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राम रहीम के राजः नेपाल के पोखरा में भेष बदल कर रह रही है हनीप्रीत?

काठमांडू से करीब दो सौ किलोमीटर दूर है पोखरा. पोखरा के छह ऐसे इलाके हैं, जहां पर हनी या तो देखी गई थी या जहां से वो गुजरी थी. आजतक की टीम भी हनी की तलाश में उसके पीछे-पीछे पहले पोखरा और फिर पोखरा से सटे उन छह इलाकों तक जा पहुंची. वहां जाने के बाद हमें पता चला कि हनी हर बार बाहर निकलने से पहले अपना हुलिया बदल लेती है.

पुलिस हनीप्रीत की तलाश में नेपाल बॉर्डर पर भी छापेमारी कर रही है पुलिस हनीप्रीत की तलाश में नेपाल बॉर्डर पर भी छापेमारी कर रही है

काठमांडू से करीब दो सौ किलोमीटर दूर है पोखरा. पोखरा के छह ऐसे इलाके हैं, जहां पर हनी या तो देखी गई थी या जहां से वो गुजरी थी. आजतक की टीम भी हनी की तलाश में उसके पीछे-पीछे पहले पोखरा और फिर पोखरा से सटे उन छह इलाकों तक जा पहुंची. वहां जाने के बाद हमें पता चला कि हनी हर बार बाहर निकलने से पहले अपना हुलिया बदल लेती है.

फिलहाल ताज़ा खबर ये है कि नेपाल पुलिस के अलर्ट पर आ जाने के बाद हनीप्रीत पोखरा के इन्हीं छह में से किसी एक इलाके में ही छुपी है और वहां से निकल भागने का मौका ढूंढ रही है. लेकिन हरियाणा और नेपाल पुलिस की टीम ने उसकी मुश्किलों को बढ़ा दिया है.

नेपाली रेडियो स्टेशन के जरिए रेडियो पर एक आवाज़ गूंज रही है, जो हनीप्रीत से खुद सरेंडर करने का आह्वान कर रही है. साथ ही उसे चेता भी रही है. व्हॉट्सएप के जरिए पर उसकी तस्वीर पूरे नेपाल में वायरल हो रही है. नेपाल के कुछ शहरों की आम दीवारों पर हनीप्रीत के पोस्टर चस्पा हैं. क्य़ोंकि ये तलाश-ए-हनी है.

काठमांडू से करीब 200 किमी दूर उत्तर की तरफ ये खूबसूरत शहर पोखरा है। वही पोखरा जहां हनी आखिरी बार दिखी। पोखरा में दाखिल होते हुए। पोखरा से बाहर निकलते हुए नहीं। तो क्या हनी पोखरा में ही छुप गई है? पर पोखरा में कहां?

आजतक की टीम को ज़रा सी भी जहां भी हनी के होने की भनक लगती वो फौरन उस इलाके को छान मारती। खबर के मुताबिक हमें पता चला कि हनी पोखरा के करीब छह जगहों पर छुपी हो सकती है. नेपाल के मगलिन, दमौली, दोखानी, धादिंग, कुंचा, बेसिहार, कुसमा और नोवाकोट जैसों इलाकों में हनीप्रीत छिपी हो सकती है. लिहाजा इन इलाकों में उसकी तलाश की जा रही है.

नोवाकोट के बारे में आपको पता दें कि ये वही इलाका है, जहां बाबा ने साल 2015 में आए भूकंप के बाद दिल खोल कर मुसीबत के मारों पर दरियादिली दिखाई थी. हनीप्रीत के यहां होने की पक्की ख़बर थी. मगर हनीप्रीत मिल नहीं रही है. उसकी कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं. आजतक को मिली जानकारी के मुताबिक हनीप्रीत चेहरे बदलने में माहिर है. बहुत मुमिकन है कि वो हुलिया बदलकर कहीं छिपी हो.

हुआ भी यही है. खबर है कि पोखरा में देखे जाने के बाद हनीप्रीत महेंद्रनगर में देखी गई. खुद हरियाणा पुलिस ने उसे महेंद्रनगर में देखे जाने की पुष्टि की है. पुलिस का कहना था कि हनीप्रीत महेंद्र नगर में ना सिर्फ़ देखी गई, बल्कि क़रीब हफ्ते भर से यहीं छिपी थी. लेकिन इससे पहले कि पुलिस उसे जीरो-इन कर पाती, वो फिर से गायब हो गई.

इसके बाद खबर आई कि उसे नेपाल बिहार बॉर्डर के बिराटनगर में पेट्रोल पंप पर नकाब में देखा गया. बताया जाता है कि ये पेट्रोल पंप भी राम रहीम के एक भक्त का है. यानी आखिरी बार इसी लिबास में हनीप्रीत को देखा गया था. मगर हो सकता है कि वो अब इस हुलिया को भी बदल ले.

लिहाज़ा उसकी बाकी तस्वीरों को भी देख लें. वो ऐसे और ऐसे हुलिए में भी नज़र आ सकती है. लोगों से वहां अपील की जा रही है कि अगर हनीप्रीत के बारे में कोई ख़बर मिले या वो दिखाई दे तो फौरन नज़दीकी पुलिस थाने में इत्तिला ज़रूर करें. ये भी याद रखें कि उसके साथ तीन और लोग भी हो सकते हैं.

ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि नेपाल में जितनी बार भी हनीप्रीत दिखाई दी, उतनी बार उसे नेपाल नंबर की एक कार में तीन और लोगों के साथ देखा गया. वो यहां से जाएगी कहां जा सकती है. एक खबर ये भी है कि वह नेपाल से चीन भाग सकती है. हालात ये है कि हनीप्रीत के लिए फिर से हिंदुस्तान लौटना फिलहाल खतरे से खाली नहीं है.

ऐसे में वो अभी कुछ दिन और नेपाल में ही छिपने की कोशिश कर सकती है. नेपाल से चीन के कई बॉर्डर लगते हैं, लेकिन उन रास्तों से भागना आसान नहीं है. नेपाल चीन के मुस्तांग-वे बॉर्डर पर आर्मी की तैनाती है. ये रास्ता आम नहीं है जबकि दूसरे बॉर्डर इतने हाई अल्टीट्यूट पर हैं कि यहां से होकर निकलना मुमकिन नहीं. नेपाली एजेंसियां पहले से अलर्ट पर हैं. ऐसे में वो हवाई रास्ते से भी नहीं भाग सकती.

फिलहाल हरियाणा पुलिस नेपाल पुलिस के साथ मिल कर पोखरा और उसके आसपास के सभी इलाकों के तमाम गेस्ट हाउस और होटल खंगाल रही है. अब देखना ये है कि पहले हनीप्रीत की गिरफ्तारी की खबर आती है या फिर किसी नए हुलिए में उसके कहीं और देखे जाने की खबर.

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