ऐसे में राज्य सरकार ने इसके लिए विस्तृत व्यवस्था की है. इस मौके पर अयोध्या में करीब 25 लाख भक्तों के आने का अनुमान है.

अयोध्या में राम नवमी मेला 9 अप्रैल से शुरू हुआ है, जो कि 17 अप्रैल को होने वाली राम नवमी तक जारी रहेगा. पुलिस प्रशासन ने त्योहार के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए भक्तों की बड़ी आमद को देखते हुए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के प्रयास तेज कर दिए हैं. इसके लिए मेला मैदान को 7 जोन और 39 सेक्टर में बांटा गया है. यातायात प्रबंधन को 2 जोन और 11 क्लस्टर में बांटा गया है. 

इस पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 11 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 26 पुलिस उपाधीक्षक, 150 निरीक्षक, 400 उप निरीक्षक, 25 महिला उप निरीक्षक, 1305 मुख्य कांस्टेबल, 270 महिला मुख्य कांस्टेबल और 15 कंपनी पीएसी की तैनाती रहेगी. इसके साथ ही बाढ़ राहत के लिए एसडीआरएफ दो कंपनियां भी मौजूद रहेगी. इतना ही नहीं एसटीएफ और एटीएस की भी ड्यूटी लगाई गई है.

Advertisement

एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रत्येक जोन की निगरानी करेगा और प्रत्येक सेक्टर में एक नामित पुलिस उपाधीक्षक या निरीक्षक होगा. सुरक्षित दर्शन सुनिश्चित करने के लिए राम पथ पर 15 ड्रॉप-डाउन बैरियर और 13 होल्डिंग क्षेत्र स्थापित किए जाएंगे. कंट्रोल रूम से 1000 सीसीटीवी कैमरों के जरिए सतत निगरानी रखी जाएगी. जल पुलिस सरयू नदी और राम की पैड़ी पर रहेगी. मंदिरों और मेला में पीएसी तैनात रहेगी.

अयोध्या धाम में प्रमुख स्थानों पर स्थापित 24 कैमरों का उपयोग करके वाहनों और भक्तों की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी. इसके अतिरिक्त गोंडा सीमा पर कैमरों के जरिए से वाहनों और श्रद्धालुओं के आने और जाने का विश्लेषण किया जाएगा. सीसीटीवी कैमरों के जरिए भीड़ के स्तर का आंकलन किया जाएगा. इसके बाद विभिन्न स्थानों पर आवश्यक यातायात परिवर्तन भी जरूरत के हिसाब से निर्धारित होगा.

श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखने के लिए पूरे अयोध्या में 560 कैमरे लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा, सड़कों, गलियों और पार्किंग क्षेत्रों की निगरानी के लिए आठ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा. प्रमुख स्थानों पर एम्बुलेंस और बचाव दल तैनात रहेंगे. बताते चलें कि इसी साल जनवरी में अयोध्या के नव निर्मित राम मंदिर में श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी. इसके बाद से लाखों लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement