मुंबई में बढ़ रहे कोरोना केस के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने नया फैसला लिया है. अब मुंबई के सभी लाइसेंस प्राप्त डॉक्टरों को कोविड ड्यूटी करने के लिए कहा गया है. अगर वह कोविड अस्पतालों में ड्यूटी करने से इनकार करते हैं तो उनके लाइसेंस को कैंसिल किया जा सकता है.
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय और अनुसंधान की ओर से सोमवार को जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि मुंबई में सभी पंजीकृत डॉक्टरों को कोविड अस्पतालों में कम से कम 15 दिन की ड्यूटी में करनी है. अगर वह इनकार करते हैं तो कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. हालांकि, 55 साल से अधिक आयु के चिकित्सकों को छूट दी गई है.
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करीब 25,000 पंजीकृत डॉक्टरों को अब कोविड अस्पताल में काम करने की अपनी इच्छा और पसंद की जगह के बारे में जवाब देना होगा. उनको मुंबई में कोविड रोगियों के इलाज में मदद के लिए कहा गया है. मुंबई में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और मरीजों की कुल संख्या 10 हजार के करीब पहुंच गई है.
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अगर कोई डॉक्टर प्रतिक्रिया नहीं देता है तो इसे एमसीआई की आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा और महामारी अधिनियम 1897 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. दरअसल, कोविड मरीजों का इलाज कर रहे कई डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ संक्रमित हो चुके हैं. ऐसे में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
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बीते 24 घंटे में मुंबई में 26 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि 635 नए मरीज सामने आए हैं. मुंबई में कोरोना के मरीजों की संख्या करीब 10 हजार पहुंचने वाली है. 387 मरीजों की जान जा चुकी है. वहीं, महाराष्ट्र में कोरोना का मीटर 15 हजार को पार कर चुका है,जबकि वायरस 617 लोगों की जान ले चुका है.