दिल्ली से सटे फरीदाबाद के सनसनीखेज गैंगरेप केस में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. पिछले महीने चलती गाड़ी में गैंगरेप की शिकार हुई 25 साल की महिला ने पहचान परेड के दौरान दोनों आरोपियों को पहचान लिया है. पुलिस ने बताया कि यह प्रक्रिया ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पूरी की गई है.
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, बुधवार को कराई गई टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड में पीड़िता ने बिना किसी हिचक के दोनों आरोपियों की पहचान कर ली. जांच के दौरान पर्याप्त सबूत जुटा लिए गए हैं. बहुत जल्द ही आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी. पुलिस इसकी तैयारी में लगी है.
पुलिस ने बताया कि तीन बच्चों की मां 30 दिसंबर की सुबह फरीदाबाद में लिफ्ट लेने के लिए एक एम्बुलेंस में बैठी थी. आरोप है कि उसी दौरान एम्बुलेंस में मौजूद दो लोगों ने चलती गाड़ी में उसके साथ गैंगरेप किया. वारदात के बाद आरोपियों ने पीड़िता को राजा चौक के पास चलती एम्बुलेंस से बाहर फेंक दिया.
सड़क पर गिरने से महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं. उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद मंगलवार को उसे छुट्टी दे दी गई. दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के मथुरा और झांसी के रहने वाले हैं. उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है.
इस केस की शुरुआती जांच में सामने आया था कि दोनों आरोपी एक निजी अस्पताल की एम्बुलेंस में ड्राइवर और हेल्पर के तौर पर काम करते थे. पीड़िता के परिवार के बयान के आधार पर कोतवाली थाना में FIR दर्ज की गई थी. पुलिस का कहना है कि अब पहचान परेड के बाद केस और मजबूत हो गया है.