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हरियाणा: अंबाला में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, रात को खाना खा कर सोए, सुबह उठे ही नहीं

हरियाणा के अंबाला शहर के बलाना गांव में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत का मामला सामने आया है. मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक यह परिवार रात को खाना खा कर सोया था, जो सुबह उठा ही नहीं. बताया जा रहा है कि आज सबसे छोटी बेटी का जन्म दिन था.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

हरियाणा के अंबाला शहर के बलाना गांव में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत का मामला सामने आया है. मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक यह परिवार रात को खाना खा कर सोया था, जो सुबह उठा ही नहीं. बताया जा रहा है कि आज सबसे छोटी बेटी का जन्म दिन था.

मरने वालों में एक बुजुर्ग दंपत्ति, एक महिला दो बच्चियां और एक युवक शामिल है. डीएसपी जोगिंदर शर्मा का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा.

बताया जा रहा है कि युवक ने पहले अपने माता-पिता, पत्नी व बच्चों को जहर दिया. इसके बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. फिलहाल मौत के असली कारणों का खुलासा नहीं हुआ है.

घटनास्थल पर पहुंची सीन ऑफ क्राइम टीम और सदर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है. शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है. गांव वालों से पूछताछ जारी है.

कैसे चला पता?

दरअसल, बुजुर्ग दंपत्ति की बेटी का किसी के पास फोन आया था कि उसके माता पिता फोन नहीं उठा रहे, जिसके बाद मोहल्ले वालों ने उनके घर जाकर देखा. दरवाजा खटखटाने पर किसी ने दरवाजा नहीं खोला तो उन्होंने जद्दोजहद करने के बाद दरवाजा खुद खोल लिया. इसके बाद उन्होंने कमरे में देखा तो वो हैरान रह गए क्योकि बुजुर्ग दंपत्ति बेड पर पड़े थे , जिसके बाद उन्होंने मृतक परिवार वालों के परिजनों को सूचित किया.

बता दें कि ऐसी ही एक घटना मध्यप्रदेश के इंदौर में हाल ही में सामने आई थी. यहां लोन देने वाले ऐप के जाल में फंस कर एक पूरे परिवार की मौत हो गई थी. गौरतलब है कि ऑनलाइन ऐप के जरिए लोन के नासूर ने मध्य प्रदेश के इंदौर में रहने वाले अमित यादव के हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद कर दिया था.

अमित ने पहले अपनी पत्नी और दो बच्चों की हत्या की, फिर फांसी लगाकर जान दे दी थी. जान देने से पहले अमित ने एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें लिखा था- 'आदमी बुरा नहीं हूं, लेकिन हालात ने ऐसा कर दिया'

अमित यादव ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था- 'जीने की इच्छी मेरी भी है, लेकिन मेरे हालात अब ऐसे नहीं रहे, आदमी मैं बुरा नहीं हूं, पर हालात नहीं... इसमें किसी की कोई गलती नहीं है, मेरी ही है, मैंने कई ऑनलाइन ऐप से लोन से रखा है, पर मैं लोन भर नहीं पा रहा हूं, इज्जत के डर से यह कदम उठा रहा हूं, पुलिस मेरे परिवार को परेशान न करें, मैं ही दोषी हूं.'

अमित ने आगे लिखा था- 'एक विशेष बात मेरे परिवार को बता दें कि लोन पैन कार्ड पर होता है, अगर पैन कार्ड धारक मर जाता है तो लोन का कोई अस्तित्व नहीं रहता, मेरे लोन को किसी को भरने की जरूरत नहीं है, मैं मेरे आई और मां-बाप से बहुत प्यार करता हूं, आपस में घर वाले न लड़े यही मेरी आखिरी इच्छा है, यह चिट्ठी मेरे घर वालों को जरूर पढ़ाया जाए, मम्मी मैं जा रहा हूं... अमित यादव, एक फकीर इंसान.'

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