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Gonda: पुलिस कस्टडी में बिजली विभाग के लाइनमैन की मौत, परिजन बोले- पीट-पीटकर मार डाला

मृतक के बड़े पापा राम बहादुर ने बताया कि पुलिस से अपने बेटे के बारे में पूछा, तो पुलिस ने बताया कि उसकी तबियत खराब हो गई है. उसे जिला अस्पताल भेजा गया है, जल्दी वहां पहुंचों. अस्पताल पहुंचने के बाद वो इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन बच्चे का कुछ पता नहीं चल सका. बाद में उन्हें पता चला कि अस्पताल में बेटे की लाश आई थी.

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पुलिस हिरासत में युवक की मौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा
पुलिस हिरासत में युवक की मौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा

गोंडा जिले में हत्या के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने एक युवक को थाने बुलाया. वहां पूछताछ के दौरान उसकी संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई. परिजनों ने जिला अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया और पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया. पुलिस ने 22 साल का मृतक देव नारायण उर्फ देवा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

घटना के बाद से गांव में गुस्से का माहौल है. मृतक के परिजनों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. मामले में एसएसपी आकाश तोमर ने नवाबगंज थानाध्यक्ष तेज प्रताप सिंह, एसओजी प्रभारी अमित यादव को सस्पेंड कर दिया है. इतना ही नहीं थानाध्यक्ष के खिलाफ उन्हीं के थाने में एफआईआर दर्ज की गई.  

देव नारायण नवाबगंज थाना क्षेत्र के माझाराठ गांव का रहने वाला था. वह बिजली विभाग में संविदा पर लाइनमैन का काम करता था. मृतक के बड़े पापा राम बहादुर ने पुलिस पर अपने बच्चे की हत्या का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है.

परिजनों से कहा तबीयत खराब है, अस्पताल पहुंचो

पिछले सप्ताह जैतपुर गांव में झोलाछाप डॉक्टर राजेश कुमार की हत्या हो गई थी. उस मामले में पूछताछ के देव नारायण को थाने बुलाया गया था. परिजनों ने बताया कि थाने में एसओजी ले जाकर पूछताछ करने लगी. कुछ देर बार थानाध्यक्ष ने देव नारायण की तबियत बिगड़ने पर जिला अस्पताल भेजने के परिजनों को बताई.

थानाध्यक्ष ने परिजनों से कहा कि वे जल्दी अस्पताल पहुंचें. अस्पताल में देव के बारे में परिजनों को कोई जानकारी नहीं मिली. बाद में पता चला कि वहां देवा का शव पहुंचा है. इस घटना से गुस्साए बिजली कर्मचारियों ने गुरुवार को बिजली की आपूर्ति ठप कर विरोध जताया.

शरीर पर नहीं हैं बाहरी चोट के कोई निशान- एसपी 
बेटे के शव को देख परिजन जोर-जोर से रोने लगे. पुलिस पर हत्या का आरोप लगाकर जिला अस्पताल में ही हंगामा शुरू कर दिया. भारी पुलिस बल तैनात कर वहां से परिजनों को बाहर ले जाया गया. 

मामले में पुलिस अधीक्षक ने कहा, "अस्पताल में मैंने मृतक का शव देखा है. कोई विजिबल इंजरी नहीं है. युवक का डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. साथ ही परिजन की तहरीर के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल नवाबगंज थानाध्यक्ष और एसओजी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है." 

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