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दिल्लीः पुलिस के हत्थे चढ़ा रेप करने वाला गैंग, 20 गैंगरेप करने का आरोप

दिल्ली पुलिस ने बदमाशों के एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिस पर 20 से ज्यादा गैंगरेप की वारदातों को अंजाम देने का आरोप है. हैरानी की बात ये है कि जरा-जरा सी बात पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली दिल्ली पुलिस ने इस बड़े खुलासे की भनक तक मीडिया को नहीं लगने दी.

पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कुबूल किया है पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कुबूल किया है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गैंगरेप करने वाले गैंग का खुलासा
  • अब तक 20 वारदातों को दिया अंजाम
  • पार्क जाने वाली महिलाओं को बनाते थे शिकार

दिल्ली पुलिस ने बदमाशों के एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिस पर 20 से ज्यादा गैंगरेप की वारदातों को अंजाम देने का आरोप है. हैरानी की बात ये है कि जरा-जरा सी बात पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली दिल्ली पुलिस ने इस बड़े खुलासे की भनक तक मीडिया को नहीं लगने दी. 

दरअसल, इस गैंग की कहानी कभी सामने नहीं आती अगर, बीती 15 जून को दिल्ली की पश्चिम विहार थाना पुलिस को डीयू की छात्रा के साथ दुष्कर्म और लूटपाट की सूचना नहीं मिलती. जानकारी के अनुसार उस दिन पीड़ित लड़की अपने पुरुष मित्र के साथ पार्क में घूमने आई थी. तभी वहां चार बदमाश आए और उन्होंने पीड़िता के पुरुष मित्र को वहां से भगा दिया. इसके बाद उन चारों ने लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया. और फिर लूटपाट कर वहां से फरार हो गए.

जाने से पहले बदमाशों ने पीड़िता की वीडियो भी बना ली ताकि उसे ब्लैकमेल किया जा सके या धमकाया जा सके. वीडियो बनाने के बाद एक बदमाश ने पीड़िता को अपना नंबर देते हुए उसे फोन करने के लिए कहा. पीड़िता ने बदमाश के नंबर पर कॉल किया. लेकिन कॉल करते समय उसने अपने फोन का स्क्रीन शॉट भी ले लिया. बाद में बदमाश ने पीड़िता के मोबाइल की डायल लिस्ट से अपना नंबर डिलीट कर दिया. 

लेकिन पीड़ित लड़की ने अपने फोन पर बदमाश के नंबर का जो स्क्रीन शॉट ले लिया था. उसी की बदौलत पुलिस बदमाशों तक पहुंच गई. 15 जून की घटना के बाद बीती 12 अगस्त को फिर एक लड़की के साथ ऐसी ही वारदात को अंजाम दिया गया. पुलिस को 15 जून की वारदात वाले नंबर से कई नंबर मिले, जिनकी लोकेशन घटना स्थल की थी. इसी आधार पर पुलिस ने बाहरी दिल्ली के किराड़ी इलाके से 16 अगस्त को तीन लोगों को पकड़ा. 

पकड़े गए बदमाशों की पहचान मनमोहन, अनुल और दीपक के तौर पर हुई. पूछताछ में खुलासा हुआ कि यही लोग ऐसी वारदातों में शामिल थे. लेकिन गिरोह का सरगना अभी तक फरार है. इस मामले पर थाना पुलिस से लेकर जिला पुलिस उपयुक्त तक कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने गैंगरेप के 20 मामलों में शामिल होने की बात स्वीकार की है. 

इस घटना से दिल्ली पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. हैरत की बात ये है कि गैंगरेप करने वाला यह गिरोह लगातार 20 वारदातों को अंजाम दे चुका है लेकिन पुलिस को इनकी भनक तक नहीं लगी. पुलिस के अनुसार अभी केवल 6 मामले ही दर्ज हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि बाकी 12 मामलों में पीड़िता  सामने क्यों नहीं आईं. 

यह गिरोह सुनसान पार्कों में महिलाओं को शिकार बनाता था. इनके निशाने पर वे लड़कियां ज्यादा होती थीं, जो अपने पुरुष मित्रों के साथ होती थीं. पुरुष मित्रों को वे डरा-धमका कर भगा देते थे और फिर लड़की या महिलाओं से रेप और लूटपाट करते थे. सच तो ये है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी ने पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खोल कर रख दी है. 

पश्चिम विहार ईस्ट थाना क्षेत्र में आने वाले पार्कों में यह गिरोह इतने दिनों से सामूहिक बलात्कार की वारदातों को अंजाम दे रहा था. लेकिन 15 जून को एक लड़की को ब्लैकमेल करने की मंशा से अपना नंबर उसके फोन से डायल करवाना इस गिरोह को महंगा पड़ गया. जरूरत इस बात की है कि महिलाएं या लड़कियां इस तरह की घटनाओं से सीख लेकर खुद भी सावधान रहें.

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