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खुद हुआ ठगी का शिकार फिर उसी तरीके से 100 बच्चों को बनाया निशाना, 50 लाख ठगे

ऑनलाइन गेम के टूल और बैटल गन बेचने के नाम पर बच्चों से ठगी करने वाले छात्र को साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, छात्र इंस्टाग्राम पर पेज बनाकर दो साल से बच्चों को ठग रहा था.

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MA का छात्र है आरोपी विशाल.
MA का छात्र है आरोपी विशाल.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ऑनलाइन गेम टूल बेचने के नाम पर ठगी
  • दो साल पहले इंस्टाग्राम पर बनाया फेक पेज

देश में ऑनलाइन गेम टूल बेचने के नाम पर अब छोटे बच्चों से भी ठगी के मामले सामने आने लगे हैं. ताजा मामला गाजियाबाद का है. यहां  ऑनलाइन गेम टूल और बैटल गन बेचने के नाम पर छोटे बच्चों के साथ साइबर अपराधियों ने ठगी की वारदात को अंजाम दिया. साइबर पुलिस ने इस सिलसिले में एक आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है.

पुलिस के मुताबिक, यह युवक इंस्टाग्राम पर अपना पेज बनाकर 2 साल से बच्चों के साथ लगातार ठगी की वारदात को अंजाम दे रहा था. अब तक उसने 100 से ज्यादा बच्चों के साथ 50 लाख रुपयों की ठगी की है. पुलिस ने मीडिया को यह भी बताया कि आरोपी के पास से पौने दो लाख रुपए की सोने की चेन, ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और आधार कार्ड आदि बरामद किए गए हैं.

दरअसल, नेहरू नगर में रहने वाले कंपनी कर्मचारी ने पुलिस में इसे लेकर शिकायत दी थी. उनका कहना था कि उनका बेटा ऑनलाइन गेम बीजीएमआई कई दिनों से खेलता है. गेम के दौरान लेवल पार करने के लिए जालसाजों ने इंस्टाग्राम पर बैटल गन खरीदने का संदेश भेजा. गन की कीमत करीब 800 रुपये बताई गई. जल्द लेवल पार करने के चक्कर में बेटे ने Paytm के जरिए भुगतान कर दिया. आरोप है कि इसके बाद साइबर ठगों ने अलग-अलग बहानों से 2 लाख से ज्यादा रुपये उड़ा लिए.

खुद भी हुआ ठगी का शिकार
पुलिस ने शिकायत के बाद जांच शुरू की और बाराबंकी के रहने वाले शख्स विशाल को गिरफ्तार किया. आरोपी एमए की पढ़ाई कर रहा है. बताया जा रहा है कि विशाल खुद भी ऑनलाइन गेम खेलता था. इस दौरान उससे जालसाजों ने दो सौ रुपये की ठगी कर ली थी. इसके बाद उसने भी ठगी का धंधा शुरू कर दिया. उसने दो साल पहले इंस्टाग्राम पर फेक पेज बनाया और उस पर पब्जी व अन्य ऑनलाइन गेम के टूल व पैटल गन बेचने का विज्ञापन डाल दिया. बच्चे पेज पर विज्ञापन देखकर उससे संपर्क करते थे.

पुलिस ने बताया कि विशाल शुरुआत में खाते में रकम मंगाता था. बाद में वह बच्चों से उनके पैरेंट्स के क्रेडिट व डेबिट कार्ड का नंबर पूछता और फिर मोबाइल पर आए ओटीपी को पूछकर ऑनलाइन सोने के सिक्के खरीदता था.

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