देश कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा है. तमाम कोशिशों के बावजूद वायरस का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच कुछ जगहों से अव्यवस्थाओं की खबरें भी सामने आ रही हैं. बढ़ते केसों के साथ अस्पतालों में बेड की कमी की शिकायत आम होती जा रही है. वहीं यूपी के बलरामपुर जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया जिसने इंसान की संवेदनहीनता का चेहरा सामने ला दिया.
बता दें कि इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें एक शव के साथ की गई संवेदनहीनता साफ-साफ नजर आ रही थी. वीडियो में सड़क पर पड़े अधेड़ के शव के साथ इस हद तक अमानवीयता हुई कि उसे नगर पालिका के एक डंपर पर लाद दिया गया. इस दौरान वहां कुछ पुलिस वाले भी मौजूद नजर आ रहे थे. माना जा रहा है कि अधेड़ के उस शव के साथ ऐसा दुर्व्यवहार कोरोना संक्रमण के डर की वजह से किया था. कोतवाली उतरौला क्षेत्र के कस्बे में हुई इस घटना को लेकर एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं.
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तीन पुलिस वाले और चार नगर पालिका कर्मचारी हुए निलंबित
घटना से संबंधित पुलिस की तरफ से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि कल 10 जून को जनपद बलरामपुर के तहसील उतरौला गेट के पास समय करीब 5:00 बजे शाम को अनवर अली पुत्र बकरीदी उम्र करीब 45 वर्ष निवासी ग्राम सहजौरा थाना सादुल्लानगर जनपद बलरामपुर का शव मिला था. पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्रवाई कर शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया.
प्रेस नोट में आगे कहा गया है कि आज 11 जून को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टि्वटर/फेसबुक/यूट्यूब आदि पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें नगरपालिका के कर्मचारीगण द्वारा उपरोक्त मृतक के शव को कूड़ा ढोने वाली गाड़ी में रखा जा रहा है तथा वहां पर एक उपनिरीक्षक एवं दो आरक्षी भी उपस्थित हैं. ये बहुत ही संवेदनहीन कृत्य है.
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प्रकरण की वीडियो का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी बलरामपुर एवं पुलिस अधीक्षक बलरामपुर द्वारा इसकी संयुक्त जांच एसडीएम उतरौला और सीओ उतरौला को दी गयी है. उपरोक्त वीडियो में दिख रहे पुलिस के एक उपनिरीक्षक रविन्द्र कुमार रमन, दो आरक्षियों शुभम पटेल और शैलेन्द्र शर्मा तथा चार नगर पालिका के कर्मचारियों को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.