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कहां हैं नॉर्थ कोरिया के शासक किम जोंग उन, क्या सच में गंभीर है उनकी हालत?

दुनिया के बड़े-बड़े अखबारों में जिस खबर की चर्चा है, वो है किम जोंग उन कहां हैं? किस हाल में हैं? मगर इस खबर का सच क्या है. क्या वाकई में पिपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया के सुप्रीम लीडर मार्शल किम जोंग उन की मौत हो चुकी है. अगर नहीं और किम जिंदा हैं तो क्या उनकी हालत बेहद नाजुक है?

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कुछ साल पहले भी किम अचानक कहीं गायब हो गए थे
कुछ साल पहले भी किम अचानक कहीं गायब हो गए थे

  • नॉर्थ कोरिया पर लगी हैं पूरी दुनिया के नजरें
  • क्या सच में ब्रेन डेड हो चुके हैं किम जोंग उन

पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया के मार्शल किम जोंग उन के बारे में पिछले एक हफ्ते से एक खबर पूरी दुनिया में सुर्खियां बनी हुई हैं. ये खबर किम की मौत, किम की गंभीर बीमारी और किम के ब्रेन डेड होने के बारे में है. अलग-अलग खबरों में दावा किया जा रहा है कि किम जोंग उन की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. दुनिया के कुछ बड़े मीडिया हाउस ने तो ये तक खबर चला दी है कि दिल की बीमारी की वजह से हुई सर्जरी के बाद वो ब्रेन डेड हो चुके हैं. पर सवाल ये है कि क्या वाकई उत्तर कोरिया के मार्शल किम जोंग उन से जुड़ी ये खबरें सच हैं? या फिर कोरी अफवाह?

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दुनिया के बड़े-बड़े अखबारों में जिस खबर की चर्चा है, वो है किम जोंग उन कहां हैं? किस हाल में हैं? मगर इस खबर का सच क्या है. क्या वाकई में पिपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया के सुप्रीम लीडर मार्शल किम जोंग उन की मौत हो चुकी है. अगर नहीं और किम जिंदा हैं तो क्या उनकी हालत बेहद नाजुक है? क्या सच में नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर की कॉर्डियोवस्कुलर सर्जरी हुई है? क्या सर्जरी के बाद उनकी हालत बिगड़ गई? या फिर किम जोंग उन ब्रेन डेड हो चुके हैं?

दरअसल, पिछले हफ्ते सबसे पहले ये खबर अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन और एनबीसी के पत्रकारों ने ट्वीटर के जरिए दी. कहा गया कि उत्तर कोरिया के मार्शल किम जोंग उन की कॉर्डियोवस्कुलर सर्जरी चल रही थी और उसी दौरान वो कोमा में चले गए हैं. ये खबर आते ही नॉर्थ कोरिया के पड़ोसी मुल्कों साउथ कोरिया, जापान, चीन और यहां तक की अमेरिका में भी हड़कंप मच गया.

सीएनएन ने इस खबर के लिए नॉर्थ कोरिया के एक मीडिया हाउस और एक अमेरिकी अधिकारी का हवाला दिया. कहा गया कि ज्यादा सिगरेट पीने और देर रात तक काम करने के अलावा ओवरवेट होने की वजह से किम जोंग उन पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे. बताया गया कि उन्हें कार्डियोवस्कुलर की दिक्कत थी. जिसकी वजह से राजधानी प्योंगयांग से करीब 150 किमी दूर ह्यांगसान के एक विला में उनकी हार्ट सर्जरी हुई. हालांकि सर्जरी के बाद सब कुछ ठीक था. लेकिन अचानक कुछ दिन पहले डॉक्टरों की एक टीम जब उनके चेकअप के लिए दोबारा वहां पहुंची तो उन्हें मार्शल की हालत ठीक नहीं लगी. बताया गया कि वो ब्रेन डेड होने की वजह से कोमा में चले गए हैं.

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आपको यहां ये साफ कर दें कि इन खबरों पर सौ फीसदी यकीन करना इसलिए मुश्किल है. क्योंकि एक तो ये खबर उत्तर कोरिया से है. वो भी उनके सुप्रीम लीडर मार्शल किम जोंग उन के बारे में. यूं भी उत्तर कोरिया के अंदर की खबर निकालना और उसकी पुष्टि करना तकरीबन नामुमकिन सा है. वो इसलिए क्योंकि वहां का मीडिया पूरी तरह से सरकार के चंगुल में है. लिहाजा इस खबर के सामने आते ही दुनिया की तमाम बड़ी खुफिया एजेंसियां सच्चाई की तह तक पहुंचने में लग गईं.

करीब दो से तीन दिन की मशक्कत के बाद दुनिया की तकरीबन सारी खुफिया एजेंसियों ने इस खबर को नकारा दिया या कहें वो इसकी सच्चाई तक पहुंच ही नहीं पाए. पिपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया के विदेश मंत्रालय ने खुद इस खबर को अफवाह करार दिया. जिसके फौरन बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के दफ्तर ने भी इससे इनकार करते हुए साफ किया कि ये रिपोर्ट्स ना तो सच हैं. और ना ही उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन दिल की सर्जरी के बाद गंभीर रूप से बीमार हैं. खुद किम जोंग उन के नए-नए दोस्त बने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीएनएन के पत्रकार को झिड़कते हुए इसे फेक न्यूज करार दिया.

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मगर एक सवाल अभी भी बना हुआ था वो ये कि अगर सब कुछ ठीक है तो फिर किम जोंग उन हैं कहां हैं और क्यों वो 11 अप्रैल के बाद से नॉर्थ कोरिया के सामने नहीं आए. आखिरी बार किम 11 अप्रैल को सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की राजनीतिक ब्यूरो की बैठक की अध्यक्षता करते नजर आए थे. बैठक में कोरोनो वायरस महामारी के खिलाफ उन्होंने सख्त कदम उठाने की हिदायत दी थी. मीडिया में इस मीटिंग की तस्वीर भी आईं. मगर फिर किम जोंग उन नजर नहीं आए.

ना ही 15 अप्रैल को वो अपने दादा किम इल-सुंग की 108 वीं जयंती पर हुए समारोह में दिखे. जिन्हें वो अपना रोल मॉडल भी मानते हैं और हर बार उनकी जयंती में शामिल जरूर होते हैं. लिहाजा यहीं से ये खबर कहिए या अफवाह कहिए. फैलनी शुरु हुई. मगर इस घटना ने एक सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या दुनिया को किम जोंग उन की सेहत की और उनके उत्तराधिकारी की चिंता करनी चाहिए.

क्या दुनिया को भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की तरह नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर की चिंता करनी चाहिए. यकीनन इस बात की फिक्र होनी चाहिए. क्योंकि ये सिर्फ मार्शल किम जोंग उन की बात नहीं है बल्कि उत्तर कोरिया का मसला है. मगर इस बारे में बात करने से पहले हमें किम की सेहत की खबर की सच्चाई में जाने की कोशिश करनी चाहिए. क्योंकि ये पहली बार नहीं है कि जब नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर की सेहत के बारे में ऐसी अफवाहें उड़ी हों. इससे पहले भी ऐसी खबरें आती रही हैं. हालांकि तब भी ये खबरें कोरी अफवाह तो साबित नहीं हुईं थी. उनमें कुछ तो सच था.

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मसलन साल 2014 में भी करीब 4 हफ्तों के लिए उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन दुनिया की नजरों से ओझिल थे. तब भी ये खबर आई थी कि किम कई बीमारियों से एक साथ जूझ रहे हैं. और तब भी उत्तर कोरिया ने आधिकारिक तौर पर ऐसी खबर का खंडन किया था. लेकिन अचानक 30 दिनों के बाद वो सामने आते हैं. और तब उनके हाथों में एक छड़ी थी.

एना फिफील्ड ने अपनी किताब द ग्रेट सक्सेसर में लिखा कि तब उनकी नी-रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई थी. क्योंकि वो चल भी नहीं पा रहे थे. और इसीलिए जब वो लौटे तो उनके हाथों में एक वॉकिंग स्टिक थी. इतना ही नहीं अप्रैल 2018 में दक्षिण कोरिया में दोनों देशों के बीच हुई समिट में जब उन्हें 65 साल के मून जाए इन के साथ एक पेड़ पर मिट्टी डालनी थी. तब भी इसका असर दिख रहा था. सिर्फ पेड़ों में मिट्टी डालने भर से उनकी सांसे फूलने लगीं थीं और उनका चेहरा लाल हो गया था.

एना फिफील्ड ने अपनी इसी किताब में लिखा कि जब मार्शल किम जोंग उन साउथ कोरिया गए थे. तो साउथ कोरियन डॉक्टर्स ने उनकी बॉडी को दूर से एनालाइज किया. तो पाया कि 5 फीट 7 इंच लंबाई और करीब 135 किलो के किम का बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स 45 से 46 था. जो इनकी हाइट के हिसाब से काफी खराब माना जाता है.

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बहरहाल, पिछली बार तो 30 दिन बाद मार्शल किम फिर से नजर आ गए थे. मगर इस बार अब तक उनके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है. साउथ कोरिया के सेजॉन्ग इंस्टीट्यूट में सेंटर फॉर नॉर्थ कोरियन स्टडीज के डॉयरेक्टर चियॉन्ग सियॉन्ग चैंग के मुताबिक नॉर्थ कोरिया में संस्थापक किम इल संग की जयंती में ना शामिल होना ईशनिंदा माना जाता है. और इसमें खुद मार्शल किम का शामिल ना होना यकीनन इस बात की तरफ इशारा कर रहा है कि बात बड़ी है. जिसके बाद ही डेली एनके नाम की वेबसाइट ने ये खबर छापी कि कॉर्डियोवस्कुलर सर्जरी की वजह से मार्शल किम जोंग ह्यांगसान में हैं. जिस खबर को आधार बनाते हुए अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन ने बताया कि सर्जरी के बाद मार्शल की हालत नाजुक बनी हुई है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरह न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने भी फौरन इस खबर का खंडन कर दिया.

11 अप्रैल के बाद से नॉर्थ कोरिया के मार्शल किम जोंग उन भले ना नजर आए हों. मगर इस बीच सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में उनकी पर्सनल ट्रेन पिछले एक हफ्ते से देश के पूर्वी तट पर उनके परिसर में खड़ी हुई दिखाई दी है. ये तस्वीरें उत्तर कोरिया संबंधी मामलों के अध्ययन में महारत रखने वाली वेबसाइट '38 नॉर्थ' ने जारी की हैं. हालांकि ये तस्वीरें मार्शल की सेहत के बारे में कोई इशारा नहीं कर रही हैं. लेकिन ये इस बात की तरफ इशारा जरूर कर रही हैं कि किम राजधानी प्योंगयांग से बाहर रह रहे हैं.

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