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37 अरब का ऑनलाइन स्कैम: अनुभव मित्तल की जमानत याचिका खारिज

37 अरब की ऑनलाइन ठगी के मामले में कोर्ट ने अनुभव मित्तल की जमानत याचिका खारिज कर दी है. अब एसटीएफ ने अनुभव को रिमांड पर लेने के लिए अदालत में अर्जी दी है. जिस पर अदालत सात दिन बाद फिर सुनवाई करेगी.

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एसटीएफ ने कोर्ट में अनुभव मित्तल की रिमांड के लिए अर्जी लगाई है एसटीएफ ने कोर्ट में अनुभव मित्तल की रिमांड के लिए अर्जी लगाई है

37 अरब की ऑनलाइन ठगी के मामले में कोर्ट ने अनुभव मित्तल की जमानत याचिका खारिज कर दी है. अब एसटीएफ ने अनुभव को रिमांड पर लेने के लिए अदालत में अर्जी दी है. जिस पर अदालत सात दिन बाद फिर सुनवाई करेगी.

मित्तल की जमानत याचिका खारिज
नोएडा के चर्चित 37 अरब की ऑनलाइन ठगी के मामले में सीजेएम कोर्ट ने अनुभव मित्तल की जमानत याचिका करते हुए इस मामले पर सात दिन बाद सुनवाई करने का फैसला किया है. इसके साथ ही एसटीएफ ने अदालत में मित्तल की रिमांड के लिए अर्जी लगाई है.

शिकायतें बढ़कर 8 हजार तक पहुंची
ऑनलाइन ठगी के मामले में सोशल ट्रेडिंग के जरिये ठगी की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं. अभी तक अनुभव मित्तल और उसकी कंपनी के खिलाफ आने वाली शिकायतों की संख्या आठ हजार हो चुकी है. ये शिकायतें देश ही नहीं बल्कि नाइजीरिया, मस्कट और केन्या से भी आ रही हैं.

कहां गया ऑनलाइन ठगी का 3000 करोड़ रुपया?
3700 करोड़ रुपए के ऑनलाइन स्कैम का 3000 करोड़ से ज्यादा रुपया क्या विदेश भेजा जा चुका है? सोशल ट्रेडिंग के नाम पर अनुभव मित्तल की ओर से चलाई जाने वाली पॉन्जी स्कीम को लेकर यूपी की स्पेशल टॉस्क फोर्स (STF) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े सूत्रों ने ऐसी ही आशंका जताई है. बता दें कि मित्तल की कंपनी से जुड़े खातों में केनरा बैंक से 480 करोड़ रुपया और यस बैंक से 44 करोड़ रुपया ही सीज किया जा सका है.

एसटीएफ को मिले केवल 524 करोड़
दिसंबर में ही अनुभव मित्तल की पॉन्जी स्कीम ने निवेशकों को रिटर्न देना बंद कर दिया था. इसी वक्त बैंक खातों को बंद कर नए बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने का सिलसिला शुरू हुआ. गाजियाबाद के राजनगर में एक्सिस बैंक खाते से रकम राजनगर में ही यस बैंक खाते में भेजी गई. फिर यस बैंक खाते से कोटक महिंद्रा बैंक खाते में. इसके बाद कोटक महिंद्रा खाते से केनरा बैंक खाते में. अनुभव मित्तल के सभी 10 खाते राजनगर में ही विभिन्न बैंकों में थे. STF ने केनरा बैंक खाते से 480 करोड़ और यस बैंक से 44 करोड़ रुपए जब्त किए.

बदल दिए वेबसाइटस् के नाम
जब निवेशकों ने पैसे के लिए मांग करना शुरू किया और शिकायत दर्ज कराई तो मित्तल ने नई कंपनियां बना कर ऑपरेट करना शुरू कर दिया. दिसंबर में सोशल ट्रेड डॉट बिज को नई कंपनी फ्रीहब डॉट कॉम में माइग्रेट कर दिया गया. 10 दिन बाद ही फ्रीहब डॉट कॉम को फिर इंटमार्ट डॉट कॉम में बदला गया. 27 जनवरी को इंटमार्ट डॉट कॉम को फ्रेंन्जअप डॉट कॉम में माइग्रेट किया गया.

कर्मचारियों को मिलता थी मोटी सेलरी
अनुभव मित्तल ने ये दिखाने के लिए कि एब्लेज इन्फो सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड फर्जी कंपनी नहीं है, इसमें ब़ड़े पैमाने पर मोटा वेतन देकर भर्तियां कीं. करीब 100 लोगों को हायर किया गया. निदेशकों को 5 लाख रुपए और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) को ढाई लाख रुपए प्रति महीना वेतन दिया गया. टेक्निकल/सपोर्ट स्टाफ को भी 40,000 रुपया हर महीने वेतन दिया गया. अनुभव मित्तल की ओर से आईटी मेंटेनेंस के लिए भी 20 लाख रुपए दिए जाते थे. इसके अलावा हर महीने भाड़े के तौर पर भी 20 लाख रुपए का भुगतान किया जाता था.

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