scorecardresearch
 

क्या 'धोखेबाज़' खुद गर्लफ्रेंड के धोखे का शिकार हो गया? जानिए मेहुल चोकसी का पूरा सच

भारत और भारत के कानून से चल रही मेहुल चोकसी की रेस अब ख़त्म होने वाली है. साढ़े तेरह हज़ार करोड़ रुपये के महाघोटाले के किंगपिन चोकसी के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है. बहुत मुमकिन है कि आनेवाले कुछ दिनों में वो आपको भारत में ही सलाखों के पीछे नज़र आए.

डोमिनिका कोर्ट परिसर में भारत का भगोड़ा मेहुल चोकसी व्हीलचेयर पर नजर आया डोमिनिका कोर्ट परिसर में भारत का भगोड़ा मेहुल चोकसी व्हीलचेयर पर नजर आया

धोखा देना जिसकी फितरत में हो और लूटना आदत. वो किसी को भी धोखा देकर लूट सकता है. पंजाब नेशनल बैंक के साढ़े 13 हजार करोड़ रुपये धोखे से लूटने वाले मेहुल चोकसी पर ये बात पूरी तरह फिट बैठती है. धोखा देकर वो देश से तो भाग गया. लेकिन उसके बारे में एक नई खबर आई है. उसने केवल बैंक के साथ ही धोखाधड़ी नहीं की, बल्कि अपनी गर्लफ्रेंड को भी धोखा दिया. गर्लफ्रेंड को कीमती और महंगी चीज़ें गिफ्ट करने के नाम पर उसने नकली और सस्ती जीज़ें थमा थी. अब मेहुल चोकसी का कहना है कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड से धोखा नहीं किया बल्कि उसकी गर्लफ्रेंड ने उसे धोखा दे दिया. यानी मामला डबल क्रास करने का है.

भारत और भारत के कानून से चल रही मेहुल चोकसी की रेस अब ख़त्म होने वाली है. साढ़े तेरह हज़ार करोड़ रुपये के महाघोटाले के किंगपिन चोकसी के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है. बहुत मुमकिन है कि आनेवाले कुछ दिनों में वो आपको भारत में ही सलाखों के पीछे नज़र आए. आरोप है कि चोकसी अपने भांजे नीरव मोदी के साथ मिल कर पिछले कई सालों से शेयर बाज़ार के रास्ते पंजाब नेशनल बैंक को घुन की तरह चाट रहा था, लेकिन जैसे ही उसकी पोलपट्टी खुली, वो भारत से नौ दो ग्यारह हो गया.

चोकसी ने 2017 में ही एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले ली थी और भारत में क़ानून का शिकंजा कसने का अहसास होते ही वो चुपके से यहां से फरार हो कर जनवरी 2018 में एंटीगुआ पहुंच गया. और इसी के बाद से लगातार चोकसी और भारतीय एजेंसियों के बीच लुकाछिपी का खेल चल रहा था, लेकिन इस मामले में तब ज़बरदस्त ट्विस्ट आया, जब 23 मई को चोकसी एंटीगुआ के पड़ोसी मुल्क डोमिनिका में रात करीब साढ़े ग्यारह बजे समंदर किनारे रहस्यमयी हालत में भटकता हुआ मिला.

इसे भी पढ़ेंः App पर दोस्ती, बुलाकर बनाते थे अश्लील वीडियो, फिर करते थे ब्लैकमेल, ऐसे हुए गिरफ्तार

डोमिनिका शासन ने फौरन चोकसी को दबोचा और अदालत उसकी तकदीर का फैसला लिखने बैठ गई और आख़िरकार 10 जून को इस हाई वोल्टेज ड्रामे का दी एंड हो गया. डोमिनिका की अदालत ने चौकसी को इल्लिगल इम्मिग्रैंट यानी अवैध अप्रवासी करार देते हुए उसे कॉमनवेल्थ ऑफ डोमिनिका के कानूनों के हवाले से देश से निकाल बाहर करने का हुक्म सुना दिया. मिनिस्ट्री ऑफ नेशनल सिक्योरिटी एंड होम अफेयर्स का यही वो दस्तावेज़ है, जो अब इस फ़रार कारोबारी के लिए ताबूत में आखिरी कील साबित होने जा रहा है.

लेकिन मेहुल चोकसी की घोटालेबाजी से लेकर उसकी फरारी और फिर फरारी के बाद गिरफ्तारी की ये कहानी अपने-आप में किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है. एक ऐसा थ्रिलर जिसमें क्राइम है, लव है, लस्ट है, वायलेंस है, सस्पेंस हैं. साथ ही और भी बहुत कुछ है. ये पूरी कहानी आज हम आपको तफ्सील से बताएंगे, लेकिन सबसे पहले डोमिनिका में हुए उसके किस्मत के फैसले का एक-एक सच जान लीजिए. चोकसे पर 28 मई को नाजायज़ तरीके से डोमिनिका में घुसने का आरोप तय किया गया था. हालांकि चोकसी का कहना था कि उसे कुछ लोगों ने एंटिगुआ से अगवा कर डोमिनिका में छोड़ दिया और फरार हो गए. 

लेकिन सच क्या था और झूठ क्या, यही पता करने के लिए डोमिनिका पुलिस मामले को अदालत में लेकर गई और आख़िरकार अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए चोकसी को कसूरवार करार दिया. फिलहाल चोकसी डोमिनिका पुलिस की हिरासत में है और उसने अदालत में अपनी ज़मानत की अर्ज़ी दे रखी है, जिस पर फैसला होना है. 

लेकिन अदालत का ये फैसला मेहुल चोकसी के उस दावे को झुठलाता है, जिसमें उसने खुद को अगवा कर डोमिनिका में छोड़े जाने की कहानी सुनाई थी. अब आइए आपको चोकसी के पकड़े जाने से लेकर उसके अपहरण की कहानी गढ़ने, अपहरण में उसके कथित गर्लफ्रेंड का रोल, गर्लफ्रेड का गर्लफ्रेंड होने से ही इनकार, और तो और भारत में घोटाला करने के आरोपी पर गर्लफ्रेंड को नकली ज़ेवर गिफ्ट के तौर पर थमाने के इल्ज़ाम भी है. 

Must Read: तीन पत्नियों वाले पति का एक बीवी से हुआ झगड़ा, पेट में लात मारी तो हो गया गर्भपात

23 मई को डोमिनिका में पकड़े जाने के बाद मेहुल चोकसी ने कहा था कि वो यहां खुद नहीं आया, उसे तो यहां लाया गया है. और वो भी जबरदस्ती अगवा करके. चोकसी की मानें तो उसे 23 मई की शाम को एंटिगुआ में तब अगवा कर लिया गया था, जब वो अपनी गर्लफ्रेंड बारबारा जबारिया से मिलने गया था. 

मेहुल की कहानी के मुताबिक "23 मई को मुझे बारबरा ने अपने घर से पिक करने के लिए कहा था. हम दोनों डिनर पर जानेवाले थे. मैं उसे कुछ महीनों से एक दोस्त की तरह जानता था और वो मेरे पड़ोस में रहती थी. लेकिन शाम को करीब पांच बजे जैसे ही मैं बारबरा के घर दाख़िल हुआ, तो 8-10 लंबे तगड़े लोग वहां आ धमके और उन्होंने खुद को एंटिगा पुलिस का स्टाफ बताते हुए अपने साथ चलने को कहा. मेरे मना करने और मेरा कसूर पूछने पर इन लोगों ने ना सिर्फ़ मुझे बुरी तरह पीटा, बल्कि मेरी आंखों पर पट्टी बांध दी और मुझे अपने साथ ले जाने लगे और तो और इन्हीं लोगों ने मुझसे मेरा फ़ोन, रोलेक्स घड़ी और वॉलेट भी छीन लिया."

चोकसी ने एंटिगुआ पुलिस से लेकर डोमिनिका की जो कहानी सुनाई है, उसमें उसने आगे कहा है कि उसे बारबारा के घर से अगवा करने के बाद एक छोटी नाव में ले जाया गया. और फिर वहां से एक बड़ी नाव में बिठा कर लोग आगे निकल गए. बाद में बीच समंदर में उनकी आंखों से पट्टी हटाई गई, तो उसे समझ में आ गया कि उसे अगवा करने वाले लोग कोई पुलिसवाले नहीं बल्कि कोई और ही हैं. चोकसे की मानें तो ये शायद कुछ किराये के लोग थे, जिन्हें उसे अगवा करने के लिए ही हायर किया गया था. और तो और चोकसे ने अपनी गर्लफ्रेंड बारबारा के रवैये पर भी हैरानी जताई, क्योंकि जब ये लोग बारबारा के घर से उसे अगवा कर रहे थे, बारबारा ने एक बार भी उन्हें रोकने-टोकने की कोशिश नहीं की, बल्कि चुपचाप खड़ी रह कर ये तमाशा देखती रही. ड्रिंक्स लेती रही.

मेहुल ने दो जून को अपने वकीलों के ज़रिए एंटिगा पुलिस को ये शिकायत सौंपी थी. अपने पांच पन्नों की शिकायत में मेहुल ने बताया है कि कुछ लोग पिछले कई दिनों से लगातार उस पर निगाह रख रहे थे. वो कहां जाता है, किससे मिलता है, डिनर के लिए कौन सा रेस्तरां उसका पसंदीदा है, ये सब इन अगवा करनेवाले लोगों को पता था. हालांकि मेहुल की इस कहानी पर ना तो एंटिगा पुलिस को ऐतबार है और ना ही डोमिनिका की अदालत को.

Exclusive: मेहुल की पत्नी प्रीति चोकसी भी ED के रडार पर, क्या घोटाले में थी भूमिका?

अब तो उसकी कथित गर्लफ्रेंड बारबरा ने ही उसकी पोल खोल दी है और कहा है कि वो ना तो उसकी गर्लफ्रेंड है और ना ही वो मेहुल चोकसी को मेहुल के तौर पर जानती है. बल्कि बारबरा की मानें तो मेहुल उससे अब तक राज बन कर मिलता रहा और गिफ्ट में नकली हीरे की अंगूठी पेश कर उसे धोखा देने की और उसके पास आने की कोशिश की. आजतक से फोन पर बातचीत करते हुए बारबारा ने कहा कि वो पहली बार अगस्त, 2020 में मेहुल से मिली थी, तब मेहुल ने ना सिर्फ उसे अपना नाम राज बताया था, बल्कि एंटिगुआ में जहां वो रहता था और जहां उनका उठना-बैठना था, वो सारे उसे राज के नाम ही से जानते थे.

बारबारा ने कहा "उसने मेरा नंबर मांगा और कहा कि मैं उसे कभी भी किसी ज़रूरत के लिए कॉल कर सकती हूं. क्योंकि उसके पूरे आईलैंड में सभी लोगों से अच्छे रिश्ते हैं. इस पर मैंने उनको अपना नंबर दे दिया. इसके बाद वो मुझे मैसेज करने लगा और मेरे करीब आने की कोशिश की. उसने मुझे कॉफी और डिनर के लिए भी कहा. चूंकि कैरेबियन लोगों में एक नॉर्मल सी बात है और यहां के लोग दोस्ताना मिज़ाज को होते हैं, मुझे उसके ऑफ़र में कुछ भी अटपटा नहीं लगा. और तो और उसने मुझे अपने साथ डोमिनिका में बसने की भी पेशकश की थी. लेकिन जब मुझे उसका सच पता चला, तो हैरानी हुई. इसके बाद मैं एक ज्वेलरी शॉप पर गई, जहां मैंने उसकी दी हुई रिंग और ब्रेसलेट को चेक करवाया तो मुझे चला कि वो तो नकली है."

बारबारा ने बताया कि वो यूरोप में रहती है और भारतीय ख़बरों की ज़्यादा जानकारी नहीं है. उसे ये भी नहीं पता है कि उसने भारत में कोई जालसाज़ी की है या नहीं. और वो मेहुल के बैकग्राउंड के बारे में भी नहीं जानती है. बारबारा ने खुद को किसी जासूस या एजेंट होने की बात से भी इनकार किया और कहा कि अगर उसे जाल बिछा कर मेहुल को अगवा ही करवाना होता तो उसके पास इसके लिए अनगिनत मौके थे. वो मेहुल के साथ इवनिंग वॉक पर जाया करती थी. वो चाहती तो उसे किसी सुनसान जगह पर ही वॉक के बहाने ले जा सकती थी, जहां उसे किडनैप किया जा सकता था. लेकिन उसके बारे में जो कुछ कहा जा रहा है, उसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है.

हालांकि मेहुल की बीवी प्रीति चोकसी एक बार फिर अपने पति के बचाव में सामने आई है. और उसने मेहुल की कथित गर्लफ्रेंड बारबारा के इल्ज़ामों को ग़लत करार दिया है. उसने बारबारा के उस दावे को भी फर्ज़ी बताया है जिसमें उसने कहा कि मेहुल ने उसे अपनी पहचान राज बताई थी. प्रीति ने कहा आज की तारीख में कोई बच्चा भी इंटरनेट पर अपने दोस्तों की पहचान ढूंढ़ता है और रिवर्स गूगल सर्च और सोशल मीडिया के जरिए आसानी से किसी के बारे में सबकुछ जाना जा सकता है. मेहुल और बारबारा के चैट के स्क्रिनशॉट को भी प्रीति ने धोखा करार दिया और कहा कि ऐसे मैसेज फोटोशॉप जैसे सॉफ्टवेयर से आसानी से बनाया जा सकते हैं. प्रति के कहा कि उनके पति अपनी पहचान छुपाने की कोशिश क्यों करेंगे? वो ऐसी बात कहेंगे ही क्यों, जो बात में झूठी साबित हो. ये उनकी छवि खराब करने की कोशिश है.

बहरहाल, जब तक मेहुल को भारत लाया नहीं जाता, तब तक उसके आरोप-प्रत्यारोप का खेल अभी चलता रहेगा. लेकिन जिस तरह से एंटिगुआ सरकार से लेकर डोमिनिका की अदालत तक ने अब मेहुल के दावों को खारिज करना शुरू कर दिया है, उससे लगता है कि अब वो दिन दूर नहीं जब साढ़े तेरह हज़ार करोड़ के महा घोटाले का ये मुल्ज़िम जल्द ही भारत में सलाखों के पीछे होगा.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें