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'रिश्तेदारों को भेज देंगे रिकॉर्डिंग', बैंककर्मी को चाहिए थी कामवाली, लुट गए 52 लाख

Online Fraud: कॉल करने वाले शख्स ने बैंककर्मी को कुछ कामवाली महिलाओं के फोटो भेजे और सिलेक्ट करने का ऑप्शन दिया. बैंककर्मी से कहा गया कि जिस महिला को वह चुनेगा, वही उसके पास काम के लिए भेज दी जाएगी. फिर शुरू हुआ ऑनलाइन ठगी का खेल...

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(प्रतीकात्मक तस्वीर) (प्रतीकात्मक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोलकाता से पकड़ा गया शातिर ठग
  • ठगी के करीब 51 लाख रुपए बरामद

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के तालकटोरा इलाके में रहने वाले एक बैंक कर्मचारी को नौकरानी की तलाश थी. गूगल पर सर्च किया तो कुछ देर बाद बैंककर्मी के पास एक अनजान शख्स का कॉल आता है और वह कामवाली उपलब्ध कराने का ऑफर देता है. इसके बाद कपल गोल्स नाम की डेटिंग कंपनी पर पैसा लेकर रजिस्ट्रेशन कराया गया और कुछ कामवाली महिलाओं की फोटो भेजकर सिलेक्ट करने का ऑप्शन दिया. बैंककर्मी से कहा गया कि जिस महिला को वह चुनेगा, वही उसके पास काम के लिए भेज दी जाएगी. इतना ही नहीं, पीड़ित व्यक्ति से सिक्योरिटी और एनपीए के पैसे भी मांगे गए.

जब बैंककर्मी सारी औपचारिकताएं पूरी कर कामवाली का इंतजार कर रहा था, तभी एक महिला का कॉल आया और वह उससे अश्लील बातें करने लगी. पीड़ित ने महिला को ऐसा करने से मना किया और उसका फोन काट दिया. इसके बावजूद उसके पास मोबाइल में अश्लील वीडियो और फोटो आने शुरू हो गए और ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू हो गया.

बैंककर्मी ने जब महिला से बात करने से मना कर दिया, तभी एक शख्स का कॉल आया और उसने कहा, ''आपका फोन नंबर हमारे कपल गोल्स नामक डेटिंग कंपनी में रजिस्टर कर लिया गया है और साथ ही साथ, हमारे पास आपकी कॉल रिकॉर्डिंग भी है. यह रिकॉर्डिंग हम आपके परिजनों, नातेदारों, रिश्तेदारों और आपके ऑफिस में भेज देंगे और आपकी बदनामी कराएंगे. अगर इससे बचना है तो हमारी कंपनी को पैसे भेज दीजिए.''

इस धमकी से बैंककर्मी डर गया और ब्लैकमेलर की बात मानकर 52 लाख रुपए ट्रांसफर भी कर दिए, लेकिन बावजूद इसके ब्लैकमेलर बाज नहीं आया और वह लगातार पैसों की मांग करता रहा, जिसके कारण पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नरेट से की और तत्काल लखनऊ के तालकटोरा में मुकदमा दर्ज किया गया.

लखनऊ पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि साइबर क्राइम सेल और तालकटोरा थाने की टीम ने इस पर काम शुरू किया और गिरोह के शातिर जालसाज संदीप मंडल को धर दबोचा. आरोपी संदीप मंडल ने अपना ठिकाना कोलकाता की एक घनी आबादी के बीच क्रुकेट लेन, बेंटिक स्ट्रीट स्थित अजीत सेन बिल्डिंग में बना रखा था और खुद भी वहीं रहता था. हालांकि, लखनऊ पुलिस उसे कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है. 

लखनऊ पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.

आरोपी संदीप मंडल ऑनलाइन फर्जी डेटिंग ऐड कंपनी चलाता है. इस कंपनी के जरिए अब तक कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है. पुलिस ने आरोपी के पास से बैंककर्मी की लूटी गई 52 लाख की रकम में से 50 लाख 17 हजार रुपए बरामद कर लिए हैं. आरोपी संदीप के पास से पुलिस को 25 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी मिला है.

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कॉल सेंटर के माध्यम से ठगी को करने के लिए काफी बड़ी टीम बनाई गई है. इस काम में और भी कई बड़े लोग जुड़े हुए हैं. फर्जी अकाउंट और फर्जी पते पर सिम कार्ड लेने के लिए सीनियर्स मदद करते हैं. फिर इन्हीं फर्जी नंबरों  से लोकांटो (LOCANTO) और अन्य डेटिंग साइट पर विज्ञापन देते हैं. 

इसके बाद विज्ञापन देखकर कस्टमर कॉल करता है और फिर हम उसे हमारे यहां कॉल सेंटर में काम कर रही महिलाओं के जरिए अश्लील बातों के लिए कॉल कराते हैं और जब कस्टमर अश्लील बातें करने में फंस जाता है, तब हम उसे ब्लैकमेल करते हैं. जिसके एवज में कस्टमर डरकर हमें पैसे देता है. बहरहाल, पुलिस अब आरोपी के साथ इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश में जुट गई है. 
 

 

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