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सोनिया गांधी के करीबी रहे सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर के घर ED का छापा

गुरुवार प्रवर्तन निदेशालय ने समाजिक कार्यकर्ता और पूर्व IAS अधिकारी हर्ष मंदर के दिल्ली वाले घर पर छापा मारा है. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने हर्ष के वसंत कुंज वाले घर पर रेड डाली है.

हर्ष मंदर के घर ED का छापा हर्ष मंदर के घर ED का छापा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हर्ष मंदर के घर ED का छापा
  • मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई

गुरुवार प्रवर्तन निदेशालय ने सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व IAS अधिकारी हर्ष मंदर के दिल्ली वाले घर पर छापा मारा है. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने हर्ष के वसंत कुंज वाले घर पर रेड डाली है. दफ्तर में भी छापेमारी की गई है. जिस समय ये छापेमारी की गई तब हर्ष अपने घर पर नहीं थे. वे एक कार्यक्रम के लिए गुरुवार सुबह ही जर्मनी के लिए निकल लिए थे.

हर्ष मंदर के घर ED का छापा

उनके जाने के बाद ही ईडी एक्शन में आई है और उनके वसंत कुंज वाले घर पर छापेमारी हुई. दरअसल हर्ष इस समय दो चिल्ड्रन होम चलाते हैं- उम्मीद अमन घर और खुशी रेनबो होम. इन दोनों ही चिल्ड्रन होम के फंड्स को लेकर विवाद है और आरोप ये भी लगा है कि यहां पर रह रहे बच्चों का इस्तेमाल 2020 में हुए CAA प्रदर्शन के दौरान किया गया था. इसी सिलसिले में नेशनल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स ने जांच के बाद दावा किया था कि हर्ष मंदर द्वारा चलाए जा रहे चिल्ड्रन होम से बच्चों को अलग-अलग विरोध प्रदर्शन में ले जाया जाता था.

अब दिल्ली पुलिस ने जाचं के आधार पर ही हर्ष मंदर और उनके NGO के खिलाफ FIR दर्ज की थी. शिकायत में स्पष्ट कहा गया था कि चिल्ड्रन होम अपने फंड्स को लेकर कुछ भी साफ तौर पर नहीं बता पाया है. उनकी इनकम सोर्स को लेकर भी विवाद था. ऐसे में हर्ष पर धोखाधड़ी, जालसाजी का आरोप लगा है. दिल्ली पुलिस की उसी FIR के बाद अब ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है.

सोनिया गांधी के करीबी

जानकारी के लिए बता दें कि हर्ष मंदर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के करीबी रहे हैं. यूपीए सरकार के दौरान वे सलाहकार परिषद के सदस्य के तौर पर लंबे समय तक काम कर चुके हैं. अभी तक इस छापेमारी पर हर्ष मंदर की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन नेशनल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स की रिपोर्ट के बाद उन्होंने इतना जरूर कहा था कि एजेंसी सिर्फ ये जानना चाहती थी कि उनके यहां पर क्या बच्चों को सीएए प्रदर्शन में भेजा जा रहा था या फिर वहां पर कोई रोहिंग्या बच्चे रह रहे थे.


 

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