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न्यू ईयर पर बगदादी ने जारी किया 'आतंक का घोषणा-पत्र'

साल 2016 खत्म हो गया. दुनिया ने अपने-अपने हिसाब से बीते साल का लेखा-जोखा तैयार किया और उसे जारी भी किया. लेकिन बीते साल का बहीखाता और नए साल की प्लानिंग जैसी बगदादी ने की है वैसी किसी ने नहीं. वैसे भी आतंक की ऐसी प्लानिंग या आतंक का ऐसा मेनिफिस्टो बगदादी जैसे लोग ही जारी कर सकते हैं. बगदादी की इस रिपोर्ट का हर पन्ना दहशत की स्याही में डूबा है, तो पेश है बगदादी की 2016 की खुद अपनी बनाई आतंक की रिपोर्ट और 2017 के लिए बनाए उसके आतंक का घोषणा पत्र.

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आईएसआईएस का सरगना अबु बकर अल बगदादी आईएसआईएस का सरगना अबु बकर अल बगदादी
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साल 2016 खत्म हो गया. दुनिया ने अपने-अपने हिसाब से बीते साल का लेखा-जोखा तैयार किया और उसे जारी भी किया. लेकिन बीते साल का बहीखाता और नए साल की प्लानिंग जैसी बगदादी ने की है वैसी किसी ने नहीं. वैसे भी आतंक की ऐसी प्लानिंग या आतंक का ऐसा मेनिफिस्टो बगदादी जैसे लोग ही जारी कर सकते हैं. बगदादी की इस रिपोर्ट का हर पन्ना दहशत की स्याही में डूबा है, तो पेश है बगदादी की 2016 की खुद अपनी बनाई आतंक की रिपोर्ट और 2017 के लिए बनाए उसके आतंक का घोषणा पत्र.

साल 2017 के लिए बगदादी ने अपना न्यू ईयर प्लान जारी कर दिया है. आतंक के इस मैनिफेस्टो में इस साल बगदादी ने दहशत फैलाने से पहले ही धमकाना शुरू कर दिया है. दहशत की इस धमकी को दुनिया हल्के में नहीं ले सकती, क्योंकि बगदादी का ये न्यू ईयर प्लान बेहद ख़ौफनाक है. यकीन मानिए, यदि बगदादी अपने इस घोषणा पत्र को लागू करने में कामयाब हो जाता है, तो साल 2017 में भी दुनिया चैन से नहीं रह पाएगी. बग़दादी ने न्यू ईयर प्लान का ट्रेलर नये साल के शुरू होने के महज़ कुछ देर बाद ही दिखा दिया.

तुर्की के इस्तांबुल से बगदादी के आतंकी ने बंदूक से दहशत की ऐसी फायरिंग की कि नए साल के जश्न से पहले ही मातम पसर गया. एक साथ 39 लोगों को साल की पहली तारीख को ही बग़दादी ने मौत के घाट उतार दिया. बकौल बग़दादी तुर्की में जो हुआ वो महज़ दहशत का ट्रेलर है. पूरी पिक्चर की स्क्रिप्ट तो बहुत खतरनाक है. लेकिन बगदादी के न्यू ईयर एजेंडे में सबसे ज़्यादा खौफनाक है वो प्लान जिसे पूरा करने के लिए उसने नन्हें मुजाहिद तैयार किए हैं. आईएस के आतंक वाले घोषणा पत्र में मोटे अक्षरों में छोटी पलटन की दहशत का जिक्र है.

इस छोटी पलटन को बगदादी अपने बड़े मिशन को पूरा करने के लिए तैयार कर चुका है. उन्हें पूरे साल दहशत फैलाने का फरमान सुनाया गया है. बगदादी के नन्हे जिहादियों वाली पलटन बेहद खतरनाक है. आईएस ने इनके मन में इतना ज़हर भर दिया है कि ये अपनी उम्र से ज़्यादा क्रूर हो चुके हैं. बगदादी के एक इशारे पर अपना सब कुछ न्योछावर करने को तैयार हैं. सबसे पहले ये जान लीजिए कि बगदादी ने 2017 के लिए सिर्फ न्यू ईयर प्लान ही जारी नहीं किया है, बल्कि आतंक की सल्तनत में 2016 की रिपोर्ट भी तैयार की गई है.

आप कशमकश में पड़ सकते हैं कि पूरे साल के कैलेंडर को एक एक करके हमने 12 बार पलट दिया. लेकिन इन 12 के 12 पन्नों में महीनों का नाम तो है. फिर तारीख़ क्यों नहीं और क्यों हर वरक खून से रंगा हुआ है. असल में ये बग़दादी का पिछले साल का कैलेंडर है. तारीख इसमें इसलिए दर्ज नहीं की गई, क्योंकि वो पहली रही हो या आखिरी और दूसरी रही हो या तीसरी, हर तारीख को बग़दादी के गुर्गों ने खून के रंग से पोत दिया था. कैलेंडर के पन्नों पर पड़ीं खून की इन्हीं छीटों को बटोर कर बग़दादी ने 2016 की आंतक की रिपोर्ट जारी की है.

बग़दादी और उसकी दहशतगर्दी पर बारीकी से नज़र रखने वाले जानकार भी इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि 2014 में खुद को खलीफा घोषित करने से लेकर अब तक यानी पिछले 3 सालों में जितनी दहशत आईएसआईएस ने 2016 के साल में मचाई. उतनी न तो 2014 में हुई न 15 में. इराक और सीरिया के इलाकों में कब्ज़ा करने के बाद यूं तो बगदादी ने मान ही लिया था कि दुनिया के नक्शे पर वो अपने आतंक के मुल्क की चौहद्दी खींचेगा. लेकिन पिछले साल इराक से लेकर सीरिया तक और अमेरिका से लेकर रशिया तक ने उसपर चढ़ाई की.

उससे वो अपनी ही सल्तनत में खुद को गैरमहफूज़ समझने लगा. इसी फिक्र ने उसे क्रूर और क्रूर बना दिया. खौफ में पूरे साल उसके आतंकियों ने ऐसा खंजर चलाया कि दोनों मुल्कों की ज़मीन खून से लाल हो गई. बग़दादी की रिपोर्ट के मुताबिक 2016 के साल में उसने सिर्फ इराक और सीरिया में ही बेगुनाहों का खून नहीं बहाया बल्कि दुनियाभर के 17 देशों पर उसके आतंकियों ने अलग-अलग तरीकों से दहशत की इबारत लिखी. इसमें बेल्जियम, सऊदी अगर, लीबिया, डेनमार्क, अमेरिका, तुर्की, फ्रांस, मिस्र और लेबनन समेत जर्मनी शामिल था.

दुनियाभर में हुए इन हमलों में 1422 से ज़्यादा बेकसूर लोगों को मारे गए. ये आंकड़े इसलिए परेशान करने वाले हैं क्योंकि न साल 2014 और न ही 2015 में आतंक का इतना खौफ दुनिया को झेलना पड़ा. पिछले साल बेल्जियम के ब्रसेल्स से शुरू हुई दहशत की ये कहानी. साल के खत्म होते होते जर्मनी के बर्लिन तक चली. लेकिन यही वो साल था जब एक तरफ बगदादी ने अपनी दहशत से दूसरों को रुलाया, तो वहीं साल के खत्म होते होते. वो खुद भी रोया. जान बचाने के लिए कायरों की तरह दर बदर फिरता रहा. आतंकियों को मरते हुए देखा.

 

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