दिल्ली के पॉश इलाकों में शुमार वसंतकुंज में रहने वाली एक लेडी डॉक्टर ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित हो गई थीं, जिन्हें वाईएमसीए आइसोलेशन सेंटर में क्वारनटीन किया गया था. इलाज के बाद ठीक होकर डॉक्टर घर लौट आईं. हालांकि, घर लौटने के बाद पड़ोस में रहने वाले लोगों को कोरोना का डर सताने लगा. इसे लेकर सोसाइटी के ही एक शख्स ने डॉक्टर को वहां नहीं रहने के लिए कहा.
लेडी डॉक्टर अरुणा आसफ अली अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट के पद पर हैं. डॉक्टर का कहना है कि जब वे लौटी तो सोसाइटी का एक शख्स आकर गेट पर तेज-तेज चीखने लगा और कहा कि अब वो यहां नहीं रह सकती हैं. डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने शख्स को बताया कि उनकी दोनों रिपोर्ट नेगेटिव आई है और अब वो बिल्कुल ठीक हैं.
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हालांकि, शख्स मानने को तैयार नहीं था और उसने घर का गेट बाहर से बंद कर दिया, ताकि वो घर से बाहर ना आ सकें. डॉक्टर ने बताया जब कोरोना पॉजिटिव होने के बाद क्वारनटीन सेंटर ले जाने के लिए एंबुलेंस आई थी तब सोसोइटी के लोगों ने मेरा वीडियो भी बनाया था.
शिकायत की कॉपी
डॉक्टर का कहना है कि वो अकेले रहती हैं इसलिए वो डर गई थीं. इसके बाद उन्होंने अस्पताल की हेड को इस घटना की जानकारी दी. अस्पताल की हेड ने पुलिस से फोन कर मदद की गुहार लगाई. इसके बाद वसंतकुंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और डॉक्टर को घर से निकाला.
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लेडी डॉक्टर अरुणा आसफ अली अस्पताल में हैं और कोरोना संदिग्धों का सैंपल अलग-अलग अस्पतालों में जाकर कलेक्ट करती थीं. डॉक्टर का कहना है कि जिस तरह का व्यवहार इनके साथ हुआ उससे डरी हुई हैं. फैमिली देश से बाहर रहती है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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