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पहली बार सामने आई शीना की डायरी से हुए चौंका देने वाले खुलासे, पिता से थी नाराजगी

शीना मर्डर केस में पहली बार शीना बोरा की एक डायरी सामने आई है इसमें उसके हवाले से कई राज सामने आ रहे हैं. वो 2003 से डायरी लिखती थी. इसमें मां इंद्राणी के प्रति प्यार और नफरत है, तो पिता सिद्धार्थ से उम्मीदें और हल्की नाराजगी भी.

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शीना बोरा की एक डायरी सामने आई है, जिसमें उसके हवाले से कई राज सामने आ रहे हैं.
शीना बोरा की एक डायरी सामने आई है, जिसमें उसके हवाले से कई राज सामने आ रहे हैं.

शीना मर्डर केस में पहली बार शीना बोरा की एक डायरी सामने आई है. इसमें उसके हवाले से कई राज सामने आ रहे हैं. वो 2003 से डायरी लिखती थी. इसमें मां इंद्राणी के प्रति प्यार और नफरत है, तो पिता सिद्धार्थ से उम्मीदें और हल्की नाराजगी भी. शीना एक जगह लिखती है, 'मुझे नहीं पता कि मां मुझे याद करती है या नहीं, लेकिन वो मेरी मां हैं. मैं उन्हें चाहती हूं.'

मां को प्यार करने वाली शीना के दिल में जल्द ही मां के लिए नफरत पैदा हो गई. अपने एक जन्मदिन के मौके पर उसने डायरे में लिखा, 'हैप्पी बर्थडे टू मी, लेकिन मैं खुश नहीं हूं. ऐसा लगता है कि मेरी जिंदगी में कुछ भी नहीं है. मेरा भविष्य अंधकारमय है. मुझे अब मां से नफरत है. वह मां नहीं है, डायन है.' डायरी में शीना के पिता सिद्धार्थ से संपर्क में रहने के भी सबूत हैं.


शीना लिखती है, 'डैडी, मैं आपसे बहुत नाराज हूं. आपने मुझे खत क्यों नहीं लिखा? मैं भी बहुत दिनों बाद लिख रही हूं, लेकिन आपको समझना चाहिए कि मैं 10वीं में हूं. सुबह साढ़े सात से रात साढ़े आठ बजे तक स्कूल-कोचिंग में बिजी रहती हूं. वक्त नहीं मिल पाता. आपने कहा था कि पहले पढ़ाई, बाद में स्टाइल. आपके कहने पर मैंने नाखून काट लिए हैं. आप मुझसे दिसंबर में गुवाहाटी आकर मिलें.'


मां की शादियों और अपनी जाति को लेकर भी शीना काफी कन्फ्यूज़ रहती थी. उसने डायरी में एक जगह लिखा, 'मैं अपनी जाति क्या लिखूं? एक फॉर्म में जाति बताने पर मुझे स्कॉलरशिप मिल सकती है. पढ़ाई के साथ-साथ मेरा खर्च बहुत बढ़ गया है.' वह अपने पिता सिद्धार्थ दास से कुछ-कुछ नाराज रहती थी. उसकी डायरी में लिखी हुई कई बातें इस तरफ इशारा करती हैं.


शीना अपने पिता सिद्धार्थ को लिखती है, 'आप मेरे मामा के साथ काम क्यों करना चाहते हैं? अपना काम खुद क्यों नहीं शुरू करते? नाना-नानी आपको बुरा बताते हैं, लेकिन मैं ऐसा नहीं मानती. नाना-नानी मां और पीटर के शादी से खुश हैं. लेकिन मुझे ये ठीक नहीं लगा. मेरे भीतर दर्द, आंसू हैं. ये कब, कहां और किसके सामने निकलेंगे, मुझे भी नहीं पता है.'


शीना की डायरी से सुराग मिलने के साथ ही मुंबई पुलिस पीटर मुखर्जी से भी दोबारा पूछताछ कर रही है. खार पुलिस स्टेशन में मौजूद पीटर मुखर्जी से पुलिस ने कल भी करीब 12 घंटे की लंबी पूछताछ की थी. उनसे तकरीबन 250 सवाल किए थे. हालांकि, पीटर का लगातार ये कहना है कि शीना के बारे में उन्हें उतना ही पता रहता था जितना इंद्राणी बताती थी.


हत्या का खुलासा होने से पहले तक उन्हें यही मालूम था कि शीना इंद्राणी की बेटी है. इंद्राणी ने उन्हें यही बता रखा था. पीटर ने पुलिस को बताया कि शीना के पास प्रॉपर्टी के नाम पर ज्यादा कुछ नहीं था. ना ही उनकी संपत्ति से शीना को बहुत कुछ मिलने वाला था. वो और इंद्राणी मिलकर शीना और उसके भाई मिखाइल के खर्चे उठाते थे. ऐसे में प्रॉपर्टी के लिए हत्या की बात हैरान करने वाली है.

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