देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड को देखते हुए सभी ऑटोमोबाइल कंपनियां इस सेगमेंट में उतरने लगी हैं. कुछ कंपनियों की गाड़ियों की भारी डिमांड भी है. इलेक्ट्रिक कार के साथ इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स (EV Two Wheelers) की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में अगर आप ई-टू व्हीलर्स खरीद रहे हैं, तो इसके इंश्योरेंस (Insurance) से जुड़े काम बेहद ही ध्यान से पूरा करें. सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ाव देने के लिए सब्सिडी प्रदान कर रही है, क्योंकि ये गाड़ियां प्रदूषण पर काबू पाने में कारगर साबित हो रही हैं.
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का पीरियड
अगर आप अपने टू व्हीलर का इंश्योरेंस कराने वाले हैं, तो कुछ जरूरी बातों का खास ध्यान रखें. इलेक्ट्रिक टू व्हीलर के लिए इंश्योरेंस प्रोसेस और टिक बॉक्स ठीक वैसा ही है, जैसा की पेट्रोल टू व्हीलर्स के लिए होता है. अगर आप पहली बार इलेक्ट्रिक टू व्हीलर खरीदने जा रहे हैं, तो इस बात का खास ध्यान रखें कि थर्ड पार्टी के इंश्योरेंस की अवधि पांच साल की हो.
क्या होता है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस
कोई नया वाहन खरीदते हैं, तो फिर उसका थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (Third Party Insurance) कराना बेहद जरूरी होता है. ये इंश्योरेंस भले ही गाड़ी मालिक को किसी तरह का कोई कवर नहीं देता है, लेकिन उस वाहन से किसी भी सड़क दुर्घटना के दौरान चोटिल होने वाले व्यक्ति को बीमा कवर मिलता है.
ऐड ऑन का ध्यान रखें
टू व्हीलर का इंश्योरेंस लेते वक्त ऐड ऑन पर भी ध्यान रखना चाहिए. इसमें आप डेप्रिसिएशन कवर और इनवॉयस कवर को जोड़ सकते हैं. डेप्रिसिएशन कवर खर्च को कम करता है और साथ ही वाहन के किसी भी पार्ट में हुए नुकसान की पूरी तरह से भरपाई करता है.
बैटरी कवर
इसके अलावा कुछ इंश्योरेंस कंपनियां टू व्हीलर की बैटरी पर भी कवर प्रदान करती हैं. इसमें बैटरी की सेफ्टी के साथ पानी से खराब होने का कवर भी शामिल होता है. इंश्योरेंस लेते वक्त आपको इन सभी चीजों का खास ध्यान रखना चाहिए. अगर आपको ये सारे कवर मिल रहे हैं, तो इस तरह के इंश्योरेंस लेने पर विचार कर सकते हैं.
अलग-अलग हो सकती है बीमा प्रीमियम की राशि
मौजूदा समय में कई सारी इंश्योरेंस कंपनियां इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स का इंश्योरेंस पॉलिसी प्रदान कर रही हैं. इसलिए आपको सभी पॉलिसी को बेहद ध्यान से देखना चाहिए. अगर आप अपने इलेक्ट्रिक वाहन में सिर्फ बैटरी का बीमा कराना चाहते हैं, तो इसे गाड़ी की इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ ऐड ऑन में कवर कर सकते हैं. इस बात का भी ध्यान रखें कि भौगोलिक स्थिति और वाहन के प्रकार के आधार पर बीमा के प्रीमियम की राशि बदल सकती है.