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जैश और अलकायदा से प्रभावित फैजान के निशाने पर थे ऐसे 7 लोग, गुजरात ATS ने किया खुलासा

गुजरात ATS ने नवसारी से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी फैजान शेख के फोन से मिली जानकारी के आधार पर बड़ा खुलासा हुआ है. जैश और AQI से प्रभावित फैजान सोशल मीडिया पर मुसलमानों के खिलाफ बयान देने वालों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था.

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ATS फैजान से लगातार पूछताछ कर रही है (फोटो-ITG)
ATS फैजान से लगातार पूछताछ कर रही है (फोटो-ITG)

गुजरात एटीएस की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद और अलकायदा से प्रभावित आतंकी फैजान शेख का खतरनाक प्लान सामने आया है. फैजान का मकसद सोशल मीडिया पर इस्लाम या मुसलमानों के खिलाफ आक्रामक और आपत्तिजनक बयान देने वालों को निशाना बनाना था. वह ऐसे लोगों को 'सबक सिखाने' की सोच के साथ आगे बढ़ रहा था. 

रेडिकल विचारधारा का असर
जांच में सामने आया है कि फैजान अपने इस एजेंडे को धार्मिक भावनाओं को भड़काकर अंजाम देना चाहता था. उसकी सोच पूरी तरह रेडिकल विचारधारा से प्रभावित थी. यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां इसे एक गंभीर आतंकी साजिश मान रही हैं.

मोबाइल फोन से खुली पूरी साजिश
नवसारी से गिरफ्तार किए गए आतंकी फैजान शेख के मोबाइल फोन ने जांच एजेंसियों को अहम सुराग दिए हैं. फोन से मिले डेटा में साफ हुआ कि फैजान सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय था और लगातार उन अकाउंट्स पर नजर रखता था, जो मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलते थे. उसके फोन में चैट्स, नोट्स और प्रोफाइल्स का पूरा ब्योरा मिला है. यही नहीं, फैजान इन लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा था. जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह जानकारी किसी बड़े हमले की तैयारी की ओर इशारा करती है.

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सात विवादित चेहरे थे निशाने पर
जांच में सामने आया है कि फैजान के निशाने पर कुल सात लोग थे. इन नामों में दक्ष चौधरी, गौरव राजपूत, अभिषेक ठाकुर, डॉ. प्रकाश, युधि राणा, अक्कू पंडित और विक्रांत शामिल हैं. ये सभी सोशल मीडिया पर इस्लाम या मुसलमानों के खिलाफ आपत्तिजनक और आक्रामक पोस्ट करने के लिए जाने जाते थे. फैजान इन चेहरों को उदाहरण बनाकर सजा देने की सोच में था. वह मानता था कि ऐसे लोगों को सबक सिखाना जरूरी है. 

यूपी और दिल्ली तक सीमित थी जानकारी
गुजरात एटीएस के सूत्रों के अनुसार, फैजान के पास जो जानकारी थी, वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और दिल्ली से जुड़े इलाकों तक ही सीमित थी. इसी वजह से उसके निशाने पर वही लोग थे जो इन राज्यों में रहते थे और सोशल मीडिया पर ज्यादा आक्रामक बयान देते थे. फैजान ने इन क्षेत्रों के मैप, लोकेशन और प्रोफाइल्स को सेव कर रखा था. जांच में यह भी सामने आया कि उसकी रेडिकल सोच के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का गहरा प्रभाव था. यही संगठन उसे लगातार भड़काने का काम कर रहा था.

AQI का नया रेडिकल मॉडल
एटीएस की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यह AQI यानी अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट का नया रेडिकल मॉडल है. इस मॉडल के तहत सोशल मीडिया पर आक्रामक हिंदुत्व की बातें करने वालों के वीडियो और पोस्ट दिखाकर मुस्लिम युवाओं को भड़काया जाता है. फैजान इसी रणनीति का हिस्सा था. उसने ‘गाजा’ नाम से सोशल मीडिया आईडी बनाई थी, जिस पर वह जैश के बड़े आतंकियों के वीडियो शेयर करता था. इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा युवाओं को अपने साथ जोड़ना था.

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हत्या की साजिश पर चर्चा
जांच में सामने आया है कि फैजान ने इन सातों चेहरों की जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की थी. वह अपने साथियों से यह भी चर्चा कर चुका था कि टारगेट को कैसे और किस तरीके से मारा जाए. हालांकि, अभी तक उसे किसी बड़े आतंकी संगठन से अंतिम आदेश नहीं मिला था. इससे पहले कि वह अपने मंसूबों को अंजाम देता, गुजरात एटीएस ने समय रहते उसे नवसारी से गिरफ्तार कर लिया. 

29 पन्नों का अरबी साहित्य और जांच
एटीएस को फैजान के पास से 29 पन्नों का अरबी साहित्य भी मिला है, जिसमें रेडिकलाइजेशन से जुड़ी सामग्री मौजूद है. इस साहित्य की गहन जांच की जा रही है. एटीएस अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों को निशाना बनाया गया था, उनकी प्रोफाइल और गतिविधियों की जानकारी अभी जुटाई जा रही है. जांच एजेंसियां हर एंगल से इस मामले की पड़ताल कर रही हैं. साफ है कि फैजान का मकसद डर और हिंसा के जरिए एक संदेश देना था, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया.

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