scorecardresearch
 

बाराबंकी गैंगरेपः मामले को दबाने की कोशिश कर रही पुलिस, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़िता के पिता ने कहा कि पुलिस हमलोगों पर दबाव बना रही है. हमारे घर के लोगों को पकड़ कर ले गई है. लगातार परेशान किया जा रहा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पिता बोले- परिवार को परेशान कर रही पुलिस
  • मां ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
  • बसपा नेताओं ने परिजनों से की मुलाकात

हाथरस के बाद अब बाराबंकी की गैंगरेप पीड़िता के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बाराबंकी में एक नाबालिग दलित युवती के साथ गैंगरेप के बाद धान के खेत में उसकी हत्या कर दी गई थी. अर्धनग्न शव मिलने के बाद परिजन रेप की आशंका जता रहे थे, लेकिन पुलिस मामले को दबाने में जुटी रही. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को इस केस में रेप की धारा बढ़ानी पड़ी थी.

पीड़िता के पिता ने कहा कि पुलिस हम लोगों पर दबाव बना रही है. हमारे घर के लोगों को पकड़ कर ले गई है. लगातार परेशान किया जा रहा है. जबरदस्ती अंगूठा लगवा लिया. उन्होंने कहा कि हमारी लड़की भी मर गई और हम पर पुलिस अत्याचार भी कर रही है. मृतका के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर जल्द अंतिम संस्कार करने के लिए दबाव बनाया था.

मृतका की मां ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मामला दबाने की कोशिश में है. बाराबंकी गैंगरेप पीड़िता की मां ने कहा कि किसी ने आकर पति को बेटी का शव पड़े होने की सूचना दी. जब उन्होंने शव देखा, तब रात के 8 बज रहे थे. उसके साथ बर्बरता की गई थी. बेटी के हाथ-पैर बंधे थे. उसके चेहरे और गले पर भी खरोंच के निशान थे. पीड़िता की मां के मुताबिक उसके कपड़े फटे हुए थे और वह अर्धनग्न हालत में थी.

देखें: आजतक LIVE TV

मां ने कहा कि बिटिया धान काटने को बोल कर गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. मां ने कहा कि हमें नहीं मालूम कि इस मामले में क्या मामला दर्ज हुआ और पुलिस ने क्या कहा. मैं बेसुध थी. उन्होंने यह भी कहा कि न तो प्रशासन से कोई आया और न ही कोई मदद मिली. पुलिस ने परिवार के लोगों से भी पूछताछ की. मां के मुताबिक पुलिस ने रिश्तेदारों के कुछ लड़कों को भी पकड़ा था, जिन्हें पूछताछ के बाद देर रात छोड़ दिया गया.

वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी बाराबंकी पहुंचकर पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की. लखनऊ सेक्टर प्रभारी सुरेश गौतम के नेतृत्व में पहुंचे बसपा नेताओं ने परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली और न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी. बसपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल में विजय गौतम, कमला गौतम, इक्ष्वाक मौर्य, दिग्विजय सिंह शामिल थे.

गौरतलब है कि बाराबंकी घटना को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार पर हमला बोला था. यूपी कांग्रेस ने भी ट्वीट कर बाराबंकी की घटना को भयावह बताया था. कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा था कि पुलिस परिजनों पर दबाव बना रही है. ये जंगलराज है. महिलाओं की सुरक्षा का हाल एकदम बुरा है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लल्लू ने भी सरकार को घेरते हुए कहा है कि यूपी में दलितों पर अत्याचार चौतरफा बढ़ा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार सामंती सोच को शह देने में जुटी है. गौरतलब है कि बाराबंकी में धान काटने गई किशोरी का शव अर्धनग्न अवस्था में दूसरे खेत से मिला था. शव जिस हाल में मिला था, उसे देखते हुए परिजनों ने रेप के बाद हत्या की आशंका जताई थी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि हुई है.

(बाराबंकी से रेयान के इनपुट के साथ)

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें