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Healthgiri: कोरोना की दूसरी लहर आयी तीसरी भी जरूर आएगी, क्यों बोले डॉ. महेश शर्मा?

डॉ. महेश शर्मा ने कहा ये बात सच है कि पहली लहर के बाद दूसरी लहर के दौरान हम चिकित्सक, ब्यूरोक्रेट्स, शासन प्रशासन मानसिक रूप से तैयार नहीं थे कि ऐसा होगा. अन्यथा रेमडेसिविर जैसी दवाइयों की कमी और ऑक्सीजन की कमी नहीं होती. इन चीजों की कमियां हुईं हमें स्वीकारना चाहिए.

कोरोना की तीसरी लहर पर क्या बोले महेश शर्मा (फोटो- आजतक) कोरोना की तीसरी लहर पर क्या बोले महेश शर्मा (फोटो- आजतक)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना की तीसरी लहर जरूर आएगी
  • दूसरी लहर के दौरान कई लोगों की गई जान

दूसरी लहर के दौरान कोरोना ने देश में भारी तबाही मचाई. अस्पतालों में बेड्स की कमी, ऑक्सीजन की कमी की वजह से कितने ही मरीजों की जान चली गई. ऐसे में लोगों को डर सता रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर तो नहीं आएगी? इंडिया टुडे हेल्थगीरी अवॉर्ड्स 2021 के कार्यक्रम में गौतमबुद्ध नगर के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि जब कोरोना आयो तो हम बिल्कुल तैयार नहीं थे. दूसरी लहर आयी, तीसरी लहर आने वाली है. जाहिर सी बात है हमने सबक सीखा. अब बहुत कुछ तैयार कर चुके हैं. पूरा देश और देश के साथ साथ 130 करोड़ भारतीय भी अब मानसिक रूप से शारीरिक रूप से तैयार कर चुके हैं. मीडिया के लोग भी आगाह करते रहते हैं. इससे हम तैयारी करने का मौका मिला.

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम ध्यान करें 25 मार्च का दिन जब थाली-ताली बजाई गई. कभी दिए जलाए गए, लोग उसपर हंसे थे कि कोरोना आ रहा है और हम दिए जला रहे हैं. लेकिन उसी चीज ने हमें वह मौका दिया है कि हम खुले वातावरण में बैठे हैं. मास्क हटाने की हिम्मत बढ़ गई है. वरना छह महीने पहले मास्क हटाने की कोई हिम्मत नहीं कर पाता था. आज हम बहुत तैयार हैं. पिछली घटनाओं से हमने बहुत कुछ सीखा है.

डॉ. महेश शर्मा ने कहा ये बात सच है कि पहली लहर के बाद दूसरी लहर के दौरान हम चिकित्सक, ब्यूरोक्रेट्स, शासन प्रशासन मानसिक रूप से तैयार नहीं थे कि ऐसा होगा. अन्यथा रेमडेसिविर जैसी दवाइयों की कमी और ऑक्सीजन की कमी नहीं होती. इन चीजों की कमियां हुईं हमें स्वीकारना चाहिए. लेकिन सही समय पर सरकार ने फैसले लेकर बहुत कुछ बर्बाद होने से बचा लिया. वहीं तीसरी लहर को लेकर बीजेपी सांसद ने कहा कि ईश्वर ना करें कि तीसरी लहर आए. लेकिन हमें ध्यान रखना होगा कि तीसरी लहर जरूर आएगी. इसलिए हमें तैयार रहना चाहिए. वायरस में म्यूटेशन एक नेचुरल प्रोसेस है.

 

तीसरी लहर जरूर आएगी. इसका समय भी हमलोगों ने अक्टूबर, दिसंबर कैलकुलेट किया है. कहा गया कि बच्चों को लिए ज्यादा खतरनाक हो सकती है, क्यों? इसका कारण है. 16 जनवरी को पहला वैक्सीनेशन लगा था. मैं देश का पहला डॉक्टर सांसद था जिसे पहले वैक्सीन लगी. उस वक्त 28 दिन का शेड्यूल था. एक महीने बाद मैंने दूसरी वैक्सीन लगाई. उसके एक दो महीने बाद मुझे कोविड हो गया. नवंबर अक्टूबर महीने तक बूस्टर लगवाने की जरूरत होगी. क्योंकि तब तक इम्युनिटी कम हो जाएगी. 


 

 

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