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राजस्थान के अस्पतालों में 25% बेड कोरोना मरीजों के लिए रहेंगे आरक्षित

राजस्थान में अब 60 या उससे अधिक बेड वाले प्राइवेट अस्पतालों में 25 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित रहेंगे. यह आदेश कल यानी 9 अप्रैल से लागू हो जाएगा.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गहलोत सरकार ने लिया फैसला
  • 9 अप्रैल से लागू होगा नया आदेश

राजस्थान में कोरोना के बढ़ते मामले की बीच गहलोत सरकार ने नया आदेश जारी किया है. अब 60 या उससे अधिक बेड वाले प्राइवेट अस्पतालों में 25 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित रहेंगे. यह आदेश कल यानी 9 अप्रैल से लागू हो जाएगा. राज्य में कोरोना के बढ़ते मामले और बेड की कमी को लेकर फैसला किया गया है.

राजस्थान सरकार ने आदेश दिया कि 9 अप्रैल से 60 या अधिक बेड वाले निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों के लिए 25% बेड आरक्षित करने होंगे. आईसीयू में भी 25% बेड को कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित करना होगा. इससे पहले 2 अप्रैल को जारी आदेश के अनुसार, निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए 10% बेड आरक्षित किए जाने थे.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी. गहलोत ने मोदी से आग्रह किया कि वैक्सीनेशन की उम्र सीमा को खत्म करके 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए कोरोनोवायरस टीकाकरण जल्द ही सुनिश्चित करें. अभी 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए कोरोनावायरस टीकाकरण की अनुमति दी गई है.

अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने पहले कोरोना टीकाकरण के संबंध में केंद्र सरकार से आयु सीमा हटाने को कहा था. 

सीएम गहलोत ने कहा था, 'कोरोना तेजी से बढ़ा है, इसे रोकने के लिए सभी का टीकाकरण किया जाना चाहिए, मैं प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि वे आयु सीमा हटाकर टीकाकरण की अनुमति दें. निजी चिकित्सा संस्थानों में टीकाकरण की अनुमति दी जानी चाहिए.'

 

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