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नेपाल में हनीप्रीत को पकड़ने के लिए मुनादी, भाग सकती है चीन

बाबा राम रहीम की चहेती हनीप्रीत आखिर कहां है? पूरे 26 दिन बीत गए लेकिन वो अब तक पुलिस के हाथ क्यों नहीं आई. इन सब सवालों का जवाब अब हिंदुस्तान में नहीं नेपाल में है. जी हां, हनीप्रीत की तलाश अब हिंदुस्तान की बजाय नेपाल में ज्यादा सरगर्मी से शुरु हो गई है. सोशल मीडिया पर फोटो भेजे जा रहे हैं, चौक चौराहों पर पोस्टर लग गए हैं, और तो और रेडियो स्टेशन से बकायदा हनीप्रीत के नाम की मुनादी पीटी जा रही है.

बाबा राम रहीम की चहेती हनीप्रीत बाबा राम रहीम की चहेती हनीप्रीत

बाबा राम रहीम की चहेती हनीप्रीत आखिर कहां है? पूरे 26 दिन बीत गए लेकिन वो अब तक पुलिस के हाथ क्यों नहीं आई. इन सब सवालों का जवाब अब हिंदुस्तान में नहीं नेपाल में है. जी हां, हनीप्रीत की तलाश अब हिंदुस्तान की बजाय नेपाल में ज्यादा सरगर्मी से शुरु हो गई है. सोशल मीडिया पर फोटो भेजे जा रहे हैं, चौक चौराहों पर पोस्टर लग गए हैं, और तो और रेडियो स्टेशन से बकायदा हनीप्रीत के नाम की मुनादी पीटी जा रही है.

हिंदुस्तान से उड़कर हनीप्रीत नेपाल जा पहुंची. पुख्ता सबूत भले ही न हों लेकिन तमाम सुराग यही गवाही दे रहे हैं. हनीप्रीत की तलाश में हिंदुस्तानी एजेंसियों के सिग्नल नेपाली एजेंसियों और मीडिया तक पहुंच गए हैं. इन्हीं सिग्नलों को टटोलते-टटोलते आजतक की टीम भी नेपाल के तमाम उन ठिकानों में दस्तक दे रही है, जहां से हनीप्रीत से नाम का कोई भी साया गुजरा हो. आजतक की ये तलाश अब नेपाल की हवाओं में भी तैर रही है.

सूत्रों के मुताबिक नेपाल पहुंची हनीप्रीत किसी एक जगह पर छिपकर नहीं बैठी. उसे अच्छे से पता है कि उसकी तलाश में नेपाली एजेंसियां भी जुट गई हैं. इसीलिए वो नेपाल में भी लगातार ठिकाने बदल रही है. आखिरी बार उसे पोखरा में देखा गया लेकिन सूत्रों के मुताबिक वो पोखरा में ही मगलिन, दमौली, दोखानी, धादिंग, कुंचा, बेसिहार, कुसमा और नोवाकोट के बीच यहां से वहां हो रही है. उसे विराटनगर और महेंद्रनगर में भी देखा गया.

चेहरे बदलने में माहिर हनीप्रीत को दबोचने के लिए भारतीय एजेंसियों ने नेपाल पुलिस को उसके तमाम हुलियों की तस्वीर तो भेज ही रखी है. यदि वो किसी गांव देहात में छुप कर बैठी हो तो उसकी खबर देने के लिए रेडियो पर भी एनाउंसमेंट हो रहा है. पोखरा के चौक चौराहों पर भी हनीप्रीत की स्याह शोहरत चस्पा हो गई है. भारतीय एजेसिंयो से मिले इनपुट की बिनाह पर नेपाली पुलिस और तमाम एजेंसियों चप्पे चप्पे पर उसे तलाश रही हैं.

नेपाल में हनीप्रत जहां भी देखी गई उसके साथ 3-4 लोग और भी थे. यानि बहुत मुमकिन है कि राम रहीम के अंधेभक्तों का कुनबा नेपाल में भी सक्रिय हो और इन्हीं लोगों ने हनीप्रीत को पनाह दे रखी हो. नेपाल पुलिस हनीप्रीत की तलाश में इन बातों का भी खास ख्याल रख रही है. इधर हरियाणा पुलिस सीधे ये बात तो नहीं मान रही कि उसकी टीम भी नेपाल पुलिस के साथ तलाश कर रही है, लेकिन इशारा साफ है कि उसे ढूंढ निकाला जाएगा.

सूत्रों का दावा है कि हनीप्रीत विराटनगर के एक पेट्रोल पंप पर देखी गई. दावे के मुताबिक शहर के ही एक पेट्रोल पंप पर एक लंबी सी कार पेट्रोल भरवाने के लिए रुकी थी. इस पेट्रोल पंप की मालकिन विजया अधिकारी नाम की महिला हैं. विजया के पति का ताल्लुक हिंदुस्तान के पंजाब से था, लेकिन वो अब इस दुनिया में नहीं हैं. इस पंप को इलाके लोग अभी भी पंजाबी पेट्रोल पंप के नाम से जानते हैं. हिंदुस्तानी ट्रक यहीं से डीजल भरवाते हैं.

इस पेट्रोल पंप के हिंदुस्तान से इन्हीं सब ताल्लुकात को लेकर हनीप्रीत के यहां होने की बात ने जोर पकड़ी. पेट्रोल पंप मालकिन के पंजाब से जुड़े तारों के चलते ऐसी खबरें भी थी कि उनका डेरे से संबंध है और ऐसी भी अटकलें लगाई गई कि पंप मालकिन ने हनीप्रीत को अपने घर में छिपा रखा है. लेकिन विजया अधिकारी इन तमाम आरोपों को सिरे से नकार रही हैं. उनका कहना है कि हनीप्रीत नामक किसी महिला को नहीं जानती हैं.

हनीप्रीत अब चाहे विराटनगर में हो या पोखरा या सुनसरी या फिर नेपाल में कहीं और, है तो हिंदुस्तानी एजेंसियों के राडार पर. हरियाणा पुलिस का दावा है कि उसका नेटवर्क उसे हनीप्रीत के पल-पल के मूवमेंट की खबर दे रहा है. हनीप्रीत की आजाद उड़ान खत्म होने की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है. हालांकि, भारत और नेपाल की एजेंसियों को एक शक ये भी है कि खुद को घिरता देख हनीप्रीत नेपाल से चीन सीमा में दाखिल हो सकती है.

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