भारत और यूरोपीय संघ के बीच सबसे बड़ा ऐतिहासिक समझौता हो गया है. इसे 'Mother Of All Deals' कहा जा रहा है. मंगलवार को भारत-ईयू की ओर से इसका औपचारिक ऐलान कर दिया गया. इस मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) के तहत यूरोप से आने वाले कई जरूरी सामान अब काफी सस्ते हो जाएंगे, क्योंकि इनपर लागू टैरिफ या तो खत्म हो जाएगा या फिर काफी कम कर दिया जाएगा. अब बड़ा सवाल ये है कि डील फाइनल होने के बाद क्या कल से ही सस्ता सामान मिलने लगेगा, तो इसे लेकर कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल पहले ही तस्वीर साफ कर चुके हैं. आइए जानते हैं.
भारत-EU में हुई 'मदर ऑफ ऑल डील'
भारत-यूरोपीय यूनियन के बीच डील डन होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच हुआ ये समझौता सिर्फ एक ट्रेड एग्रीमेंट भर नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का ब्लू प्रिंट है. इससे यूरोपीय यूनियन में अब नए अवसर खुलेंगे और सर्विस सेक्टर समेत अन्य क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी.
वहीं एफटीए के औपचारिक ऐलान के बाद EU काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कॉस्टा ने इसे ऐतिहासिक समझौता करार दिया और कहा कि भारत और हम मिलकर आगे बढ़ेंगे. यूरोपीय आयोग की चेयरमैन उर्सुला वॉन ने कहा कि हमने 'Mother Of All Deal' कर ली है.
FTA में क्या-क्या हो जाएगा सस्ता?
ये व्यापार समझौता बहुत व्यापक है और इसके तहत क्या-क्या सामान सस्ता होगा, जो यूरोपीय देशों से भारत में आता है. तो इसका सबसे बड़ा फायदा ऑटोमोबाइल सेक्टर को होने वाला है, क्योंकि डील के तहत भारत यूरोपीय कारों पर टैरिफ को धीरे-धीरे घटाकर 10% कर देगा. इसके अलावा भारत में आने वाले करीब 90% से अधिक यूरोपीय देशों के सामानों पर लगने वाले शुल्क समाप्त या कम कर दिए जाएंगे.
मशीनरी पर अभी 44% और केमिकल पर 22%, जबकि दवाओं पर लगभग 11% टैरिफ लगता है और इनमें से ज्यादातर शुल्क समाप्त कर दिए जाएंगे. बीयर पर टैरिफ कम होकर 50%, शराब पर 40% और कार-कमर्शियल व्हीकल पर घटते-घटते 10% तक होगा.
इसके अलावा कई सामानों पर टैरिफ खत्म भी किया जाएगा. इनमें मशीनरी पर लागू 44%, केमिकल्स पर 22% तक शुल्क, दवाओं और मेडिकल प्रोडक्ट्स पर 11% तक के टैरिफ को काफी हद तक खत्म किया जाएगा. इसके अलावा एयरक्राफ्ट और स्पेसक्रॉफ्ट पर टैरिफ को जीरो (Zero Tariff) किया जाएगा. इसके अलावा फ्रूट जूस और प्रोसेस्ड फूड पर टैरिफ हटा दिया गया है.
कब से मिलने लगेगा सस्ता सामान?
अब बताते हैं कि आखिर इस ऐतिहासिक समझौते का असर कब से देखने को मिलेगा और कब से लोगों को सस्ता सामान मिलने लगेगा. तो कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने इसे लेकर बड़ा अपडेट देते हुए सोमवार को बता दिया था कि डील फाइनल होने के बाद इसे अगले साल तक लागू किया जा सकता है. वहीं कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई ऐसे सामान भी इस समझौते में शामिल हैं, जिन पर जीरो टैरिफ या टैरिफ कटौती का लाभ मिलने में पांच या अधिक साल लग सकते हैं.