दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नक्सल प्रभावित ओडिशा के जंगलों से एक ऐसे तस्कर को दबोचा है, जो 120 किलो गांजा के अंतरराज्यीय रैकेट का प्रमुख आपूर्तिकर्ता था. आरोपी की पहचान भागीरथी पधान (27 वर्ष) के रूप में हुई है. वो ओडिशा के कंधमाल जिले के सुदूर, खतरनाक और दुर्गम इलाके में गांजा (मारिजुआना) की अवैध खेती करता था. उसे दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में सप्लाई करता था.
क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि यह ऑपरेशन किसी फिल्मी मिशन से कम नहीं था. घने जंगल, नक्सली गतिविधियां, और स्थानीय स्तर पर पुलिस की सीमित पहुंच, इन सबके बीच दिल्ली पुलिस की टीम ने भागीरथी पधान को गोछापाड़ा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया. पुलिस टीम को यह सूचना टेक्निकल सर्विलांस और संदिग्धों की पूछताछ से मिली थी, जिसके बाद उन्होंने वहां जाल बिछाया.
बताया जा रहा है कि भागीरथी पधान ने एक मजबूत नेटवर्क बना रखा था, जो स्थानीय आदिवासियों से गांजा खरीदकर उसे छिपाकर दूसरे राज्यों तक पहुंचाता था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह एक मोबाइल सप्लाई नेटवर्क चला रहा था, जिसमें कई ट्रांसपोर्टर, पिकअप एजेंट और रिसीवर जुड़े थे. गांजा की खेप फूलबनी जंगल में तैयार होती थी, जिसे पैक कर छुपाए गए मालवाहकों के जरिए भेजा जाता था.
इसकी सप्लाई छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान आदि राज्यों में की जाती थी. मार्च 2025 में दिल्ली पुलिस ने 120 किलो गांजा जब्त कर हर्ष प्रताप सिंह और ईशान सिंह को गिरफ्तार किया था. पूछताछ में इन दोनों ने भागीरथी पधान का नाम उगला, जिसने पूरे नेटवर्क को गांजा सप्लाई किया था. भागीरथी को पहले भी साल 2017 में एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था.
जंगलों में उसकी पकड़ और स्थानीय नेटवर्क की वजह से वह फिर से ड्रग्स तस्करी में एक्टिव हो गया. डीसीपी हर्ष इंदौरा ने कहा, ''भागीरथी पधान की गिरफ्तारी से न सिर्फ दिल्ली में गांजे की सप्लाई ठप होगी, बल्कि देशभर में उसके नेटवर्क को तोड़ने का रास्ता खुलेगा. हम अब उसके बचे हुए लिंक और जंगल से शहर तक की कनेक्टिविटी को खंगाल रहे हैं.'' पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी है.