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कोरोना: दिल्ली हाईकोर्ट में सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम के इस्तेमाल पर लगा बैन

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि फिलहाल कोरोना वायरस से निपटने का यही एक कारगर तरीका है कि सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम को भी बंद कर दिया जाए.

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दिल्ली हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
दिल्ली हाईकोर्ट (फाइल फोटो)

  • इस सीजन हाईकोर्ट के अंदर इस्तेमाल नहीं होगा सेंट्रलाइज्ड एसी
  • कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने लिया फैसला

देश भर में कोरोना वायरस के खतरा के देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने तय किया है कि इस सीजन में कोर्ट के अंदर एसी का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम से संक्रमण के बढ़ते खतरा के मद्देनजर कोर्ट ने ये फैसला लिया है. कोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट प्रांगण में सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम को बंद ही रखा जाएगा.

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह फैसला उस याचिका पर सुनाया है, जिसमें उन इमारतों में सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम ना चलाने की मांग की गई थी, जहां पर लोग अभी भी आवश्यक सेवाओं के लिए काम कर रहे हैं.

मौजूद लोग हो सकते हैं संक्रमण का शिकार

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि फिलहाल कोरोना वायरस से निपटने का यही एक कारगर तरीका है कि सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम को भी बंद कर दिया जाए. कई रिपोर्ट में यह सामने आया है कि अगर कोरोना से संक्रमित व्यक्ति सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम में काम कर रहा है, तो उसके साथ मौजूद वो लोग भी संक्रमण के शिकार हो सकते हैं, जो सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन कर रहे हैं. रिसर्च बताती है कि संक्रमित व्यक्ति के ड्रॉपलेट्स अगर हवा के जरिए एसी तक पहुंचते हैं, तो सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम से आने वाली हवा से बाकी भी संक्रमित हो सकते हैं.

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जजों की स्पेशल कमेटी ने सेंट्रलाइज्ड एसी के चलते कोविड-19 संक्रमण को लेकर बेहद गंभीरता से रिपोर्ट तैयार की है. इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है सेंट्रलाइज्ड एसी के वेंटिलेशन के लिए कोर्ट में कुछ और नए रास्तों को खोजना होगा. इसके अलावा पंखों का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन कोविड-19 के संक्रमण से कोर्ट को बचाना बेहद आवश्यक है.

केंद्र सरकार ने जारी की थी गाइडलाइन

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष केसी मित्तल की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी. इस याचिका पर केंद्र सरकार ने अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा कि उन्होंने एसी के संचालन की सरकारी इमारतों में इस्तेमाल को लेकर 24 अप्रैल को एक गाइडलाइन भी जारी की है.

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दिल्ली हाईकोर्ट में फिलहाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 6 बेंच कार्यरत है. जज भले ही अपने घरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामलों की सुनवाई कर रहे हैं, लेकिन इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को कराने की जिम्मेदारी कोर्ट स्टाफ पर ही होती है. दिल्ली हाईकोर्ट में इस वक्त 30 फीसदी से ऊपर स्टाफ अभी भी कार्यरत हैं और उनकी सुरक्षा को देखते हुए कोर्ट ने सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम को बंद रखने का आदेश दिया है.

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