कल बड़ा ऐलान होने वाला है, जो सीधे आपके होम लोन या ऑटो लोन की ईएमआई पर असर डाल सकता है. दरअसल, बुधवार को शुरू हुई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक के रिजल्ट (MPC Meet Results) कल आएंगे. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा इसमें लिए गए तमाम फैसलों की घोषणा करेंगे और अगर इस बार फिर से ब्याज दरों या Repo Rate में कटौती की जाती है, तो इसका सीधा असर Loan EMI में कमी के रूप में देखने को मिल सकता है.
कल RBI गवर्नर करेंगे रेपो रेट पर ऐलान
देश का आम बजट (Union Budget) पेश हो चुका है और इसके साथ ही भारत-अमेरिका ट्रेड डील भी डन होने का ऐलान किया जा चुका है. इस सबके बीच हो रही आरबीआई एमपीसी बैठक चर्चा में है कि क्या 6 फरवरी शुक्रवार को RBI Governor Sanjay Malhotra एक बार फिर रेपो रेट कट का तोहफा देकर लोन लेने वालों को ईएमआई में राहत देंगे या फिर लगातार कई कटौती के बाद अब कटौती का सिलसिला रुक जाएगा.
एक्सपर्ट जता रहे ये उम्मीदें
पीटीआई के मुताबिक, Repo Rate को लेकर एक्सपर्ट की अलग-अलग राय सामने आ रही है. कुछ का मानना है कि केंद्रीय रिजर्व बैंक उधार लागत को कम करने के लिए एक और बार ब्याज दर में कटौती का फैसला ले सकता है और लोन लेने वालों को तोहफा दे सकता है. वहीं कुछ बीते 2025 में एक के बाद एक कई कटौतियां किए जाने के बाद अब ब्याज दरों में किसी भी तरह का कोई कोई बदलाव नहीं किए जाने की बात कहते नजर आ रहे हैं.
BOFA ग्लोबल रिसर्च की हालिया रिपोर्ट को देखें, तो इसमें अनुमान जाहिर करते हुए बताया गया है कि RBI द्वारा ब्याज दरों में कटौती का दौर फिलहाल खत्म होता नजर आ रहा है यानी Repo Rate में कटौती की उम्मीद कम है. इसके पीछे वजह India-US Trade Deal का डन होने माना जा रहा है और कहा जा रहा है कि जब अनिश्चितता कम होती है और ग्रोथ के नए रास्ते खुलते हैं और सेंट्रल बैंक वेट एंड वॉच स्ट्रैटजी का रुख करते हैं. हालांकि, अन्य रिपोर्ट्स में एक्सपर्ट के हवाले से ये भी कहा जा रहा है कि ग्रोथ रेट की रफ्तार को बनाए रखने के लिए रिजर्व बैंक एक बार फिर इसे 25 BPS घटा सकता है.
रेपो रेट घटा, तो सस्ता होगा Loan
रेपो रेट (Repo Rate) दरअसल, वह दर होती है, जिस पर किसी देश का केंद्रीय बैंक कॉमर्शियल बैंकों को पैसा उधार देता है, इसे पूरी तरह से भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ही कंट्रोल किया जाता है. लोन पर इसके असर की बात करें, आरबीआई द्वारा इसे घटाने पर बैंकों को सस्ती दर पर लोन मिलता है और वे इसका लाभ ग्राहकों को भी देते हैं, जिससे रेपो रेट से जुड़े तमाम लोन सस्ते हो जाते हैं और उनकी EMI कम हो जाता है.
2025 में ऐसे घटता गया रेपो रेट
बता दें कि मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य शामिल होते हैं और ये आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता में हर दो महीने में होती है. बीते वित्त वर्ष में लगातार रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कटौती करते हुए इसे घटाया था और ये कम होकर 5.25% पर आ चुका है. बीते दिसंबर महीने में हुई एमपीसी बैठक में आखिरी बार 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई थी. इससे पहले करीब 5 साल के बाद फरवरी 2025 में इसे 6.50% से 6.25% किया गया था. इसके बाद अप्रैल में फिर ब्याज दर 0.25% घटाई गई, जून में तो इसमें सीधे 0.50% कटौती की गई और फिर दिसंबर की कटौती को जोड़कर कुल रेपो रेट 1.25% कम हुआ था.