खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान की खुफिया संस्था ISI और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है. इस साजिश को "कोड नेम 26-26" दिया गया है, जिसका मकसद 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत के विभिन्न हिस्सों में बड़े आतंकी हमले करना बताया जा रहा है.
इंटेलिजेंस इनपुट के मुताबिक, आतंकी संगठन खासतौर पर कश्मीर में तगड़े हमलों की योजना बना रहा है. इसके साथ ही दिल्ली सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में भी खतरा मंडरा रहा है. इन जानकारियों के मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं और देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जैश-ए-मोहम्मद सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को उकसाने का काम कर रहा है. खुफिया एजेंसियां कश्मीरी रेजिस्टेंस ग्रुप से जुड़े फाल्कन स्क्वाड पर भी पैनी नजर रखे हुए हैं, जो लगातार धमकियां दे रहे हैं और मुस्लिम युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं.
इंटेलिजेंस रिपोर्ट में अयोध्या के राम मंदिर का भी जिक्र है, जहां 6 दिसंबर को खतरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले ही मजबूत की गई थी. इसी कड़ी में अब गणतंत्र दिवस से पहले देशभर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है.
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सूत्र बताते हैं कि जैश-ए-मोहम्मद के अलावा पंजाब आधारित कुछ गैंगस्टरों के आतंकी नेटवर्क से जुड़ाव की भी संभावना है, जिसके चलते उत्तर भारत के कई राज्यों में पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं.
दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह की सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. कश्मीर में भी तलाशी अभियान और निगरानी बढ़ा दी गई है. खुफिया एजेंसियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
सुरक्षा एजेंसियों ने आम जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध सूचना के बारे में तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें. फिलहाल, सभी एजेंसियां मिलकर "कोड नेम 26-26" साजिश को बेनकाब कर उसे नाकाम करने में जुटी हैं.