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उन्नाव: ऑनलाइन मूर्तियां खरीदीं, खेत में गाड़ा, फिर निकालकर बताया चमत्कार... बाप-बेटे की अजब चाल

यूपी के उन्नाव में ऑनलाइन भगवान की मूर्तियां मंगवाकर बाप-बेटे गांव के लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने ग्रामीणों को बताया था कि उन्हें सपना आया था कि खेत में मूर्ति दबी हुई है जिसके बाद खुदाई में उन्हें पीली धातुओं की मूर्ति मिली. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.

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उन्नाव में ठग बाप बेटे को पुलिस ने किया गिरफ्तार
उन्नाव में ठग बाप बेटे को पुलिस ने किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में युवक और उसके पिता ने खेत की खुदाई में पीली धातुओं की मूर्तियां निकलने की झूठी कहानी गढ़ी और धर्म के नाम पर लोगों से पैसे ठगने लगे. हालांकि पुलिस ने उनकी पोल खोल दी. पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में पिता-बेटे को गिरफ्तार कर अब जेल भेज दिया है. 

उन्नाव के आसीवन थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव के रहने वाले अशोक पेंटर के खेत में खुदाई के दौरान गड्ढे में लक्ष्मी, सरस्वती, कुबेर की मूर्तियों के अलावा रुद्राक्ष, चाबी, सिक्का, कछुआ, कौड़ी निकली थी जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ था.

लेकिन अब पता चला कि खेत की खुदाई में पीली धातुओं की मूर्तियां निकलने की युवक ने झूठी कहानी गढ़ी थी. खेत मालिक और उसके बेटों ने ये मूर्तियां ऑनलाइन मंगवाईं थीं और दावा किया कि ये मूर्तियां धरती के अंदर से मिली है.

बुधवार को अशोक, उसका बेटा रवि और विजय नाम का शख्स मूर्तियों को लेकर खेत पहुंचे और तिरपाल लगाकर पूजा-पाठ शुरू कर दिया. अशोक और उसके दो बेटे 2 दिनों से गांव के लोगों को बहला फुसला रहे थे कि उन्हें सपना आया था जिसके बाद उन्होंने खुदाई की तो खेत से मूर्तियां निकली हैं.

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वो लोग वहां एक मंदिर की स्थापना करना चाह रहे थे. पिता और बेटों का असली मकसद लोगों का झांसा देकर आस्था के नाम पर पैसों की कमाई करना था.

जब पुलिस को इसकी सूचना मिली तो जांच के लिए टीम गांव पहुंची. जब जांच की गई तो पता चला की ये मूर्तियां ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट के जरिए मंगवाई गई थी जिसके बाद पुलिस को पूरा माजरा समझते देर नहीं लगी.

मामले की जांच कर रही पुलिस ने एक निजी कुरियर कंपनी में काम करने वाले गांव के डिलीवरी मैन गोरेलाल से पूछताछ की. उसने बताया कि अशोक के बेटे रवि ने मूर्तियों का बॉक्स ऑनलाइन मंगवाया था.

इसके बाद पुलिस ने सख्ती की और भीड़ को हटाकर अशोक और उसके दोनों बेटों को हिरासत में लेकर थाने ले गए. तीनों पर शांति भंग करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई और उन्हें जेल भेज दिया गया. 

वहीं इस घटना को लेकर बांगरमऊ के सीओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला महमूदपुर गांव का है. इस गांव का निवासी अशोक और उसके दो लड़के पिछले 2 दिनों से गांव के लोगों को बहला फुसला रहे थे कि उनके खेत में मूर्ति होने का कोई सपना आया है.

उन्होंने कहा, इसके बाद खुदाई में मूर्तियां निकली और वहां पर एक मंदिर स्थापित करना चाह रहे थे. जब मामले की जांच की गई तो पता चला की मूर्तियां ऑनलाइन मंगवाई गई थी और मंदिर के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा था.

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