कर्नाटक के कोप्पल जिले के हम्पी में इजराइली महिला के साथ गैंगरेप और एक युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इस घिनौने अपराध के लिए तीन दोषियों को मौत की सजा सुनाई है. यह वारदात 6 मार्च, 2025 को हम्पी में सनापुर के पास हुई थी.
गंगावती सिविल कोर्ट के जज सदानंद नागप्पा नाइक ने मल्लेश उर्फ हांडी मल्ला, शरणबसव और चैतन्य साईं को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा का आदेश दिया. कोर्ट ने बीते 7 फरवरी को ही इन्हें दोषी ठहरा दिया था. सजा के निर्धारण के लिए 16 फरवरी की तारीख सुरक्षित रखी गई थी.
सोमवार को जैसे ही कोर्ट ने सजा सुनाई, पूरे सन्नाटा फैल गया. पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नागलक्ष्मी ने इस वारदात का पूरा विवरण साझा किया. एक होमस्टे मालिक अपने मेहमानों पंकज (महाराष्ट्र), बिभास (ओडिशा), डेनियल (अमेरिका) और इजराइली महिला टूरिस्ट तुंगभद्रा नहर के पास ले गया.
वे लोग वहां तारे देखने के लिए गए थे. उस रात करीब 10.30 बज रहे थे. तीन बाइक सवार वहां पहुंचे. आरोपियों ने पहले पैसों को लेकर झगड़ा शुरू किया. इसके बाद उनका इरादा बेहद खौफनाक हो गया. उन्होंने तीनों पुरुषों को उफनती नहर में धकेल दिया. उन पर पत्थर फेंकने लगे.
इसमें ओडिशा के बिभास कुमार की डूबने से मौत हो गई, जबकि डेनियल ने किसी तरह पंकज की जान बचा ली. इसके बाद आरोपियों ने इजराइली महिला और होमस्टे मालिक के साथ अमानवीय तरीके से गैंगरेप किया. इस हैवानियत को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ितों को लूट कर फरार हो गए.
उन्होंने उनका मोबाइल फोन, नकदी और कैमरा लूट लिया. पुलिस ने जांच के बाद तीनों आरोपियों को धर दबोचा. यह मामला केवल मर्डर या रेप का नहीं था, बल्कि इसमें हत्या की कोशिश, डकैती और रंगदारी की धाराएं भी शामिल थीं. जज ने अब तीनों आरोपियों को मौत की सजा सुनाई है.