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बिहार: मुख्यमंत्री आवास में नौकरी देने के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपी अनिल की गिरफ्तारी के बाद जब उसके घर की तलाशी ली, तो पुलिस के होश उड़ गए. आरोपी के पास से मुख्यमंत्री कार्यालय, सीएम आवास, बिहार के पुलिस महानिदेशक और आईजीआईएमएस की दो-दो मुहर बरामद की गई है.

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नौकरी देने के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार ( सांकेतिक फोटो)
नौकरी देने के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार ( सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मुख्यमंत्री आवास मे नौकरी देने के नाम पर करता था ठगी
  • पुलिस ने शातिर आरोपी को किया गिरफ्तार, हुए चौंकाने वाले खुलासे

नौकरी के नाम पर ठगी करने के मामले तो बहुत आते हैं लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में नौकरी देने के नाम पर ठगी करने वाले एक जालसाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. ये जालसाज कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात था.

इसने नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों की ठगी तो की ही लेकिन पुलिस को उसके पास से जो चीजे बरामद हुई हैं वो काफी चौंकाने वाली हैं.  इसका खुलासा तब हुआ, जब पाटलीपुत्र थाने की पुलिस ने राजधानी पटना के नेहरू नगर के आरडी टावर ए-15 के पास से एक शख्स को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपी का नाम अनिल कुमार सिंह बताया जा रहा है जो लोगों को सीएम आवास में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता था.

तलाशी के दौरान चौंकाने वाला खुलासा

पुलिस ने आरोपी अनिल की गिरफ्तारी के बाद जब उसके घर की तलाशी ली, तो पुलिस के होश उड़ गए. आरोपी के पास से मुख्यमंत्री कार्यालय, सीएम आवास, बिहार के पुलिस महानिदेशक और आईजीआईएमएस की दो-दो मुहर बरामद की गई है. पुलिस ने आरोपी के पास से दरभंगा के एसपी बाबूराम के नाम की मुहर भी मिली है.

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डिप्टी सीएम के नाम का मिला लेटर पैड

आरोपी के घर तलाशी के दौरान पुलिस को डिप्टी सीएम के नाम का विधान सभा सदस्य- 227 धमालगंज लिखा हुआ एक लेटर पैड भी मिला है. पुलिस के मुताबिक आरोपी अनिल पर लखनऊ में एक युवती की निर्मम हत्या करने का मामला भी दर्ज है. आरोप है कि अनिल कुमार ने उस लड़की को छत पर ले जाकर उसे नीचे फेंक कर मार डाला था. जिसका केस आरोपी पर पहले से दर्ज है.

अनिल का शिकार हुए युवक ने किया खुलासा

गिरफ्तार आरोपी अनिल का शिकार बने युवक विवेश कुमार ने पुलिस को बताया कि एक साल पहले वो अनिल कुमार सिंह से मिला था. अनिल ने विवेक से सीएम आवास में नौकरी लगाने के नाम पर एक लाख रुपये नकद और एक लैपटॉप उपहार में लिया. कुछ दिन बीत जाने के बाद विवेक ने उससे नौकरी ज्वाइन कराने की मांग की. आनाकानी करने पर विवेक को शक हुआ. उसके बाद विवेश, अनिल से उलझ पड़ा. दोनों आपस में लड़ने लगे. दोनों का झगड़ा देखकर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में अनिल की सच्चाई सामने आई.

पहले मजिस्ट्रेट का मुहर लगाकर देता था ज्वाइनिंग

पुलिस के मुताबिक अनिल कुमार सिंह बेरोजगारों को झांसे में लेने के लिए मजिस्ट्रेट का मुहर लगा फर्जी पहचान पत्र और ज्वाइनिंग लेटर देता था. उसके बाद वो सीएम हाउस में जाकर योगदान के लिए कहता था. पुलिस ने आरोपी अनिल का मोबाइल जब्त कर लिया है और उसके बैंक खातों की स्क्रिंनिंग में जुट गई है. वहीं दूसरी ओर दरभंगा एसएसपी का मुहर मिलने के बाद पुलिस सतर्क है और मामले की तह तक पहुंचने के प्रयास में जुट गई है.

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मामले में पीड़ित के पिता जितेंद्र जायसवाल ने मीडिया को बताया कि उनके बेटे को सीएमओ में नौकरी का झांसा देकर आरोपी ने उनकी पत्नी से काफी पैसे ठगे. जिसमें 15 हजार पहले और उसके बाद फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर 95 हजार रुपये की ठगी की. उसके बाद कागजी कार्रवाई के नाम पर दोबारा 10 हजार रुपये लिए. जब फर्जीगिरी का पता चला तो मेरे बेटे ने साईं मंदिर के पास इस शातिर को दबोच लिया और अपना पैसा मांगने लगा. उसके बाद पुलिस पहुंची.

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