महाराष्ट्र के ठाणे के एक व्यक्ति को शेयर ट्रेडिंग के बहाने 33 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में एक प्रमुख प्राइवेट बैंक के सीनियर मैनेजर और एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी ने पीड़ित को अच्छे रिटर्न का वादा करके शेयर ट्रेडिंग में पैसा निवेश करने का लालच दिया था.
साइबर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक गजानन कदम ने बताया, "एक प्राइवेट बैंक वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व कर्मचारी उल्हासनगर से गिरफ्तार किया गया है. आरोपी ने शेयर बाजार में पैसे लगाने और अच्छे रिटर्न का लालट देकर पीड़ित से 33 लाख 5 हजार 23 रुपए ऑनलाइन पेमेंट कराए थे.
पुलिस के मुताबिक, पैसे देने के कुछ दिनों के बाद पीड़ित ने जब रिटर्न के साथ अपनी निवेश राशि मांगी, तो आरोपी गोलमोल जवाब देना शुरू कर दिया. इसके बाद पीड़ित ने साइबर पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया. इसकी जांच के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गईं.
पुलिस ने जिस बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, जब उसके खाता धारकों का पता लगाया, तो ठगों का नाम सामने आ गया. इसके बाद आरोपियों में से एक प्रवीणकुमार रमेश मिश्रा (26) को हिरासत में ले लिया गया. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि प्राइवेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारी अशोक श्यामलाल चौहान (27) की मदद से पीड़ित को धोखा दिया है. वो लोगों को फंसाता और उन्हें अशोक चौहान के पास भेजता था, जो खाते खोलता था.
इसके बाद उनके डेबिट कार्ड, चेक बुक और खाते से जुड़ी अन्य चीजें अपने पास रख लेता था. इनको धोखाधड़ी करने के लिए इस्तेमाल करता था. दोनों आरोपियों को 28 मार्च को गिरफ्तार किया गया और पांच दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. यहां उनसे पूछताछ की जा रही है.
आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड, सात बैंक डेबिट कार्ड, दो चेक बुक, तीन पासबुक और छह रबर स्टांप बरामद किए गए हैं. पूछताछ के दौरान उन्होंने पुलिस को बताया कि वे भारत में अन्य जगहों पर चार साइबर अपराधों में शामिल थे. पुलिस ने 15 लाख 31 हजार 769 रुपए जब्त किए हैं.
बताते चलें कि पिछले कुछ वर्षों में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ा है. देश के हर राज्य में साइबर अपराधी आम से लेकर खास लोगों तक को अपना शिकार बना रहे हैं. इसी साल फरवरी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा ने एक रिपोर्ट संसद में पेश की थी. उसके मुताबिक 2022-23 में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा साइबर क्राइम हुए. इस दौरान यूपी में 2 लाख लोगों के साथ साइबर फ्रॉड हुआ है. साइबर ठगों ने इस दौरान यूपी में 721.1 करोड़ रुपयों की ठगी की थी.
इसके बाद महाराष्ट्र और फिर गुजरात में सबसे ज्यादा केस दर्ज हुए हैं. साल 2022-23 में 11.28 लाख साइबर क्राइम देशभर में सामने आए थे. इसमें आधे मामले तो केवल पांच राज्यों में ही दर्ज किए गए हैं. इनमें उत्तर प्रदेश में लगभग 2 लाख केस दर्ज हुए है. दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र में 1 लाख 30 हजार केस, तीसरे नंबर पर गुजरात में 1 लाख 20 हजार केस, चौथे और पांचवे नंबर पर राजस्थान और हरियाणा में करीब 80-80 हजार मामले दर्ज किए गए थे.