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ग्लोबल संकेतों से जारी है सोने और चांदी में गिरावट

ग्लोबल मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का रुझान हफ्ते के पहले कारोबारी दिन जारी रहा. विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते घरेलू बाजार में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. पिछले 16 सालों में पहली बार सोने की कीमतों में लगातार 6 हफ्ते से गिरावट देखने को मिल रही है.

File Image: गोल्ड बार File Image: गोल्ड बार

ग्लोबल मार्केट में सोने चांदी की कीमतों में गिरावट का रुझान हफ्ते के पहले कारोबारी दिन जारी रहा. विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते घरेलू बाजार में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 70 रुपये फिसलकर 25230रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है, वही चांदी 100 रुपये गिरकर 34200 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई है.

16 साल में सबसे लंबी अवधि की गिरावट
पिछले 16 सालों में सोने के भाव में पहली बार लगातार 6 हफ्ते गिरावट दर्ज होने के बाद 7वें हफ्ते की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. बीते शुक्रवार को सोना जहां गिरावट के साथ बंद हुआ वहीं 7वें हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भी सोने की कीमत में गिरावट जारी है. एनएसी ज्वेलर्स के प्रबंध निदेशक एन अनंत पद्मनाभन ने कहा, 'कीमत में वर्ष 2000 और 2001 में लगातार गिरावट दर्ज की गई थी. उसके बाद यह सबसे लंबी अवधि की लगातार गिरावट है.'

कमजोर वैश्विक रुख से चांदी 0.35 फीसदी टूटी
वैश्विक बाजारों में नरमी के रुख के बीच सटोरियों के सौदे काटने से सोमवार वायदा बाजार में चांदी 0.35 फीसदी टूटकर 34,660 रुपये प्रति किलो पर आ गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में दिसंबर डिलीवरी के लिए चांदी का भाव 123 रुपये या 0.35 फीसदी घटकर 34,660 रुपये प्रति किलो पर आ गया और इसमें 29 लाट में कारोबार हुआ. इसी तरह, सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी का भाव 100 रुपये या 0.29 फीसदी घटकर 33,925 रुपये प्रति किलो पर आ गया और इसमें 1,615 लाट में कारोबार हुआ.

अभी जारी रहेगी गिरावट
मद्रास ज्वेलर्स एंड डायमंड मर्चेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जयंतीलाल चल्लानी ने कहा, 'कीमतों में गिरावट जारी रहेगी. वैश्विक कीमत जब प्रति औंस करीब 1,080 डॉलर की खनन लागत के बराबर हो जाएगी, तब यह स्थिर हो सकती है, क्योंकि तब खनन कंपनियां उत्पादन रोक देगी.'

छठे हफ्ते सोने का कारोबार
बाजार के जानकारों के मुताबिक कमजोर वैश्विक रूख के बीच आभूषण निर्माताओं और फुटकर कारोबारियों ने सोने में और गिरावट आने की उम्मीद में लिवाली से हाथ खींच लिया. दिल्ली में सोना 99.9 और 99.5 शुद्धता के भाव शुरू में क्रमश: 25490 और 25340 रू प्रति दस ग्राम मजबूत खुले और लिवाल समर्थन के अभाव में सप्ताह के मघ्य में यह क्रमश: 25090 रू और 24940 रू तक लुढ़कने के बाद सप्ताह के अंतिम सत्र में लिवाली समर्थन मिलने से शुरूआती हानि कुछ कम होकर अंत में 100 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 25300 रुपये और 25150 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए. गिन्नी के भाव 100 रुपये टूटकर 22200 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए.

अप्रैल-मई में सोने का आयात 61 फीसदी बढ़ा
देश का सोने का आयात चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-मई की अवधि में 61 फीसदी बढ़कर 155 टन रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में गिरावट व रिजर्व बैंक द्वारा अंकुश में ढील से सोने का आयात बढ़ा है. इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में सोने का आयात 96 टन रहा था.

घटा चालू खाते का घाटा
भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक है, जो मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करता है. सोने का आयात बढ़ने से देश का चालू खाते का घाटा (कैड) प्रभावित होता है. वस्तुओं और सेवाओं के आयात का मूल्य निर्यात मूल्य से अधिक होना कैड कहलाता है. वित्त वर्ष 2014-15 में कैड घटकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 1.3 फीसदी (27.5 अरब डालर) पर आ गया. 2013-14 में यह जीडीपी का 1.7 फीसदी (32.4 अरब डालर) था.

-एजेंसी इनपुट

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