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वाराणसी: सुलझी बैंक मैनेजर की मर्डर मिस्ट्री, नहीं मिली लूट की रकम, सरगना अब भी फरार

वाराणसी में बैंक मैनेजर से हुई लूट और हत्या मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है लेकिन अब भी मुख्य आरोपी फरार है और लूट की रकम पुलिस को नहीं मिली है. हत्यारे अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं.

पुलिस की गिरफ्तर में पड़े गए आरोपी. पुलिस की गिरफ्तर में पड़े गए आरोपी.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • लूट की रकम अब तक नहीं हुई बरामद
  • 20 लाख रुपये के लिए हुआ था कत्ल
  • पैसे डबल करने वाले गैंग के झांसे में आए थे मैनेजर

वाराणसी में बैंक मैनेजर से लूट और हत्या का खुलासा तो पुलिस ने कर दिया है लेकिन मुख्य आरोपी और लूटी गई रकम, अब तक पुलिस से बहुत दूर है. पुलिस ने 6 आरोपियों को घटना के 5 दिनों बाद पकड़कर अपनी पीठ थपथपा ली लेकिन अभी तक गैंग के मुख्य सरगना की गिरफ्तारी न होने से पुलिस की आलोचना हो रही है.

बदमाशों ने हत्या के बाद बैंक मैनेजर से 20 लाख रुपये लूट लिए थे. लूट की रकम भी अब तक बरामद नहीं हुई है. हत्या की वजह भी हैरान कर देने वाली है. बताया जा रहा है कि हत्या के पीछे पैसे को दोगुना करने वाले गैंग का हाथ है, जिसके झांसे में बैंक मैनेजर भी फंस गए और अपनी जान गंवा दी.

वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र स्थित पंजाब नेशनल बैंक के करखियांव शाखा के मैनेजर की 9 जून को हत्या कर दी गई थी. उनके साथ कार में बैठे लोगों ने उनका कत्ल किया था और 20 लाख रुपये लेकर फरार हो गए थे. घटना के 5 दिनों बाद पुलिस ने पैसों को डबल करने वाले गैंग को हत्या के पीछे जिम्मेदार ठहराया है.


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पुलिस ने बैंक मैनेजर के ड्राइवर से लेकर सीएसआर फंड के नाम पर पैसे डबल करने वाले गिरोह के कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. हैरानी की बात है कि पूरे गिरोह का सरगना आलोक राय अभी भी पुलिस के हाथ नहीं लग सका है और लूट के 20 लाख रूपए भी नहीं मिले हैं.

क्यों हुई थी हत्या?

पुलिस के दावों के मुताबिक 9 जून को बैंक मैनेजर ने मडियाहूं शाखा से 14 लाख रुपये और करखियांव शाखा से 6 लाख रुपये निकाले. पैसे निकालने के बाद बैंक मैनेजर ने किराए की स्कॉर्पियो ली और अपने साथ सुनिल नाम के एक शख्स को भी बैठा लिया. कार कैथौली तिराहे के पास पहले से रुकी, जहां एक अन्य स्कॉर्पियो में चार लोग सवार थे. सड़क पर ड्राइवर संजय और कार में बैठे सुनिल के दोस्त मुकेश और अतुल भी खड़े थे.

कार में सवार 4 अज्ञात लोग मुकेश के बुलाने पर आए थे. फिर दूसरी कार से 2 लोग उतरकर बैंक मैनेजर वाली कार में आकर पीछे वाली सीट पर बैठ गए. सुनील और अतुल पीछे वाली कार में जाकर बैठ गए. बैंक मैनेजर वाली स्कार्पियो आगे तो दूसरी स्कार्पियो पीछे चल रही थी. जैसे ही कार पिंड्राई हाइवे पर पहुंची तो बैंक मैनेजर के साथ पीछे वाली सीट पर बैठे बदमाशों ने बैंक मैनेजर की कनपटी पर गोली दाग दी. बैंक मैनेजर के पास रखे 20 लाख रुपयों से भरा बैग लूटकर हत्यारे फरार हो गए.

पैसे बढ़ाने की स्कीम में फंसे बैंक मैनेजर!

पुलिस के मुताबिक CSR फंड के जरिए रुपयों को दोगना करने का झांसा देकर बैंक मैनेजर से बैंक से रुपए निकलवाए गए, फिर लूट और हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया. इस बारे में वाराणसी के एडीजी जोन बृजभूषण ने बताया कि CSR के नाम पर बैंक मैनेजर को फंसाया गया कि दोगुनी रकम अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी.

20 लाख के बदले 40 लाख देने का गिरोह के लोगों ने झांसा दिया था. पैसा बैंक मैनेजर का नहीं था, बल्कि बैंक का था जो दूसरे बैंक से लाया गया था. पैसा निकालने के बाद अपने ब्रांच में मैनेजर ने दिखा दिया था कि पैसा आ गया है, लेकिन पैसा आया नहीं था. बैंक के पैसे का दुरुपयोग किया गया था. बैंक मैनेजर की संलिप्तता और कैशियर की लापरवाही अभी तक सामने निकलकर आई है. घटना वाले दिन ही कार में छूटा 27 लाख मिला था और अभी लूट का 20 लाख रूपया बकाया है. अभी मुख्य अभियुक्त मुख्य सरगना आलोक राय और अन्य अज्ञात 4 फरार हैं.

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